
फ्रांस: French की एक अदालत में पिछले सप्ताह ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। 42 वर्षीय लेटिशिया आर. जब जज के सामने खड़ी हुईं, तो उनकी कांपती आवाज और आंखों में भरा दर्द अदालत के हर व्यक्ति को भीतर तक हिला गया। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पूर्व साथी गियोम बूची ने सात वर्षों तक उन्हें मानसिक, शारीरिक और यौन हिंसा का शिकार बनाया।

लेटिशिया ने अदालत में कहा, “487 लोगों के बाद मैंने गिनती छोड़ दी थी।” यह सिर्फ एक संख्या नहीं थी, बल्कि उन वर्षों की भयावह यातना का प्रतीक थी, जिसमें उनकी जिंदगी धीरे-धीरे टूटती चली गई।
रिश्ते की शुरुआत और धीरे-धीरे बढ़ता नियंत्रण
करीब एक दशक पहले लेटिशिया की मुलाकात गियोम बूची से हुई थी। बूची एक बैंक में मैनेजर था और पहली नजर में बेहद सामान्य और शिक्षित व्यक्ति लगता था। शुरुआती दिनों में रिश्ता सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे उसने लेटिशिया की जिंदगी पर पूरा नियंत्रण जमाना शुरू कर दिया।
अदालत में दिए गए बयान के अनुसार, बूची खुद को उसका “मालिक” कहता था और दावा करता था कि लेटिशिया को उसकी हर बात माननी होगी। शुरुआत तथाकथित “BDSM” संबंधों से हुई, जिसमें हल्की हिंसा और नियंत्रण शामिल था, लेकिन समय के साथ यह संबंध क्रूर अत्याचार में बदल गया।
लेटिशिया ने कहा कि शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर उन्हें कुछ गलत लगेगा तो सब रोक दिया जाएगा, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इसके विपरीत, हर दिन हिंसा और अपमान बढ़ता गया।
जिंदगी का हर हिस्सा बना कैद
लेटिशिया ने अदालत को बताया कि बूची ने उनकी दिनचर्या तक नियंत्रित करनी शुरू कर दी थी। उन्हें कब सोना है, कब जागना है, क्या पहनना है—सब कुछ वही तय करता था। यहां तक कि उन्हें बाथरूम जाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार जानबूझकर उन्हें बाथरूम जाने से रोका जाता था ताकि वे खुद पर नियंत्रण न रख सकें। यह सब बूची के लिए मनोरंजन जैसा था।
पीड़िता ने कहा कि उन्हें हर दस दिन में केवल एक रात पूरी नींद लेने दी जाती थी। बाकी रातें हिंसा, यातना या जबरन यौन शोषण में गुजरती थीं।
शरीर पर आज भी मौजूद हैं जख्म
अदालत में पेश किए गए बयान और मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, लेटिशिया के शरीर पर आज भी हिंसा के निशान मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि बूची उन्हें बेल्ट, बिजली की केबल और अन्य चीजों से पीटता था।
उन्होंने कहा, “उसने मेरी पीठ पर ब्लेड और चाकू से वार किए। मेरे शरीर पर सिगरेट से दागने के निशान आज भी हैं।”
अभियोजन पक्ष ने अदालत में व्हाट्सएप संदेश और वॉइस रिकॉर्डिंग भी पेश कीं, जिनमें बूची कथित तौर पर लेटिशिया को धमकाता सुनाई देता है। इन रिकॉर्डिंग्स में वह कहता है कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह उन्हें जान से मार देगा।
मां बनने के बाद भी नहीं रुकी यातना
मामले का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह था, जब लेटिशिया ने बताया कि बेटी को जन्म देने के अगले ही दिन उन्हें एक अन्य व्यक्ति के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।
