पूर्वी सिंहभूम: Malaria की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उपायुक्त राजीव रंजन ने जिले में चल रहे विशेष अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी प्रभावित क्षेत्रों में सर्विलांस, मलेरिया जांच, त्वरित उपचार, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) तथा जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर संदिग्ध मरीज की पहचान कर 24 घंटे के भीतर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
14 दिनों में 1.04 लाख से अधिक लोगों की हुई जांच
प्रेस वार्ता के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 तक जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), शहरी स्वास्थ्य केंद्रों तथा सदर अस्पताल में बड़े पैमाने पर मलेरिया जांच अभियान चलाया गया।
इस दौरान कुल 1,04,459 लोगों की जांच की गई। इनमें—
- 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT)
- 7,981 स्लाइड जांच
शामिल हैं। यह अभियान जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया गया।
1,895 Malaria मरीज मिले, पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के दौरान कुल 1,895 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए।
इनमें
- 1,491 पी. फाल्सीपेरम (PF)
- 353 पी. विवैक्स (PV)
- 51 मिश्रित (Mixed Infection)
के मामले सामने आए।
जिले की कुल मलेरिया पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे स्वास्थ्य विभाग लगातार कम करने का प्रयास कर रहा है।

पोटका, डुमरिया, मुसाबनी और घाटशिला सबसे अधिक प्रभावित
जिले में सबसे अधिक जांच पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई, जहां 24,657 लोगों की जांच हुई।
अन्य प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
- मुसाबनी – 15,150 जांच
- घाटशिला – 12,121 जांच
- डुमरिया – 11,060 जांच
मलेरिया पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी इन्हीं क्षेत्रों में सबसे अधिक दर्ज की गई।
- पोटका – 667 मरीज
- डुमरिया – 427 मरीज
- मुसाबनी – 344 मरीज
- घाटशिला – 212 मरीज
इन आंकड़ों को देखते हुए इन इलाकों में विशेष निगरानी, फोकस्ड सर्विलांस, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) तथा त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है।
सदर अस्पताल में पॉजिटिविटी दर अधिक, मानगो में नहीं मिला कोई मरीज
सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में 14.36 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई है। हालांकि इसका कारण यह है कि यहां सामान्य मरीजों के बजाय गंभीर एवं रेफर किए गए संदिग्ध मरीजों की जांच होती है।
वहीं राहत की बात यह रही कि अर्बन मानगो क्षेत्र में इस अवधि के दौरान मलेरिया का एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला।
इसके अलावा अर्बन बिरसानगर में केवल दो मरीज पाए गए हैं, जो शहरी क्षेत्रों में बेहतर नियंत्रण का संकेत माना जा रहा है।
छह लोगों की हुई मौत, प्रत्येक मामले की हो रही समीक्षा
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि इस अवधि में जिले में मलेरिया से कुल छह लोगों की मौत हुई है।
इनमें—
- चार मौतें सेरेब्रल मलेरिया (Cerebral Malaria) के कारण हुईं।
- दो मौतें मिश्रित संक्रमण (Mixed Infection) की वजह से हुईं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृत्यु की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि भविष्य में उपचार व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर जांच और सही इलाज मिलने से मलेरिया से होने वाली गंभीर जटिलताओं और मृत्यु को काफी हद तक रोका जा सकता है।
मीडिया से जनजागरूकता अभियान में सहयोग की अपील
प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने मीडिया प्रतिनिधियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि Malaria नियंत्रण अभियान को सफल बनाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने अनुरोध किया कि समाचार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जाए कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मलेरिया की जांच कराएं।

उन्होंने कहा कि सही समय पर सही जानकारी मिलने से लोग सतर्क होंगे और गंभीर मामलों में कमी आएगी।
जिलेवासियों से की सावधानी बरतने की अपील
उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। यदि बुखार आता है तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं।
उन्होंने लोगों से कहा कि अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करें, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए जा रहे इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) अभियान में सहयोग करें तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
प्रशासन और जनता के सहयोग से ही मलेरिया पर लगेगी रोक
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन Malaria नियंत्रण के लिए पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में लगातार सर्वे, जांच, उपचार और जागरूकता अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक भी समय पर जांच, स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण के उपाय अपनाएं तो मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सक्रिय सहयोग देकर पूर्वी सिंहभूम को मलेरिया मुक्त बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।



















