
- दिल्ली एयरपोर्ट पर तेज आंधी का असर
- तेज हवाओं से खिसके ग्राउंड उपकरण
- एयर इंडिया के 3 विमानों को हुआ नुकसान
- मौसम चेतावनी पर उठे सवाल
- कई उड़ानों पर पड़ा प्रभाव
नई दिल्ली, 8 जून 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर परिचालन को प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसक गए और एयर इंडिया के तीन विमानों से टकरा गए, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा।

घटना के बाद तीनों विमानों को तकनीकी जांच और मरम्मत के लिए सेवा से बाहर कर दिया गया है। एयरलाइन सूत्रों के अनुसार एक विमान को अपेक्षाकृत अधिक क्षति पहुंची है, जिसके कारण उसे कुछ दिनों तक उड़ान संचालन से दूर रखा जाएगा, जबकि अन्य दो विमानों के जल्द सेवा में लौटने की संभावना है।
कैसे हुई घटना?
रविवार शाम दिल्ली में अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ आंधी आई। बताया जा रहा है कि शाम करीब 4:40 बजे एयरपोर्ट परिसर में हवाओं की गति अचानक बढ़ गई।
इसी दौरान टर्मिनल-2 के पार्किंग स्टैंड पर खड़े कुछ ग्राउंड सपोर्ट उपकरण तेज हवा के दबाव में अपनी जगह से खिसक गए। इनमें तकनीकी कार्यों में उपयोग होने वाली सीढ़ियां (स्टेप लैडर) और ट्रेस्टल जैसे उपकरण शामिल थे।
ये उपकरण हवा के दबाव में आगे बढ़ते हुए एयर इंडिया के तीन विमानों से टकरा गए, जिससे विमानों के बाहरी हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
तीनों विमान जांच के लिए ग्राउंडेड
घटना के तुरंत बाद एयरलाइन इंजीनियरिंग टीम ने प्रभावित विमानों का निरीक्षण शुरू कर दिया।
वर्तमान स्थिति
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| प्रभावित विमान | 3 |
| एयरलाइन | एयर इंडिया |
| स्थिति | जांच एवं मरम्मत जारी |
| एक विमान | कुछ दिनों तक सेवा से बाहर |
| दो विमान | जल्द संचालन में लौट सकते हैं |
तकनीकी विशेषज्ञ विमानों की संरचना, पंखों और बाहरी सतहों की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान सुरक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।
मौसम चेतावनी पर उठे सवाल
घटना के बाद एयरपोर्ट और एयरलाइन अधिकारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी को लेकर उठ रहा है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते तेज आंधी या तूफान की चेतावनी मिल जाती, तो एयरपोर्ट पर मौजूद सभी ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ बांधा या सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता था।
आमतौर पर खराब मौसम की अग्रिम सूचना मिलने पर एयरपोर्ट ऑपरेटर, एयरलाइंस और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां विशेष सावधानी बरतती हैं ताकि उपकरणों के कारण किसी विमान को नुकसान न पहुंचे।
ग्राउंड उपकरण कैसे बने खतरा?
हवाई अड्डों पर विमानों की सेवा के लिए कई प्रकार के उपकरण उपयोग किए जाते हैं। इनमें सीढ़ियां, बैगेज ट्रॉली, ट्रेस्टल, कार्गो लोडर और अन्य मशीनें शामिल होती हैं।
सामान्य परिस्थितियों में इन्हें सुरक्षित रूप से पार्क किया जाता है, लेकिन तेज हवाओं की स्थिति में यदि उपकरण पर्याप्त रूप से सुरक्षित न हों तो वे विमान के लिए खतरा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दुर्लभ होती हैं, लेकिन जब तेज हवाएं अचानक आती हैं तो जोखिम बढ़ जाता है।
एयर इंडिया के विमानों से जुड़े हालिया घटनाक्रम
दिल्ली एयरपोर्ट पर यह पहली बार नहीं है जब एयर इंडिया के विमान किसी असामान्य घटना से प्रभावित हुए हों।
इस वर्ष की शुरुआत में एयर इंडिया के एक आधुनिक वाइड-बॉडी विमान को भी एक अलग घटना का सामना करना पड़ा था। घने कोहरे के दौरान टैक्सींग करते समय विमान एक असुरक्षित रूप से रखे गए कार्गो कंटेनर से प्रभावित हुआ था।
हालांकि दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने एयरपोर्ट संचालन और ग्राउंड सेफ्टी प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
उड़ान संचालन पर असर
हालांकि इस घटना से किसी यात्री या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन विमानों को अस्थायी रूप से सेवा से बाहर किए जाने के कारण कुछ उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए यात्रियों को कम से कम असुविधा पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मरम्मत और निरीक्षण प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो जाती है तो अधिकांश प्रभावित उड़ानों का संचालन सामान्य हो जाएगा।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा की संभावना
घटना के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा और ग्राउंड ऑपरेशन प्रक्रियाओं की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।
संभावित जांच बिंदु:
- क्या मौसम परिवर्तन की जानकारी समय पर उपलब्ध थी?
- क्या ग्राउंड उपकरणों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित किया गया था?
- क्या तेज हवाओं की स्थिति के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद थे?
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं?
How alert Agile (6E ground handling co) staff ran to stop an @IndiGo6E stepladder just in time – 6.5 metres away from an @airindia ✈️ parked at @DelhiAirport T2 bay 206 on Sunday evening
There was no prior storm/bad weather warning, say IGIA and airlines https://t.co/inrJqMawHB pic.twitter.com/5fGnxqWcLt
— Saurabh Sinha (@27saurabhsinha) June 7, 2026
एविएशन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से सीख लेते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन और एयरलाइंस भविष्य में और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू कर सकती हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार शाम आए अचानक आंधी-तूफान ने विमानन सुरक्षा और मौसम संबंधी तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज हवाओं के कारण ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों के खिसकने से एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए और उन्हें जांच एवं मरम्मत के लिए अस्थायी रूप से सेवा से बाहर करना पड़ा।
हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना एयरपोर्ट संचालन में मौसम पूर्वानुमान और सुरक्षा प्रबंधन की अहम भूमिका को एक बार फिर उजागर करती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से नए कदम उठाए जाते हैं।










