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जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू बीडीओ ललित नारायण तिवारी ने लिया जायजा

On: April 28, 2026 8:49 PM
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Sariya

सरिया: आजकल जनगणना को Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ, और प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ललित नारायण तिवारी ने खुद पहुंचकर इसका जायजा लिया। यह ट्रेनिंग न सिर्फ शिक्षकों के लिए जरूरी है, बल्कि पूरे प्रखंड की जनगणना को सफल बनाने का पहला कदम है। इस लेख में हम जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण की पूरी डिटेल्स, इसके महत्व और बीडीओ के निर्देशों पर विस्तार से बात करेंगे। अगर आप सरिया या बिहार के निवासी हैं, तो यह खबर आपके लिए खास है!

जनगणना क्या है और क्यों इतना महत्वपूर्ण?

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सबसे पहले समझते हैं कि जनगणना आखिर होती क्या है? जनगणना यानी पूरे देश की आबादी का सटीक हिसाब-किताब। हर 10 साल में केंद्र सरकार यह अभियान चलाती है, जिसमें हर व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार जैसी जानकारी इकट्ठा की जाती है। अगली जनगणना 2025 में होनी है, लेकिन देरी के कारण अब 2026-27 में होने की उम्मीद है।

जनगणना को लेकर सरिया में तीन दिवसीय प्रशिक्षण इसी की तैयारी है। Sariya जैसे ग्रामीण इलाकों में यह और भी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि यहां गांव-गांव फैले लोग हैं। सही डेटा से सरकार को योजनाएं बनाने में मदद मिलती है – जैसे स्कूल, अस्पताल, सड़कें बनाना। बिना सही जनगणना के बजट गलत जगह चला जाता है। उदाहरण के लिए, 2011 की जनगणना से ही बिहार में कई विकास योजनाएं बनीं। अब 2025-26 की जनगणना डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल होगा। यही वजह है कि ट्रेनिंग इतनी जरूरी है।

Sariya में ट्रेनिंग का शुभारंभ कैसे हुई शुरुआत?

मंगलवार को Sariya प्लस टू उच्च विद्यालय में धूमधाम से जनगणना को लेकर सरिया में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा – पहला दिन बेसिक्स, दूसरा दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और तीसरा दिन डाउट क्लियरिंग। प्रतिनिधि संतोष कुमार तर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रखंड के सभी सरकारी शिक्षक और पारा शिक्षक इसमें शामिल हैं। उपस्थिति अनिवार्य है, ताकि कोई भी छूट न जाए।

स्कूल के हॉल में सैकड़ों शिक्षक जुटे। ट्रेनिंग में जनगणना फॉर्म भरना, डेटा एंट्री, प्राइवेसी नियम और चुनौतियां सिखाई जा रही हैं। खास बात यह कि यह पूरी तरह फ्री है और सरकारी निर्देशों पर आधारित। Sariya प्रखंड में करीब 100 से ज्यादा गांव हैं, जहां 2 लाख से अधिक आबादी है। इन सबका सही सर्वे करने के लिए शिक्षक ही मुख्य हैं।

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ट्रेनिंग के पहले दिन की झलकियां

पहले दिन सुबह 10 बजे शुरूआत हुई। विशेषज्ञों ने पावरपॉइंट से जनगणना के नियम बताए। शिक्षकों को ग्रुप में बांटकर प्रैक्टिस कराई गई। एक शिक्षक ने बताया, “हमने मोबाइल ऐप डाउनलोड किया और डेमो फॉर्म भरा। बहुत आसान लगा।” कुल 200 से ज्यादा शिक्षक मौजूद थे। लंच के बाद सेशन चला, जहां कठिन सवालों पर चर्चा हुई।

बीडीओ ललित नारायण तिवारी का दौरा क्या दिए निर्देश?

जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का सबसे बड़ा हाइलाइट था बीडीओ ललित नारायण तिवारी का निरीक्षण। वे दोपहर में केंद्र पहुंचे और हर व्यवस्था चेक की – बैठने की जगह, प्रोजेक्टर, रजिस्टर सब। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा, “जनगणना राष्ट्र निर्माण का आधार है। जिम्मेदारी से काम करें, कोई चूक न हो।”

बीडीओ साहब ने साफ निर्देश दिए:

  • हर शिक्षक अपने वार्ड के गांवों का लिस्ट तैयार करें।
  • डेटा सटीक रखें, फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं।
  • महिलाओं और बच्चों पर खास फोकस।
  • रिपोर्ट समय पर जमा करें।

उनकी मौजूदगी से सब उत्साहित हो गए। एक पारा शिक्षिका ने कहा, “बीडीओ सर ने हौसला बढ़ाया। अब हम पूरी ताकत लगाएंगे।” यह दौरा न सिर्फ ट्रेनिंग को बूस्ट देगा, बल्कि पूरे प्रखंड में जागरूकता फैलाएगा।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण का पूरा शेड्यूल

ट्रेनिंग को अच्छे से प्लान किया गया है। आइए देखें डिटेल में:

पहला दिन बेसिक्स और अवेयरनेस

  • जनगणना का इतिहास और महत्व।
  • नए नियम: डिजिटल सर्वे, आधार लिंकिंग।
  • प्राइवेसी और एथिक्स।

दूसरा दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

  • ऐप यूज, फॉर्म भरना।
  • ग्रुप एक्टिविटी: रोल प्ले।
  • आम गलतियां और समाधान।

तीसरा दिन एडवांस्ड और सर्टिफिकेशन

  • रिपोर्टिंग सिस्टम।
  • फील्ड चैलेंजेस (जैसे बाढ़ प्रभावित इलाके)।
  • सर्टिफिकेट डिस्ट्रीब्यूशन।

हर दिन शाम 5 बजे तक सेशन। चाय-नाश्ता की व्यवस्था भी है। जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण से शिक्षक फुल रेडी हो जाएंगे।

Sariya प्रखंड में जनगणना की चुनौतियां और समाधान

Sariya बिहार के औरंगाबाद जिले में है, जहां ग्रामीण आबादी ज्यादा है। चुनौतियां हैं:

  • दूरदराज गांव।
  • कम साक्षरता।
  • प्रवासी मजदूर।

ट्रेनिंग में इन्हें ध्यान में रखा गया। समाधान: घर-घर जाकर सर्वे, लोकल भाषा में फॉर्म। सरकार ने 1 लाख करोड़ का बजट रखा है। सरिया जैसे इलाकों से सही डेटा मिलेगा तो विकास तेज होगा – नई स्कूल, पीसीसी रोड, स्वास्थ्य केंद्र।

बीडीओ ललित नारायण तिवारी की अगुवाई में प्रखंड पहले ही कई प्रोजेक्ट्स में सफल रहा। अब जनगणना में भी टॉप करेगा।

जनगणना से आम आदमी को क्या फायदा?

दोस्तों, जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं, आपका भविष्य है। इससे:

  • राशन कार्ड, वोटर आईडी अपडेट।
  • स्कॉलरशिप, पेंशन सही मिलेगी।
  • गांव में सुविधाएं बढ़ेंगी।

जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण इसी उद्देश्य से है। आप भी सहयोग करें – जब enumerator आए, सही info दें।

जनगणना को लेकर Sariya में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होना Sariya के लिए गर्व की बात है। बीडीओ ललित नारायण तिवारी के नेतृत्व में यह अभियान सफल होगा। शिक्षक तैयार हो रहे हैं, अब बारी आपकी। सही डेटा से सरिया चमकेगा – बेहतर स्कूल, सड़कें, नौकरियां। 

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