
जमशेदपुर: राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सामाजिक समरसता और उत्कृष्टता के मूल्यों को समाज में सशक्त बनाने के उद्देश्य से Akhil भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं क्रीड़ा भारती, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को साकची स्थित जेएनएसी परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, खेल प्रेमियों, समाजसेवियों, युवाओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सायं 5:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना तथा समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पूर्व सैनिकों के योगदान, खेलों के महत्व तथा देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार रखे।
पूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर वक्ता
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिक केवल सीमा की सुरक्षा करने वाले योद्धा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सहभागी भी हैं। Akhil भारतीय सेना में वर्षों तक सेवा देने के बाद भी पूर्व सैनिक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों का अनुशासन, समर्पण और त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी पूर्व सैनिक समाज सेवा, युवा मार्गदर्शन, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा जागरूकता और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई देना चाहिए। यदि युवा अपने जीवन में अनुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें, तो भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि बनी चर्चा का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान भारतीय एथलेटिक्स में हाल ही में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह की रिकॉर्डतोड़ सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के एथलेटिक्स फेडरेशन कप में गुरिंदरवीर सिंह ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ मात्र 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसके साथ ही वे 100 मीटर स्पर्धा में 10.10 सेकंड की बाधा को पार करने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय खेल जगत की बढ़ती क्षमता और संभावनाओं का प्रतीक है। गुरिंदरवीर सिंह की सफलता यह संदेश देती है कि कठोर परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
खेल और राष्ट्र निर्माण का गहरा संबंध
कार्यक्रम में वक्ताओं ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता को विकसित करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, संघर्ष करने की क्षमता और जीतने का जज्बा विकसित होता है।
वक्ताओं ने युवाओं से खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ और सशक्त युवा ही विकसित भारत की नींव रख सकते हैं।
अनुशासन और समर्पण ही सफलता की कुंजी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्रीड़ा भारती झारखंड के महामंत्री राजीव कुमार ने कहा कि गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि और पूर्व सैनिकों के जीवन मूल्यों में एक अद्भुत समानता दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि दोनों ही उदाहरण हमें यह सिखाते हैं कि अनुशासन, समर्पण, कठिन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता सफलता के मूल आधार हैं। चाहे खेल का मैदान हो या देश की सीमा, उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इन्हीं मूल्यों की आवश्यकता होती है।
राजीव कुमार ने कहा कि आज के युवाओं को सोशल मीडिया और त्वरित सफलता के मोह से बाहर निकलकर अपने जीवन में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण को अपनाना होगा। तभी वे व्यक्तिगत और राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर सकेंगे।
युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा, विज्ञान, खेल, तकनीक और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाला देश है। यह युवा शक्ति यदि सकारात्मक दिशा में कार्य करे, तो देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य जल्द प्राप्त किया जा सकता है।
वक्ताओं ने युवाओं से समाज में सद्भाव, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का कार्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने पूर्व सैनिकों के अनुभवों को सुना और उनसे प्रेरणा ली।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को सकारात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना की सबसे अधिक आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं तथा युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। सभी ने यह भी संकल्प लिया कि वे समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर Akhil भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद से सत्येंद्र कुमार सिंह, जसवीर सिंह, नरसिंह सिंह, रमेश प्रसाद, राम बाबू, प्रकाश पटेल, विकास कुमार, परमहंस यादव, अजीत कुमार झा, मोहन दुबे, निरंजन शर्मा, एचएम भारती, संजय कुमार सिंह, एन.के. पाठक, डी.एन. सिंह, शशि भूषण सिंह, एन. धोखे, किशोर प्रसाद, योगेश कुमार सिंह एवं विजय कुमार सहित अनेक पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
वहीं क्रीड़ा भारती की ओर से सुभाष कुमार सहित कई पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी पहल
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक एकता और युवा सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और उत्कृष्टता के मूल्यों को और अधिक मजबूत किया जा सके।
यह आयोजन न केवल पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मान देने वाला रहा, बल्कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देने वाला एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित हुआ।








