
Purvi सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने संगठनात्मक अनुशासन को बनाए रखने के लिए जुगसलाई शाखा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जुगसलाई शाखा के अध्यक्ष की असंवैधानिक नियुक्ति को रद्द कर एडहॉक कमिटी बनाई गई, जिसमें दिलीप गोयल और रामजी शर्मा सदस्य हैं। तीन माह में निष्पक्ष चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है।

यह निर्णय सम्मेलन की पहली कार्यकारिणी बैठक में लिया गया, जो पारदर्शिता और संविधान का पालन सुनिश्चित करेगा। मारवाड़ी समाज का यह कदम संगठन को मजबूत बनाएगा।
मारवाड़ी सम्मेलन का परिचय
मारवाड़ी सम्मेलन राजस्थान के मारवाड़ी समाज का प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जो Purvi सिंहभूम जैसे जिलों में सक्रिय है। झारखंड प्रांतीय स्तर पर संचालित, यह समाजसेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों पर फोकस करता है। जमशेदपुर इसका प्रमुख केंद्र है।
संगठन का संविधान धारा 4.6 के तहत शाखा चुनावों को नियंत्रित करता है। जिला स्तर पर मुकेश मित्तल जैसे पदाधिकारी नेतृत्व करते हैं।
जुगसलाई शाखा विवाद का इतिहास
जुगसलाई शाखा में अध्यक्ष की नियुक्ति संविधान के विरुद्ध बताई गई। रामजीलाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, श्रवण देवका और दिलीप गोयल जैसे सदस्यों ने बैठक की सूचना न मिलने का आरोप लगाया। जिला कार्यकारिणी ने तत्काल प्रभाव से नियुक्ति रद्द की।
तुलसी भवन में हुई बैठक में प्रांतीय महासचिव विनोद जैन, उपाध्यक्ष सुभाष पटवारी जैसे नेता उपस्थित थे। सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।
आज पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की ओर से श्री दिलीप गोयल एवं श्री रामजी शर्मा को इस संबंध में विधिवत पत्र जारी कर उन्हें एडहॉक कमिटी का सदस्य नामित करते हुए जुगसलाई शाखा का चुनाव संपन्न कराने हेतु अधिकृत किया गया है। साथ ही उन्हें चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए हैं।

एडहॉक कमिटी का गठन
दिलीप गोयल और रामजी शर्मा को आधिकारिक पत्र जारी कर सदस्य नामित किया गया। वे जुगसलाई शाखा चुनाव प्रक्रिया संचालित करेंगे। आम सभा आयोजित कर लोकतांत्रिक चुनाव सुनिश्चित करना होगा।
कमिटी को झारखंड प्रांतीय संविधान के अनुसार निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव कराने का दायित्व। तीन माह की समयसीमा निर्धारित।
प्रदीप मिश्रा ने संचालन किया, आकाश साह ने धन्यवाद दिया।
Purvi सिंहभूम बैठक के अन्य फैसले
सत्र 2026-27 की पहली कार्यकारिणी में कई मुद्दे चर्चित। प्रांतीय पदाधिकारी नंदकिशोर अग्रवाल, अनिल अग्रवाल उपस्थित। संगठन को सुदृढ़ बनाने पर जोर।
जुगसलाई विवाद प्रमुख रहा, लेकिन अन्य शाखाओं पर भी विचार।
Purvi का संगठनात्मक महत्व
यह कदम मारवाड़ी सम्मेलन की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करता है। असंवैधानिक कदमों पर तुरंत कार्रवाई से विश्वास बढ़ेगा। जुगसलाई शाखा नई कार्यकारिणी के साथ सक्रिय होगी।
समाजसेवा में योगदान जारी रहेगा।

मारवाड़ी समाज की भूमिका जमशेदपुर में
Purvi सिंहभूम में मारवाड़ी समाज व्यापार, शिक्षा और धर्म में अग्रणी। सम्मेलन सामूहिक हितों की रक्षा करता है। हाल में जिला अध्यक्ष चुनाव भी हुए।
जुगसलाई जैसे इलाकों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।
भविष्य की उम्मीदें
एडहॉक कमिटी पूर्ण निष्ठा से कार्य करेगी। नए अध्यक्ष और कार्यकारिणी से शाखा मजबूत होगी। पदाधिकारियों का विश्वास सही साबित होगा
Purvi सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने जुगसलाई शाखा चुनाव हेतु एडहॉक कमिटी गठन से संगठनात्मक मर्यादा बहाल की। दिलीप गोयल-रामजी शर्मा की जिम्मेदारी सराहनीय। यह कदम मारवाड़ी समाज को एकजुट रखेगा। संविधान का पालन हर स्तर पर जरूरी
गठित कमिटी को निर्देशित किया गया है कि वह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संविधान के प्रावधानों, विशेषकर धारा 4.6 के अनुरूप कार्य करते हुए जुगसलाई शाखा में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करे तथा निर्धारित तीन माह की समयसीमा के भीतर नए अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का गठन कराए।
सम्मेलन के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि नामित सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं संगठनात्मक मर्यादाओं के अनुरूप करते हुए संगठन को सुदृढ़ एवं संगठित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।









