जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सोशल मीडिया पर सक्रिय साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। जिला दण्डाधिकारी सह DM राजीव रंजन के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फेसबुक पर एक फर्जी आईडी (Dc Rajiv Ranjan) बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है और विभिन्न प्रकार के संदेश भी भेजे जाने की सूचना प्रशासन को मिली है।
प्रेस विज्ञप्ति संख्या 489/2026 (15 जुलाई 2026) के माध्यम से जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम ने स्पष्ट किया है कि यह आईडी पूरी तरह फर्जी है और नागरिकों को इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।
DM के नाम और फोटो का किया गया दुरुपयोग
जिला प्रशासन के अनुसार कुछ असामाजिक तत्वों ने उपायुक्त राजीव रंजन के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फेसबुक पर “Dc Rajiv Ranjan” नाम से नकली प्रोफाइल बनाई है। इस प्रोफाइल से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है तथा अलग-अलग प्रकार के संदेश भी भेजे जा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उपायुक्त किसी भी नागरिक से व्यक्तिगत फेसबुक अकाउंट के माध्यम से संपर्क नहीं करते हैं। इसलिए यदि किसी को इस प्रकार का कोई अनुरोध प्राप्त हो, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए।
जिला प्रशासन ने जारी की आधिकारिक चेतावनी
प्रशासन ने कहा कि उपायुक्त की ओर से कभी भी सोशल मीडिया के जरिए—
- फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजी जाती।
- आर्थिक सहायता या धनराशि की मांग नहीं की जाती।
- बैंक खाते की जानकारी नहीं मांगी जाती।
- व्यक्तिगत दस्तावेज या निजी जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहा जाता।
- किसी प्रकार का निजी अनुरोध नहीं किया जाता।
ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उपायुक्त के नाम से किसी प्रकार का संदेश भेजता है, तो उसे फर्जी मानकर तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए।
यदि फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो क्या करें?
जिला प्रशासन ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं ताकि वे साइबर अपराध का शिकार होने से बच सकें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- फर्जी फेसबुक प्रोफाइल से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- ऐसे किसी भी संदेश का जवाब न दें।
- अपनी बैंकिंग, आधार, OTP या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।
- संबंधित फेसबुक प्रोफाइल को तुरंत Report करें।
- आवश्यकता होने पर Block भी करें।
- किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
साइबर अपराध की आशंका होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी नागरिक को इस फर्जी आईडी से संदेश प्राप्त होता है या कोई आर्थिक अथवा व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम थाना या साइबर थाना में दें।
प्रशासन ने बताया कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और फर्जी प्रोफाइल संचालित करने वालों की पहचान की जा रही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ रहे हैं फर्जी प्रोफाइल के मामले
आज के समय में साइबर अपराधी अक्सर सरकारी अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम से नकली सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं।
इनका उद्देश्य लोगों का विश्वास जीतकर—
- पैसे की मांग करना,
- बैंक विवरण प्राप्त करना,
- OTP हासिल करना,
- व्यक्तिगत जानकारी चुराना,
- ऑनलाइन धोखाधड़ी करना होता है।
इसलिए किसी भी सोशल मीडिया प्रोफाइल की सत्यता जांचे बिना उस पर विश्वास करना खतरनाक हो सकता है।
जिला प्रशासन की नागरिकों से अपील
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें। किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल, संदेश या फ्रेंड रिक्वेस्ट के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति उपायुक्त या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के नाम से संपर्क करता है, तो पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
प्रशासन का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। नागरिक जितने सतर्क रहेंगे, साइबर ठगों के लिए लोगों को निशाना बनाना उतना ही कठिन होगा।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की यह चेतावनी सभी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उपायुक्त राजीव रंजन के नाम से बनाई गई फर्जी फेसबुक आईडी के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में नागरिकों को किसी भी संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेश पर विश्वास नहीं करना चाहिए। फर्जी प्रोफाइल को तुरंत रिपोर्ट करें और किसी भी प्रकार की निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















