
गम्हरिया: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई Soren ने बुधवार को सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बुरुडीह में स्वर्णरेखा नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित पुल का शिलान्यास किया। यह पुल बुरुडीह को कान्दरबेड़ा से जोड़ेगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

पुल शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने पुल निर्माण को क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
घंटों का सफर अब मिनटों में होगा पूरा
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई Soren ने कहा कि स्वर्णरेखा नदी पर पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को चांडिल एवं जमशेदपुर जाने में काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
उन्होंने कहा कि पुल निर्माण पूरा होने के बाद चांडिल और जमशेदपुर (NH-33) तक का सफर घंटों के बजाय कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
क्षेत्र में डिग्री कॉलेज निर्माण की भी घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के युवाओं के लिए एक और बड़ी सौगात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस इलाके में एक डिग्री कॉलेज को स्वीकृति दी गई है, जिसका निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कॉलेज बनने से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से छात्राओं को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें घर के नजदीक ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
चम्पाई सोरेन ने कहा कि शिक्षा और सड़क विकास किसी भी क्षेत्र की प्रगति का आधार होते हैं और उनकी प्राथमिकता हमेशा ग्रामीण इलाकों के विकास पर रही है।

मुख्यमंत्री रहते हुए दी थी योजनाओं को स्वीकृति
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने इस पुल सहित कई सड़क एवं विकास योजनाओं को स्वीकृति दी थी। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जब ये सभी योजनाएं पूरी हो जाएंगी, तब पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सड़क, पुल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।
ग्रामीणों में दिखा उत्साह
पुल शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि लोग इस परियोजना को लेकर काफी उत्साहित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस पुल की मांग की जा रही थी और अब इसका निर्माण शुरू होने से लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दिनों में स्वर्णरेखा नदी पार करना बेहद कठिन हो जाता था। कई बार लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे मरीजों, छात्रों और कामकाजी लोगों को काफी परेशानी होती थी। पुल बनने से इन समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा।
ये लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, रामदास टुडू, बबलू नाथ सोरेन, गुरुप्रसाद महतो, वृहस्पति मंडल, रघुनाथ मंडल, डॉक्टर मुर्मू, भीम हांसदा, पवित्र मंडल, राम हांसदा, मनसा मुर्मू, रतन सोरेन समेत सैकड़ों ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
बुरुडीह-कान्दरबेड़ा पुल का निर्माण क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे गम्हरिया प्रखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क और पुल व्यवस्था से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही छात्रों, किसानों और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
पुल निर्माण शुरू होने के साथ ही अब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां बुनियादी सुविधाओं का और अधिक विस्तार होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा।








