जमशेदपुर: स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में Cleanliness और जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ULB Code 801781 के अंतर्गत जमशेदपुर शहर में “स्वच्छता अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान के तहत विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और विशेष रूप से डेंगू एवं मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देना है।
इसी अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को स्वच्छता का महत्व, मच्छरों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत विशेष जागरूकता अभियान
स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य केवल शहरों और गांवों को साफ-सुथरा बनाना ही नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है। मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए जमशेदपुर नगर क्षेत्र में “स्वच्छता अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान शुरू किया गया है।

इस अभियान के माध्यम से नागरिकों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को स्वच्छता अपनाने और अपने आसपास का वातावरण साफ रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विद्यालयों में आयोजित हुई विशेष कार्यशाला
अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से डेंगू से बचाव, मच्छरों की रोकथाम तथा स्वच्छता बनाए रखने के उपाय बताए गए।
विशेषज्ञों ने बच्चों को समझाया कि यदि वे अपने घर, स्कूल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
डेंगू से बचाव के लिए दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को डेंगू से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं।
घर और आसपास पानी जमा न होने दें
बच्चों को बताया गया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपते हैं। इसलिए घर, स्कूल और आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
यदि पानी जमा होगा तो मच्छर तेजी से बढ़ेंगे और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
एडीज मच्छर के जीवन चक्र की जानकारी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को एडीज (Aedes) मच्छर के जीवन चक्र के बारे में विस्तार से बताया गया।
उन्हें समझाया गया कि मच्छर का जीवन चार चरणों में पूरा होता है—
- अंडा (Egg)
- लार्वा (Larva)
- प्यूपा (Pupa)
- वयस्क मच्छर (Adult Mosquito)
यदि शुरुआती चरण में ही लार्वा को नष्ट कर दिया जाए तो मच्छरों की संख्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
लार्वा की पहचान कैसे करें?
कार्यशाला में बच्चों को यह भी सिखाया गया कि पानी में मौजूद मच्छरों के लार्वा की पहचान कैसे की जाती है।
उन्हें बताया गया कि यदि किसी पात्र में छोटे-छोटे कीड़े पानी की सतह पर तैरते दिखाई दें तो वह मच्छरों का लार्वा हो सकता है। ऐसे पानी को तुरंत खाली कर साफ करना चाहिए।
सप्ताह में एक दिन मनाएं ड्राई डे
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान “ड्राई डे” की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया।

बच्चों को बताया गया कि सप्ताह में कम-से-कम एक दिन—
- पानी की टंकियां खाली करें।
- कूलर साफ करें।
- गमलों की ट्रे का पानी बदलें।
- पुराने डिब्बे, टायर और अन्य पात्रों में जमा पानी हटाएं।
इस आदत से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सकता है।
पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह
विद्यार्थियों को मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और शरीर को अधिक से अधिक ढककर रखने की सलाह दी गई।
साथ ही मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम तथा अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने की भी जानकारी दी गई।
डेंगू के लक्षणों की पहचान
कार्यशाला में बच्चों को डेंगू के शुरुआती लक्षणों के बारे में भी बताया गया।
यदि किसी व्यक्ति को—
- तेज बुखार,
- सिरदर्द,
- आंखों के पीछे दर्द,
- शरीर या जोड़ों में दर्द,
- कमजोरी,
- त्वचा पर चकत्ते
जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
बच्चों ने लिया स्वच्छता का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
बच्चों ने वादा किया कि वे—
- स्वयं स्वच्छता अपनाएंगे।
- अपने परिवार को जागरूक करेंगे।
- पड़ोसियों को भी डेंगू से बचाव के उपाय बताएंगे।
- घर और स्कूल के आसपास पानी जमा नहीं होने देंगे।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
अधिकारियों ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से डेंगू जैसी बीमारियों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
यदि हर परिवार सप्ताह में एक दिन “ड्राई डे” मनाए और स्वच्छता बनाए रखे तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।

स्वच्छ जमशेदपुर स्वस्थ जमशेदपुर की दिशा में पहल
“स्वच्छता अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों में यह संदेश पहुंचाना है कि स्वच्छ वातावरण ही बेहतर स्वास्थ्य की सबसे मजबूत नींव है।
विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
विद्यालय स्तर पर आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों को केवल जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम भी बनाती हैं।
बच्चे अपने परिवार और आसपास के लोगों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
जमशेदपुर में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाया जा रहा “Cleanliness अपनाओ – बीमारी भगाओ” अभियान डेंगू और मानसून के दौरान फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, डेंगू से बचाव, लार्वा नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बना ले और नियमित रूप से अपने आसपास साफ-सफाई रखे, तो “स्वच्छ जमशेदपुर, स्वस्थ जमशेदपुर” का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकता है।




















