चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के Hatgamharia थाना क्षेत्र के जयपुर गांव में हुए चर्चित हत्या कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के छोटे भाई और चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, फायर बुलेट का पिलेट तथा एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार पारिवारिक विवाद, प्रेम विवाह को लेकर नाराजगी और जमीन के मुआवजे की राशि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे मतभेद इस हत्या की मुख्य वजह बने।
13 जुलाई को हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार 13 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के जयपुर गांव निवासी शंकर लागुरी को गोली मार दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, जहां शंकर लागुरी गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल कुमारकुंगी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर किया गया। बाद में चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रांची भेज दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मृतक की पत्नी द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर Hatgamharia थाना कांड संख्या 18/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27/35 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) जगन्नाथपुर रफाएल मुर्मू के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
विशेष टीम ने की त्वरित कार्रवाई
विशेष जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र तथा वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इसी क्रम में 17 जुलाई को पुलिस ने विजय लागुरी (30) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान विजय लागुरी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, एक फायर बुलेट का पिलेट और दो जिंदा कारतूस बरामद किए।
इसके बाद पुलिस ने 18 जुलाई को मृतक के छोटे भाई महेन्द्र लागुरी (20) को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने भी हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि मृतक शंकर लागुरी ने दूसरी जाति की युवती से प्रेम विवाह किया था। इस विवाह को लेकर परिवार के कुछ सदस्य नाराज थे और इसी कारण परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था।
इसके अलावा जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में मिली राशि के बंटवारे को लेकर भी लंबे समय से परिवार के भीतर तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि इन्हीं दोनों कारणों ने आरोपियों के मन में गहरी नाराजगी पैदा कर दी, जो अंततः हत्या जैसी गंभीर घटना का कारण बनी।
जांच में सामने आया कि विजय लागुरी और महेन्द्र लागुरी अपने बड़े भाई शंकर लागुरी से लगातार विवाद में रहते थे और इसी रंजिश के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची।
पुलिस ने बरामद किए अहम साक्ष्य
पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक फायर बुलेट का पिलेट तथा एक मोबाइल फोन शामिल है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे मामले को न्यायालय में और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
घटना के बाद पुलिस द्वारा कम समय में मामले का खुलासा कर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया।
अधिकारियों ने कहा कि जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी तथा अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जांच अभी भी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या की योजना बनाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापामारी दल में शामिल रहे अधिकारी
इस सफल कार्रवाई में एसडीपीओ जगन्नाथपुर रफाएल मुर्मू, हाटगम्हरिया थाना प्रभारी उत्तम तिवारी, किशुन दास, सत्यलाल राम, सुकलाल टुड्डु, यदूनंदन महतो तथा हाटगम्हरिया थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा संभव हो सका।
Hatgamharia के जयपुर गांव में हुए इस हत्याकांड ने यह स्पष्ट कर दिया कि पारिवारिक विवाद और आपसी मतभेद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए न केवल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर मामले की जांच को मजबूत आधार दिया है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें और अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
















