मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

जो सुर-ताल में समन्वय बिठा लेते हैं वे जीवन में आगे बढ़ जाते हैं Saryu Roy

On: July 26, 2026 7:02 PM
Follow Us:
Add A Heading 26
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

---Advertisement---
Netaji Advertisement

जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति का भी सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि जो लोग सुर और ताल में समन्वय स्थापित करना सीख लेते हैं और जिनका कंठ उनका साथ देता है, वे जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

वे अपने बारीडीह स्थित कार्यालय में ‘धुन आर्ट एंड म्यूजिक’ संस्था द्वारा स्थापित संगीत प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने संगीत के महत्व, भारतीय संस्कृति में उसकी भूमिका तथा नई पीढ़ी को संगीत शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर विस्तार से अपने विचार रखे।

संगीत परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग है

अपने संबोधन में सरयू राय ने कहा कि संगीत केवल कला नहीं बल्कि ईश्वर तक पहुंचने का एक माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ संगीत साधना करता है, तो उसका मन एकाग्र होता है और वह आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में संगीत का विशेष स्थान है। प्राचीन काल से ही संगीत को साधना और उपासना का माध्यम माना गया है। चाहे भजन हों, कीर्तन हों या शास्त्रीय संगीत, हर स्वर में ईश्वर की अनुभूति छिपी होती है।

पश्चिम बंगाल में संगीत को मिलता है विशेष महत्व

सरयू राय ने कहा कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में लगभग हर घर में संगीत को विशेष महत्व दिया जाता है। वहां बच्चों को बचपन से ही गायन और वाद्य यंत्रों की शिक्षा दी जाती है, जिससे उनकी प्रतिभा का बेहतर विकास होता है।

उन्होंने कहा कि संगीत केवल एक शौक नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित और संवेदनशील बनाने वाली कला है। यदि बच्चों को कम उम्र से ही संगीत की शिक्षा मिले तो उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आता है।

वाद्य यंत्रों के बिना संगीत अधूरा

उन्होंने संगीत प्रशिक्षण केंद्र के संचालक चंदन की सराहना करते हुए कहा कि वे केवल गायन ही नहीं, बल्कि विभिन्न वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण भी देंगे।

सरयू राय ने कहा कि संगीत में गायन और वादन दोनों का समान महत्व है। यदि वाद्य यंत्र न हों तो संगीत की प्रस्तुति अधूरी प्रतीत होती है। इसलिए बच्चों को गायन के साथ-साथ तबला, हारमोनियम, गिटार, कीबोर्ड और अन्य वाद्य यंत्रों का भी प्रशिक्षण मिलना चाहिए।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए एक बेहतर मंच साबित होगा।

आज के संगीत पर भी जताई चिंता

कार्यक्रम के दौरान सरयू राय ने वर्तमान दौर के संगीत पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज का संगीत पहले की तुलना में काफी बदल गया है।

उन्होंने कहा कि आज कई गीतों में न सुर का संतुलन दिखाई देता है और न ही ताल का अनुशासन। केवल तेज आवाज और आधुनिक तकनीक के सहारे गीत लोकप्रिय हो रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग ऐसे संगीत को पसंद करते हैं और उस पर झूमते हैं। उन्होंने इसे संगीत की अद्भुत शक्ति बताया।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुराने दौर का मधुर और सुरीला संगीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है और उसकी लोकप्रियता कभी कम नहीं होगी।

सात सुरों से बना है पूरी दुनिया का संगीत

सरयू राय ने कहा कि संगीत प्रकृति का अनमोल उपहार है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा, जो कभी न कभी गुनगुनाता न हो। संगीत मनुष्य के स्वभाव में ही शामिल है।

उन्होंने कहा कि संगीत के केवल सात सुर—सा, रे, ग, म, प, ध, नि हैं, लेकिन इन्हीं सात सुरों से दुनिया भर की अनगिनत धुनें और रचनाएं तैयार होती हैं। यही संगीत की सबसे बड़ी विशेषता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इन सात सुरों की सही समझ विकसित कर ले, तो वह संगीत की किसी भी विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है।

बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा संस्थान

सरयू राय ने उम्मीद जताई कि ‘धुन आर्ट एंड म्यूजिक’ संस्था के माध्यम से क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि संगीत बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, रचनात्मक सोच और सकारात्मक ऊर्जा का विकास करता है। ऐसे संस्थानों की आवश्यकता समाज में लगातार बढ़ रही है, क्योंकि ये केवल कला नहीं सिखाते बल्कि संस्कार भी देते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएंगे।

गैर-व्यावसायिक विद्यालय खोलने की जताई इच्छा

कार्यक्रम के दौरान सरयू राय ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी एक महत्वपूर्ण योजना साझा की। उन्होंने कहा कि वे नर्सरी से कक्षा पांच तक बच्चों के लिए एक विद्यालय शुरू करना चाहते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विद्यालय का उद्देश्य व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना होगा।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में केवल सामान्य और न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें।

विकास सिंह से किया शिक्षण कार्य का आग्रह

सरयू राय ने इस अवसर पर विकास विद्यालय के विकास सिंह से आग्रह किया कि वे प्रस्तावित विद्यालय में बच्चों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षकों के सहयोग से ही एक आदर्श विद्यालय का निर्माण संभव है। यदि योग्य शिक्षक बच्चों को सही दिशा देंगे तो वे भविष्य में समाज और देश के लिए उपयोगी नागरिक बनेंगे।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी अशोक गोयल, वरिष्ठ समाजसेवी शिवशंकर सिंह, चंदन, विकास सिंह, कार्यालय प्रभारी अशोक कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक और संगीत प्रेमी मौजूद थे।

सभी ने संगीत प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

बारीडीह में ‘धुन आर्ट एंड म्यूजिक’ के संगीत प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन केवल एक संस्थान की शुरुआत नहीं, बल्कि समाज में संगीत और संस्कारों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विधायक सरयू राय ने संगीत को जीवन की सफलता, अनुशासन और आध्यात्मिक विकास का आधार बताते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही, नर्सरी से कक्षा पांच तक गैर-व्यावसायिक विद्यालय खोलने की उनकी घोषणा शिक्षा और समाज सेवा के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को भी दर्शाती है। संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल आने वाले समय में क्षेत्र के बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

और पढ़ें

Add A Heading 25

दोनों घुटनों का सफल प्रत्यारोपण Netaji सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान

Add A Heading 24

Mango नगर निगम की मनमानी के खिलाफ कल हल्ला बोल सरयू राय के नेतृत्व में होगा विशाल धरना

Add A Heading 23

इस बार 21 नवंबर को होगी Ramarcha पूजा गुरु पूर्णिमा की जगह देवउठान एकादशी पर होगा आयोजन

Add A Heading 22

करीम सिटी कॉलेज में Drug मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन

Add A Heading 19 2

बी.पी.एम. स्कूल में कैच द रेन अभियान विद्यार्थियों ने जल संरक्षण का दिया संदेश वर्षा Water संचयन अपनाने की अपील

Add A Heading 18 2

Raksha Bandhan पर डाक विभाग की खास पहल टाटानगर आरएमएस में मात्र ₹10 में मिलेंगे आकर्षक राखी लिफाफे 24×7 बुकिंग सुविधा भी उपलब्ध

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!