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Kargil विजय दिवस 2026 जमशेदपुर में 30 युद्ध वीरों वीर नारियों और प्रतिभाशाली बच्चों का हुआ सम्मान

On: July 27, 2026 7:18 PM
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जमशेदपुर: Kargil विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर की ओर से बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन सभागार में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम देशभक्ति, वीरता और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत रहा। समारोह में कारगिल युद्ध के 579 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा युद्ध वीरों, वीर नारियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों एवं नागरिकों को सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर 450 से अधिक पूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर देश के वीर सैनिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों से सभागार गूंजता रहा।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं पूर्व सैनिकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा भारत माता एवं वीर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू, राजकुमार सिंह, शिव शंकर सिंह, मानस मिश्रा (पूर्व जीएम, टाटा मोटर्स), सी.एस. झा, सूबेदार अमरनाथ, नायब सूबेदार सुभाष चंद्र दास सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

दीप प्रज्ज्वलन के बाद सभी ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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30 युद्ध वीरों एवं वीर नारियों का किया गया सम्मान

समारोह का मुख्य आकर्षण कारगिल युद्ध से जुड़े 30 युद्ध वीरों एवं वीर नारियों का सम्मान रहा। परिषद की ओर से सभी सम्मानित अतिथियों को शॉल, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में प्रमुख रूप से हवलदार मानिक वर्धा, रणेश शरण सहित अनेक युद्ध वीर एवं वीर नारियां शामिल थीं। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और उनके अदम्य साहस एवं बलिदान को नमन किया।

प्रतिभाशाली बच्चों और समाजसेवियों को भी मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों एवं नागरिकों को भी सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में हर्षित कुमार सिंह, मास्टर विश्वजीत सिंह, मास्टर विष्णु कुमार यादव, सुश्री हर्षिता समद, सुश्री मुस्कान कुमारी, मास्टर कुंदन सिंह, मास्टर अंशुमन शर्मा, रीतेश कुमार, आकाश सिंह, अनिता सिंह तथा मंजीत कौर प्रमुख रूप से शामिल रहे।

परिषद ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित करने का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रति प्रेरणा जगाना है।

भारतीय सेना के शौर्य को किया गया नमन

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का प्रतीक है। पाकिस्तान की नापाक हरकतों का भारतीय सैनिकों ने जिस वीरता से जवाब दिया, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

उन्होंने कहा कि परिषद लगातार सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को समाज में मजबूत बनाने के लिए कार्य करती रहेगी।

राष्ट्रहित सर्वोपरि रखना हर नागरिक का कर्तव्य सत्येंद्र कुमार सिंह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय सेना अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का प्रथम कर्तव्य राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश के वीर सैनिकों के सम्मान को बनाए रखना होना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से देश सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।

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कारगिल युद्ध के अनुभव सुन भावुक हुआ सभागार

कार्यक्रम के दौरान गणेश वंदना, देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, नाटक तथा वीर रस की कवितियों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।

इस अवसर पर कारगिल युद्ध के नायक हवलदार मानिक वर्धा ने युद्ध के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मनों को परास्त किया।

उनके अनुभवों को सुनकर पूरा सभागार भावुक हो उठा और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मुख्य अतिथियों ने सैनिकों के साहस को बताया प्रेरणास्रोत

मुख्य अतिथि अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस अद्वितीय शौर्य और वीरता का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के फौलादी इरादों के सामने पाकिस्तान की सेना को करारी हार का सामना करना पड़ा।

वहीं टाटा मोटर्स के जीएम जीवराज संधू ने कहा कि भारतीय सेना के साहस और बलिदान का सम्मान पूरी दुनिया करती है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के त्याग के कारण ही देश सुरक्षित है।

राजकुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने विजय प्राप्त कर देश का गौरव बढ़ाया और विश्वभर में भारत का मान सम्मान ऊंचा किया।

देशभक्ति के नारों से गूंज उठा सभागार

कार्यक्रम का सफल संचालन के. के. ओझा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मनोज कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।

पूरे समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने “भारत माता की जय वंदे मातरम् और “वीर शहीद अमर रहें” के नारे लगाकर वीर सैनिकों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

सामाजिक संगठनों का मिला भरपूर सहयोग

इस भव्य समारोह को सफल बनाने में राष्ट्रचेतना, अभ्युदय, नरेश मोहन स्मृति संस्थान, क्रीड़ा भारती, एबीवीपी, सैन्य मातृशक्ति, विश्व हिंदू परिषद, जय हिंद क्लब, दुर्गा वाहिनी, सनातन उत्सव समिति सहित अनेक सामाजिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

इस अवसर पर चंद्रशेखर जी, सुभाष, दीपक शर्मा, उमेश शर्मा, अनुपम, संजय सिंह, शैलेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Kargil विजय दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। जमशेदपुर में आयोजित यह सम्मान समारोह देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की प्रेरणा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बना। युद्ध वीरों, वीर नारियों और प्रतिभाशाली बच्चों के सम्मान ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया तथा यह संदेश दिया कि देश अपने वीरों के त्याग को कभी नहीं भूल सकता।

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