
जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज, जमशेदपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से आयोजित वार्षिक विशेष शिविर 2026 में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह अवसर केवल प्रमाण पत्र वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉलेज परिवार के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायी पल भी लेकर आया। इसी कार्यक्रम में कॉलेज के एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. आले अली के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें सम्मानपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई, जबकि महाविद्यालय के नव-नियुक्त एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शहबाज़ अंसारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम गरिमामय, प्रेरणादायी और भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें कॉलेज प्रशासन, शिक्षकगण, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर वक्ताओं ने एनएसएस की भूमिका, समाज सेवा के महत्व, डॉ. आले अली के योगदान और युवाओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
इस विशेष कार्यक्रम के मुख्य अतिथि करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ थे। उनके अलावा कार्यक्रम में नव-नियुक्त एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शहबाज़ अंसारी, एनएसएस कोऑर्डिनेटर सैयद साजिद परवेज, डॉ. आले अली, डॉ. उधम सिंह, वरिष्ठ एनएसएस स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का माहौल शुरू से ही उत्साह और सम्मान से भरा हुआ था। एक ओर वार्षिक विशेष शिविर के प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक सेवा देने वाले डॉ. आले अली के सम्मान में कॉलेज परिवार ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इस समारोह ने एनएसएस की उस परंपरा को भी मजबूत किया, जिसमें समाज सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और संवेदनशीलता को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है।
एनएसएस वार्षिक विशेष शिविर 2026 युवाओं में सेवा भावना जगाने का माध्यम
राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल छात्रों को सह-पाठयक्रम गतिविधियों से जोड़ना नहीं है, बल्कि उनमें समाज सेवा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना विकसित करना भी है। करीम सिटी कॉलेज द्वारा आयोजित एनएसएस वार्षिक विशेष शिविर 2026 इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर संपन्न किया गया।
इस शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान दिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का प्रयास किया। ऐसे शिविर छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक सामाजिक जीवन से जोड़ते हैं। वे सीखते हैं कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वंचित वर्गों के लिए क्या किया जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान करना केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उनके प्रयासों, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण को मान्यता देने का प्रतीक था। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ता है और वे भविष्य में भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित होते हैं।
डॉ. आले अली को विदाई सेवा, समर्पण और नेतृत्व को मिला सम्मान
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब कॉलेज के एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. आले अली को उनके सेवानिवृत्त होने पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। कॉलेज परिवार की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके वर्षों के योगदान, नेतृत्व और समाज सेवा के प्रति समर्पण को सम्मानित किया गया।
डॉ. आले अली का कार्यकाल केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने एनएसएस को समाज सेवा का एक सक्रिय और संवेदनशील मंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन जैसे कठिन दौर में उनका नेतृत्व कॉलेज और समाज दोनों के लिए प्रेरणादायी रहा।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. आले अली ने अपने कार्यकाल के दौरान स्वयंसेवकों को केवल कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित नहीं किया, बल्कि उन्हें समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने और संकट की घड़ी में आगे बढ़कर मदद करने की सीख भी दी। यही कारण है कि उनकी विदाई केवल एक औपचारिक समारोह नहीं रही, बल्कि यह कॉलेज परिवार की ओर से एक ऐसे शिक्षक और मार्गदर्शक को श्रद्धा और सम्मान देने का अवसर बन गई, जिसने सेवा को अपने कार्य का केंद्र बनाया।
कोविड-19 काल में डॉ. आले अली की भूमिका को सराहा गया
अपने संबोधन में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने डॉ. आले अली के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जब उन्होंने एनएसएस की जिम्मेदारी संभाली, उस समय पूरा देश कोविड-19 महामारी की कठिन चुनौती से जूझ रहा था। यह वह समय था जब लोग भय, असुरक्षा और अनिश्चितता के माहौल में जीवन बिता रहे थे। ऐसे दौर में समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुंचाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।
प्राचार्य ने कहा कि डॉ. आले अली ने इस कठिन समय में केवल दायित्व निभाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर जरूरतमंदों तक भोजन, राशन और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। यह कार्य केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं था, बल्कि मानवीय संवेदना और सेवा भावना का श्रेष्ठ उदाहरण भी था।
उन्होंने कहा कि डॉ. आले अली का यह योगदान कॉलेज परिवार के लिए गर्व का विषय है और उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। कोविड जैसे संकट काल में जिस तरह उन्होंने स्वयंसेवकों को संगठित किया और समाज सेवा को प्राथमिकता दी, वह एनएसएस की वास्तविक भावना को दर्शाता है।
