
जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT जमशेदपुर में 26 मई 2026 को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम DJLHC-212 में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार किया गया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य NIT संस्थानों में छात्र मार्गदर्शन, भावनात्मक स्वास्थ्य, काउंसलिंग सहायता और सकारात्मक कैंपस वातावरण को मजबूत करना है।
प्रो. गौतम सूत्रधार के नेतृत्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के माननीय निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के गतिशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा कि छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन उनकी शैक्षणिक सफलता और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे छात्रों के मार्गदर्शक और संरक्षक भी होते हैं। इसलिए शिक्षकों को छात्रों के लिए सहानुभूतिपूर्ण, समावेशी और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता पर हुआ विशेष सत्र
कार्यक्रम का पहला सत्र “मेंटल वेल-बीइंग एंड इमोशनल इंटेलिजेंस फॉर फैकल्टी” विषय पर आधारित था।
इस अवसर पर प्रख्यात वक्ता सुश्री सागरिका घोष जे. ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समझने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने के लिए शिक्षकों में भावनात्मक समझ और सकारात्मक संवाद कौशल बेहद जरूरी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम का संचालन प्रो. सरोज कुमार सारंगी, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) एवं रजिस्ट्रार (प्रभारी), तथा प्रो. दिलीप कुमार यादव, डीन (फैकल्टी वेलफेयर) की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक के रूप में डॉ. कुमारी नम्रता और डॉ. सक्थिवेल एस. ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं कार्यक्रम समन्वयक के रूप में—
- डॉ. विजय कुमार डल्ला
- डॉ. कुनाल सिंह
- डॉ. संगीता कुमारी
- डॉ. पौलामी माजी
शामिल रहे।
इसके अलावा अजीताभ गौतम और पुष्पा बाला महतो ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई।
सभी विभागों के फैकल्टी सदस्यों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में संस्थान के उपनिदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा सहित सभी डीन और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
संस्थान के विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्यों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और छात्र कल्याण एवं सकारात्मक शिक्षण वातावरण को लेकर अपने विचार साझा किए।
NIT छात्रों के समग्र विकास पर रहेगा फोकस
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को प्रभावी मेंटरिंग कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाना है ताकि वे छात्रों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में बेहतर सहयोग कर सकें।

संस्थान प्रशासन ने बताया कि कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आगे भी विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें—
- सकारात्मक कैंपस संस्कृति
- डिजिटल शिक्षण पद्धति
- रिसर्च सुपरविजन
- समावेशी शिक्षण वातावरण
जैसे विषय शामिल होंगे।
इन सत्रों का आयोजन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में किया जाएगा।
स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण पर जोर
संस्थान प्रशासन ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की परिकल्पना के अनुरूप छात्रों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना संस्थान की प्राथमिकता है।
प्रशासन ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस दिशा में संस्थान निरंतर प्रयास करता रहेगा








