जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आम जनता के साथ पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), अंचल निरीक्षक तथा सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान एसएसपी ने विभिन्न मामलों की प्रगति का आकलन करते हुए पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण तथा जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सबसे पहले सभी थाना प्रभारियों, अंचल निरीक्षकों एवं पुलिस उपाधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि उन्हें आवंटित सरकारी मोबाइल फोन किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं रहना चाहिए। एसएसपी ने कहा कि आम नागरिक अपनी शिकायत, सूचना या आपात स्थिति की जानकारी सरकारी मोबाइल नंबर के माध्यम से पुलिस तक पहुंचाते हैं। इसलिए सभी अधिकारी अपने सरकारी नंबर को सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को पुलिस से संपर्क करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


समीक्षा बैठक में पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि सभी थाना प्रभारी प्रत्येक पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन का कार्य सात दिनों के भीतर पूरा कर उसे संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
अपराधियों पर निगरानी को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया। एसएसपी ने कहा कि सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सीसीए (CCA), सर्विलांस प्रोसीडिंग, डोजियर तैयार करने तथा थाना हाजिरी की कार्रवाई समय पर प्रस्तावित की जाए। साथ ही दागी एवं गुंडा पंजी में दर्ज अपराधियों को नियमित रूप से थाना बुलाकर उनकी हाजिरी सुनिश्चित की जाए और भविष्य में अपराध से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी जाए।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने निर्देश दिया कि बलात्कार, महिला उत्पीड़न तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े सभी मामलों की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी कर आरोप-पत्र न्यायालय में समर्पित किया जाए तथा संबंधित आईआईएफ (IIF) फॉर्म में समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई। एसएसपी ने कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, मादक पदार्थों का कारोबार, अवैध बालू खनन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियां संचालित होती पाई गईं तो संबंधित थाना प्रभारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए। एसएसपी ने कहा कि अवैध आग्नेयास्त्र, प्रतिबंधित चाकू और अन्य हथियारों की बरामदगी के लिए लगातार एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जाए। पीसीआर, टैंगो और अन्य गश्ती वाहन किसी एक स्थान पर अधिक समय तक न रुकें तथा लगातार क्षेत्र में गश्त करते रहें। इसके अलावा बैंक, एटीएम, वित्तीय संस्थानों, ज्वेलरी दुकानों और पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला थाना प्रभारियों को पिंक पेट्रोलिंग के साथ स्वयं भी नियमित गश्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छेड़खानी, चेन स्नैचिंग एवं महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने तथा लोगों को कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ट्रैफिक पुलिस आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न करे। यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों, मॉडिफाइड साइलेंसर तथा ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए।
इसके अलावा साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए साइबर डीएसपी और साइबर थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सप्ताह स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। वहीं कम्युनिटी पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक सप्ताह गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

एसएसपी ने बैठक के अंत में स्पष्ट किया कि सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
