उन्होंने अदालत में कहा कि उस समय उनका शरीर प्रसव के दर्द से गुजर रहा था, लेकिन बूची को इसकी कोई परवाह नहीं थी। उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस हुआ जैसे उनका एक हिस्सा हमेशा के लिए मर गया हो।
ऑनलाइन बेचना और सैकड़ों लोगों से शोषण
जांच में सामने आया कि बूची इंटरनेट फोरम और वेबसाइट्स के जरिए अजनबियों से संपर्क करता था और फिर उन्हें लेटिशिया के पास भेजता था।
लेटिशिया ने अदालत में बताया कि उन्हें मजबूर किया गया कि वे हर उस व्यक्ति का रिकॉर्ड रखें, जिसके साथ उन्हें संबंध बनाने के लिए कहा गया। इसी दौरान उन्होंने 487 लोगों तक गिनती की, जिसके बाद उन्होंने रिकॉर्ड रखना छोड़ दिया।
उनके अनुसार, इनमें कई लोग बूची के परिचित, सहकर्मी और पूरी तरह अनजान लोग थे। कुछ लोगों के साथ उन्हें कई-कई बार भेजा गया।
यह सेक्स नहीं, हिंसा थी
लेटिशिया ने अदालत में स्पष्ट कहा कि जो कुछ उनके साथ हुआ, वह सहमति से बने संबंध नहीं थे। उन्होंने कहा, “यह सेक्स नहीं था, यह हिंसा थी। मुझे इंसान नहीं, एक वस्तु की तरह इस्तेमाल किया गया।”
उन्होंने बताया कि इतने वर्षों तक डर और शर्म के कारण वे किसी से कुछ कह नहीं पाईं। उन्हें हमेशा यह भय रहता था कि विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी जाएगी।
खुली अदालत में सुनवाई की मांग
इस मामले की चर्चा पूरे फ्रांस में इसलिए भी हो रही है क्योंकि लेटिशिया ने बंद कमरे में सुनवाई की मांग को ठुकरा दिया। उन्होंने चाहा कि पूरा समाज यह देखे कि उनके साथ क्या हुआ।
उनके वकील ने अदालत में कहा कि पीड़िता अब डर और शर्म के खिलाफ खड़ी होना चाहती है। इतने वर्षों तक चुप रहने के बाद उन्होंने फैसला किया कि अब सच दुनिया के सामने आना चाहिए।
आरोपी की सफाई और अदालत का फैसला
मुकदमे के दौरान गियोम बूची ने दावा किया कि यह सब “आपसी सहमति” से हुआ था। हालांकि अभियोजन पक्ष ने रिकॉर्डिंग, संदेश और अन्य सबूत पेश कर उसकी दलीलों को खारिज कर दिया।
एक रिकॉर्डिंग में आरोपी कथित तौर पर यह स्वीकार करता सुनाई दिया कि पीड़िता डर के कारण मना नहीं कर पाती थी। इसके बाद अदालत ने उसे रेप, टॉर्चर और जबरन देह व्यापार जैसे गंभीर अपराधों का दोषी करार दिया।
अदालत ने बूची को 25 साल जेल की सजा सुनाई। फ्रांस के कानून के अनुसार, ऐसे मामलों में अधिकतम सजा सीमित होती है, इसलिए अभियोजन पक्ष द्वारा उम्रकैद की मांग के बावजूद अदालत को कानूनी दायरे में फैसला देना पड़ा।
जिंदगीभर का दर्द
चार बच्चों की मां लेटिशिया आज भी शारीरिक और मानसिक आघात से जूझ रही हैं। उन्होंने अदालत में कहा कि अब उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा और कई समस्याएं स्थायी हो चुकी हैं।
हालांकि अदालत का फैसला आ चुका है, लेकिन यह मामला फ्रांस में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, मानसिक नियंत्रण और यौन अपराधों पर नई बहस छेड़ गया है।
लेटिशिया की कहानी केवल एक महिला की पीड़ा नहीं, बल्कि उस डरावनी सच्चाई की याद दिलाती है कि हिंसा हमेशा दिखाई नहीं देती। कई बार वह रिश्तों और भरोसे की आड़ में सालों तक छिपी रहती है।








