
जमशेदपुर: पश्चिम के विधायक Saryu राय ने शुक्रवार को लिट्टी चौक भुईयाडीह से मानगो एनएच-33 को जोड़ने के लिए स्वर्णरेखा नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित पुल और फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य की प्रगति की समीक्षा की और निर्माण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने विधायक से शिकायत की कि पुल और सड़क निर्माण का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है, जिससे लोगों को उम्मीद के मुताबिक प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
डिजाइन परिवर्तन के कारण निर्माण कार्य में हुई देरी
Saryu राय ने बताया कि पुल का शिलान्यास वर्ष 2024 में ही हो गया था, लेकिन बाद में जब उन्होंने पुल के डिजाइन का अध्ययन किया तो पाया कि मानगो की ओर पुल का अंतिम खंभा नदी के भीतर प्रस्तावित था, जो भविष्य में तकनीकी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता था।
उन्होंने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता से इस विषय पर चर्चा की और सुझाव दिया कि अंतिम खंभे को नदी के भीतर नहीं बल्कि किनारे पर बनाया जाए। विभाग ने इस सुझाव को स्वीकार किया और परिवर्तित डिजाइन तैयार कर मुख्यालय भेजा।
हालांकि संशोधित डिजाइन को अंतिम मंजूरी मिलने में एक वर्ष से अधिक का समय लग गया। करीब दो माह पहले ही नई डिजाइन स्वीकृत हुई, जिसके बाद निर्माण कार्य ने गति पकड़ी। विधायक ने स्पष्ट किया कि इसी कारण परियोजना में देरी हुई।
दोनों किनारों पर चल रहा निर्माण कार्य
निर्माण स्थल की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए सरयू राय ने बताया कि स्वर्णरेखा नदी के दोनों ओर निर्माण कार्य जारी है।
लिट्टी चौक की ओर
- दो खंभों का आधार तैयार हो चुका है
- तीसरे खंभे पर कार्य जारी है
मानगो की ओर
- दो खंभों की नींव की खुदाई चल रही है
उन्होंने बताया कि फिलहाल निर्माण स्थल पर तीन भारी अर्थ मूवर मशीनें काम कर रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती नदी के भीतर बनने वाले दो खंभों का निर्माण है, क्योंकि वहां अभी भी करीब चार फीट पानी का बहाव है।
मॉनसून से पहले नदी के भीतर खंभे तैयार करने पर जोर
Saryu राय ने पथ निर्माण विभाग और निर्माण कंपनी के अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि मॉनसून शुरू होने से पहले नदी के बीच बनने वाले दोनों खंभों का आधार तैयार कर लेना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि बरसात आने से पहले यह कार्य पूरा नहीं हुआ तो:
- जलस्तर बढ़ने से काम रुक सकता है
- निर्माण में और देरी होगी
- लागत भी बढ़ सकती है
इसी को देखते हुए उन्होंने निर्माण कार्य में अधिक मानव बल और आधुनिक मशीनरी लगाने पर जोर दिया।
एक वर्ष में काम पूरा होना मुश्किल Saryu राय
निरीक्षण के दौरान विधायक ने अभियंताओं से पूछा कि पुल निर्माण कब तक पूरा होगा। इस पर अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा।
हालांकि Saryu राय ने इस दावे पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान गति को देखते हुए एक वर्ष में निर्माण पूरा करना आसान नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- निर्माण की रफ्तार बढ़ानी होगी
- अतिरिक्त मशीनें लगानी होंगी
- अधिक मजदूरों को काम में लगाना होगा
- विभाग को संवेदक पर निगरानी बढ़ानी होगी
उन्होंने पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि संवेदक कंपनी से समन्वय कर कार्य में तेजी लाई जाए।

अभी कई महत्वपूर्ण कार्य हैं शेष
Saryu राय ने कहा कि पुल निर्माण परियोजना में अभी कई महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं, जिन्हें समानांतर रूप से पूरा करना होगा।
इन कार्यों में शामिल हैं—
- नदी के भीतर खंभों का निर्माण
- पुल के ऊपरी ढांचे की कास्टिंग
- दोनों ओर लगभग दो-दो किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण
- प्रभावित रैयतों को मुआवजा दिलाना
- यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना
उन्होंने कहा कि यदि इन कार्यों में समन्वय नहीं हुआ तो आगे भी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मानगो को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
Saryu राय ने कहा कि यह पुल केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाली योजना है। पुल बन जाने के बाद कोलकाता और रांची की ओर से आने वाले भारी वाहन सीधे इस पुल से होकर गुजरेंगे।
- मानगो नगर निगम क्षेत्र में भारी वाहनों का दबाव कम होगा
- जाम की समस्या में राहत मिलेगी
- दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी
- शहर के भीतर ट्रैफिक सुगम होगा
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ मानगो क्षेत्र को मिलेगा, जहां वर्तमान में भारी ट्रैफिक का सबसे अधिक दबाव रहता है।
डोबो की तरह तेजी से विकसित होगा नया क्षेत्र
विधायक ने कहा कि जिस प्रकार डोबो क्षेत्र पुल निर्माण के बाद तेजी से विकसित हुआ है, उसी तरह स्वर्णरेखा नदी और एनएच-33 के बीच का पूरा इलाका भी आने वाले वर्षों में तेजी से विकसित होगा।
उन्होंने अनुमान जताया कि:
- नए आवासीय क्षेत्र विकसित होंगे
- व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी
- निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे
- इसका प्रभाव गालूडीह और घाटशिला तक दिखाई देगा
साथ ही जमशेदपुर शहर पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय प्रतिनिधि और अभियंता रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद जितेन्द्र साव, स्थानीय नागरिक राजा राम, पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता तथा पुल निर्माण कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी समस्याओं तथा अपेक्षाओं को विधायक के सामने रखा। Saryu राय ने भरोसा दिलाया कि परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।