एनएसएस कोऑर्डिनेटर ने लॉकडाउन के दौरान किए गए कार्यों को किया याद
कार्यक्रम में एनएसएस कोऑर्डिनेटर सैयद साजिद परवेज ने भी डॉ. आले अली के योगदान को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब पूरा शहर लगभग ठहर-सा गया था, तब डॉ. आले अली ने स्वयंसेवकों के साथ मिलकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री, राशन, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य किया।
उन्होंने बताया कि यह केवल राहत सामग्री बांटने का अभियान नहीं था, बल्कि यह मानवता, सहानुभूति और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल था। एनएसएस इकाई ने उस समय यह साबित किया कि छात्र और शिक्षक यदि संकल्प के साथ आगे आएं, तो वे समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।
सैयद साजिद परवेज ने कहा कि डॉ. आले अली के नेतृत्व में एनएसएस इकाई ने कॉलेज की सीमाओं से बाहर निकलकर समाज के बीच अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने छात्रों को यह सिखाया कि सेवा केवल भाषणों का विषय नहीं, बल्कि व्यवहार और कर्म का हिस्सा होनी चाहिए।

नव-नियुक्त प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शहबाज़ अंसारी का गर्मजोशी से स्वागत
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि महाविद्यालय के नव-नियुक्त एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शहबाज़ अंसारी का औपचारिक स्वागत किया गया। कॉलेज परिवार की ओर से उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
डॉ. शहबाज़ अंसारी के स्वागत के साथ कॉलेज ने यह संदेश भी दिया कि एनएसएस की सेवा-परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। डॉ. आले अली द्वारा स्थापित सेवा, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता की परंपरा को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब नए नेतृत्व के कंधों पर है।
इस अवसर पर यह उम्मीद भी जताई गई कि डॉ. शहबाज़ अंसारी के मार्गदर्शन में एनएसएस इकाई और अधिक सक्रिय, प्रभावी तथा समाजोन्मुखी भूमिका निभाएगी। कॉलेज प्रशासन और स्वयंसेवकों ने उनसे आशा व्यक्त की कि वे युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेंगे।
प्रमाण पत्र वितरण से बढ़ा स्वयंसेवकों का उत्साह
वार्षिक विशेष शिविर 2026 में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। प्रमाण पत्र प्राप्त कर छात्रों के चेहरे पर उत्साह और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा था। यह सम्मान उनके परिश्रम, अनुशासन, समयबद्धता और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सार्वजनिक स्वीकृति थी।
एनएसएस जैसे मंच पर छात्रों को मिलने वाला यह सम्मान उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे भी सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित होते हैं। कॉलेज स्तर पर ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह एहसास कराते हैं कि उनकी छोटी-छोटी कोशिशें भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
प्रमाण पत्र वितरण समारोह ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका उद्देश्य जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्रिय नागरिक तैयार करना भी है।

कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
इस गरिमामय समारोह का सफल संचालन आयुष अस्थाना ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाते हुए सभी वक्ताओं, अतिथियों और प्रतिभागियों को जोड़े रखा। वहीं, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शहबाज़ अंसारी ने प्रस्तुत किया।
धन्यवाद ज्ञापन में उन्होंने कॉलेज प्रशासन, प्राचार्य, अतिथियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही डॉ. आले अली के योगदान को याद करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और सफल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के समापन के साथ उपस्थित लोगों के मन में सेवा, सम्मान और प्रेरणा की गहरी छाप छोड़ गई।
एनएसएस की भावना को मजबूत करता ऐसा आयोजन
करीम सिटी कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम केवल प्रमाण पत्र वितरण या विदाई समारोह नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रीय सेवा योजना की मूल भावना—“समाज सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व विकास”—का जीवंत उदाहरण था। एक ओर छात्रों के योगदान को सम्मानित किया गया, तो दूसरी ओर एक ऐसे शिक्षक को विदाई दी गई, जिसने अपने कार्यकाल में सेवा को व्यवहार में उतारकर दिखाया।
डॉ. आले अली की विदाई, डॉ. शहबाज़ अंसारी का स्वागत और स्वयंसेवकों का सम्मान—इन तीनों आयामों ने इस कार्यक्रम को विशेष बना दिया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि शिक्षण संस्थान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के भी महत्वपूर्ण मंच होते हैं।
आज जब समाज में मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक जिम्मेदारियों और सामुदायिक सहयोग की जरूरत पहले से कहीं अधिक है, तब एनएसएस जैसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। करीम सिटी कॉलेज का यह आयोजन इसी दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा सकता है।
सेवा और सम्मान की संस्कृति को आगे बढ़ाता करीम सिटी कॉलेज
करीम सिटी कॉलेज में आयोजित यह समारोह कई मायनों में यादगार रहा। इसने एक ओर समाज सेवा में सक्रिय स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया, दूसरी ओर डॉ. आले अली जैसे समर्पित शिक्षक के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया। साथ ही, नए प्रोग्राम ऑफिसर के स्वागत के माध्यम से यह भरोसा भी मजबूत हुआ कि कॉलेज की एनएसएस इकाई भविष्य में भी समाज सेवा और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेगी।



















