
मनोहरपुर। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में मनोहरपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से मंगलवार को आम बिक्री स्टॉल का शुभारंभ किया गया। स्टॉल का उद्घाटन जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत यादव ने फीता काटकर किया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रंजीत यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित फलों और कृषि उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बिक्री स्टॉल किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और JSLPS की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे गांवों में रोजगार और आय के नए स्रोत विकसित होंगे तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम में आम उत्पादक दीदियों के साथ अनासूल दोरेया किसान उत्पादक संघ की सदस्याओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। महिलाओं ने अपने बागानों में तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले आमों की बिक्री और विपणन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि JSLPS के सहयोग से उन्हें उत्पादन, विपणन और बाजार उपलब्ध कराने में काफी मदद मिल रही है, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहले उत्पादों की बिक्री के लिए उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच बनने से उन्हें बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी।
JSLPS के सहयोग से संचालित यह आम बिक्री स्टॉल स्थानीय किसानों और महिला समूहों को बाजार से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल आम उत्पादकों को लाभ पहुंचाएगी बल्कि क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम में किसान उत्पादक संगठन की सदस्याओं, महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया












