
जमशेदपुर के गोलमुरी Martyr स्मारक पर शहीद दिवस पूरे देशभक्ति के जोश के साथ मनाया गया। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को याद करते हुए गरिमापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया। यह आयोजन देश के वीर शहीदों को समर्पित था, जहां थल, वायु और नौसेना के रिटायर्ड सैनिकों ने शिरकत की। आज हम Martyr दिवस की इस घटना, आयोजन की डिटेल्स, संकल्प और महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे। देशभक्ति की भावना जगाने वाला यह समारोह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।

Martyr दिवस का महत्व: भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की शहादत याद की
हर साल 23 मार्च को Martyr दिवस मनाया जाता है। 1931 में लाहौर जेल में भगत सिंह (23 वर्ष), राजगुरु (22 वर्ष) और सुखदेव (24 वर्ष) को फांसी दी गई। उन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ क्रांति की, “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा दिया। यह दिन हमें स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है। जमशेदपुर जैसे शहरों में पूर्व सैनिक संगठन ऐसे आयोजन करते हैं, जो युवाओं को देशसेवा की प्रेरणा देते हैं।
भगत सिंह ने बम कांड और हंगर स्ट्राइक से अंग्रेजों को चुनौती दी। राजगुरु ने Saunders को मारा, सुखदेव संगठन चलाया। उनकी शहादत ने आजादी की ललकार लगाई। आज भी उनके विचार प्रासंगिक हैं।
जमशेदपुर गोलमुरी में आयोजन की पूरी कहानी
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, जमशेदपुर ने Martyr स्मारक, गोलमुरी में कार्यक्रम किया। शहीद दिवस पर पूर्ण गरिमा और उत्साह रहा। शुभारंभ मां भारती पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि से हुआ। अध्यक्ष विनय कुमार यादव मुख्य अतिथि थे।
वरिष्ठ सदस्य सुखविंदर सिंह ने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। परिषद के सदस्यों ने बारी-बारी फूल चढ़ाए। थल सेना, वायु सेना, नौसेना के रिटायर्ड सैनिकों की मौजूदगी ने आयोजन को गौरवपूर्ण बनाया। वातावरण “भारत माता की जय” और “वीर शहीद अमर रहें” के नारों से गूंजा।

कार्यक्रम का संकल्प देश कभी नहीं झुकेगा
सभी सदस्यों ने लिया संकल्प – “देश न कभी झुका है, न कभी झुकेगा।” यह वचन आज के दौर में बॉर्डर पर तैनात सैनिकों को सलाम करता है। आयोजन ने देशभक्ति की लौ जलाए रखी।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद की भूमिका और उपस्थित सदस्य
परिषद पूर्व सैनिकों के हक के लिए काम करती है – पेंशन, स्वास्थ्य, सम्मान। जमशेदपुर चैप्टर सक्रिय है। Martyr दिवस पर उनके प्रयास सराहनीय।
उपस्थित प्रमुख सदस्य:
- सुखविंदर सिंह (वरिष्ठ सदस्य)
- मनोज कुमार सिंह
- विश्वजीत
- सी.सी. पूरी
- उमेश शर्मा
- राजीव कुमार
- शैलेंद्र कुमार
- संजय सिंह
- बिरजू
- दया भूषण
- अनिल कुमार सिंह
- अन्य पूर्व सैनिक
ये वीर आज भी राष्ट्रसेवा में लगे हैं।

Martyr दिवस पर देशभक्ति जगाने वाले अन्य आयोजन
भारत भर में स्कूल, कॉलेज, संगठन Martyr दिवस मनाते हैं। कविताएं, नाटक, परेड। झारखंड में जमशेदपुर सक्रिय। सरकार शहीद परिवारों को सम्मान देती है। युवा पीढ़ी को इतिहास पढ़ाएं, ताकि भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी याद रहें।
भगत सिंह की प्रेरणा आज के लिए
- “बमों से क्रांति नहीं आती, विचारों से आती है।”
- हंगर स्ट्राइक से न्याय की मांग।
उनकी डायरी हर युवा पढ़े।
Martyr को श्रद्धांजलि देने के उपाय
घर पर:
- तिरंगा फहराएं।
- शहीद गीत गाएं।
- सोशल मीडिया पर शेयर करें।
समाज में परेड, ब्लड डोनेशन। शहीद दिवस पर संकल्प लें – देश पहले।
Martyr का बलिदान व्यर्थ न जाए
पूर्व सैनिकों ने जिस सम्मान के साथ इन महान शहीदों को याद किया, वह सराहनीय है। उनके द्वारा किए गए त्याग और बलिदान को याद करना देश के प्रति उनके प्यार और समर्पण को दर्शाता है। वे न केवल देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, बल्कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Martyr दिवस का यह आयोजन हमें एकजुट करने का भी एक शानदार अवसर था। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोग इस आयोजन में शामिल हुए और शहीदों को याद किया। यह दर्शाता है कि देशभक्ति की भावना हम सभी को एकजुट करती है।
इस आयोजन ने हमें देशभक्ति की ज्वाला को जलाए रखने के लिए प्रेरित किया। Martyr के बलिदान को याद करके हम देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकते हैं और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।
Martyr दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जब हम देश के लिए अपनी जिम्मेदारियों को याद करते हैं और देश के विकास के लिए तत्पर रहने का संकल्प लेते हैं। यह हमें देशभक्ति की भावना से प्रेरित करता है और हमें देश के लिए कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करता है।दोस्तों, Martyr दिवस पर जमशेदपुर का आयोजन हृदयस्पर्शी था। भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव अमर रहें। पूर्व सैनिकों को सलाम। देशभक्ति की यह ज्वाला जलाए रखें। शहीद दिवस हमें एकजुट करता है। जय हिंद!









