
जमशेदपुर: मानगो क्षेत्र में बन रहे महत्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को लेकर मेयर Sudha गुप्ता ने निर्माण एजेंसी को धूल नियंत्रण के सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कदम स्थानीय लोगों की बढ़ती शिकायतों का जवाब है, जो सांस की बीमारियों और दैनिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।

कालीमंदिर-डिमना चौक-बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर विकास की नई कड़ी है, लेकिन निर्माण से फैल रही धूल ने जनता को परेशान कर दिया। आइए इस मुद्दे को विस्तार से जानें।
एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का महत्व
यह 10.21 किमी लंबा 4-लेन सिंगल एलिवेटेड कॉरिडोर कालीमंदिर से डिमना चौक होते हुए बालीगुमा तक बनेगा। 936 करोड़ रुपये की लागत से एनएचएआई (NHAI) के तहत H G Infra Engineering Limited निर्माण कर रही है।
परियोजना का उद्देश्य जमशेदपुर में ट्रैफिक जाम कम करना, स्थानीय यातायात अलग करना और सुरक्षा बढ़ाना है। पारडीह से भिलाईपहाड़ी तक यातायात सुगम होगा। केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में मंजूरी दी थी।
मानगो जैसे व्यस्त इलाके में यह परिवर्तनकारी साबित होगा, लेकिन निर्माण चरण में पर्यावरणीय चुनौतियां सामने आ रही हैं।
धूल प्रदूषण से जनता की परेशानियां
निर्माण कार्य से सड़कों पर मोटी धूल की परत जम गई है। निवासी, दुकानदार, स्कूली बच्चे और राहगीर सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहे।
- सुबह-शाम व्यस्त समय में दृश्यता कम।
- दुकानों में गंदगी, व्यवसाय प्रभावित।
- सांस संबंधी रोग बढ़े।
- वाहन चालकों को खतरा।
26 अप्रैल 2026 को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, कार्य रुक गया। विकास कुमार जैसे नेताओं ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शिकायत की धमकी दी।
मेयर Sudha गुप्ता के सख्त निर्देश
मेयर ने H G Infra को पत्र लिखा। मुख्य निर्देश:
- रोज दो बार (सुबह-शाम) पानी छिड़काव।
- अतिरिक्त पानी टैंकर लगाएं।
- पाइलिंग, ड्रिलिंग, मलबा डंपिंग पर बार-बार पानी।
- सामग्री ढककर ले जाएं।
- सड़क सफाई नियमित।
- फील्ड मॉनिटरिंग टीम तैनात।
मेयर बोलीं, “विकास जरूरी, लेकिन स्वास्थ्य अनदेखा नहीं।” अनुपालन रिपोर्ट मांगी।
सुधा गुप्ता, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी, मानगो मेयर हैं। वे विकास और जनसुविधा पर जोर दे रही हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपाय
- गीली सफाई मशीनों का उपयोग।
- हरे जाल (ग्रीन नेट) लगाएं।
- वाहनों पर स्पीड लिमिट।
- वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग।
फरवरी 2026 में विधायक सरयू राय ने भी निरीक्षण कर निर्देश दिए थे। एनएचएआई ने गर्मी में धूल बढ़ने का हवाला दिया, लेकिन अब सुधार का वादा।
जमशेदपुर में विकास vs पर्यावरण संतुलन
झारखंड जैसे औद्योगिक शहर में निर्माण बढ़ रहा। लेकिन धूल प्रदूषण AQI खराब करता। विशेषज्ञ कहते हैं, 70% धूल निर्माण से।
मेयर Sudha का हस्तक्षेप प्रशासन की सक्रियता दिखाता। यदि पालन हो, जनता का विश्वास बढ़ेगा। जलापूर्ति योजना भी इसी कॉरिडोर से प्रभावित।
भविष्य की उम्मीदें
- एजेंसी पालन करे तो राहत।
- नियमित निरीक्षण।
- जनता सहयोग दे।
यह परियोजना 2027 तक पूरी हो सकती।
मेयर Sudha गुप्ता का डिमना–बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर पर धूल नियंत्रण निर्देश सराहनीय है। इससे जनता को राहत मिलेगी और परियोजना सुचारु चलेगी। विकास के साथ पर्यावरण रक्षा अनिवार्य। मानगो के निवासी अब बेहतर भविष्य की ओर










