
गम्हरिया : Usha मोड़ स्थित संतोष सिंह कैंपस में दिनेश सिंह पर कथित रूप से सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस घटना में कुछ बाहरी लोगों को बुलाकर हमला कराया गया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने इसकी सूचना गम्हरिया थाना को दी, लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले को लेकर पत्रकार जगन्नाथ मिश्रा, झारखंड वाणी ने बताया कि घायल दिनेश सिंह को बिना पर्याप्त सुरक्षा के स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया, जबकि उन पर दोबारा हमले की आशंका बनी हुई थी। उनका कहना है कि यह कदम पीड़ित की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर लापरवाही माना जा सकता है।
महिला संगठन के जरिए दबाव बनाने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले को दबाने के उद्देश्य से एक महिला संगठन को थाना लाया गया, जहां घटना को झूठा मामला बताकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि थाना परिसर में ही पत्रकारों को धमकी दी गई और खबर प्रकाशित नहीं करने का दबाव बनाया गया।
पत्रकार जगन्नाथ मिश्रा ने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच किए जाने पर कई तथ्य सामने आए हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि पूरे प्रकरण को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही थाना में हुई कथित लापरवाही और दबाव की राजनीति की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पत्रकारों की सुरक्षा पर भी चिंता
इस घटना के बाद पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। थाना परिसर में पत्रकारों को धमकी मिलने की बात सामने आने के बाद मीडिया जगत में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो निष्पक्ष खबर जनता तक कैसे पहुंचेगी।














