जमशेदपुर | संवाददाता
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन काउंसिल द्वारा 10 चयनित इनक्यूबेटियों (स्टार्टअप्स) के साथ एमओयू हस्ताक्षर समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
NIT कठोर चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए स्टार्टअप्स
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि देशभर से प्राप्त कुल 57 आवेदनों में से केवल 10 इनक्यूबेटियों का चयन किया गया। यह चयन एक बहु-स्तरीय और बेहद सख्त प्रक्रिया के माध्यम से किया गया, जिसमें नवाचार, व्यावसायिक क्षमता और तकनीकी दक्षता को प्रमुख आधार बनाया गया।
गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में संस्थान के माननीय निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे। सभी ने चयनित इनक्यूबेटियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उद्यमिता के केंद्र के रूप में उभर रहा एनआईटी
कार्यक्रम के दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि आज के समय में शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे उद्यमिता विकास के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। एनआईटी जमशेदपुर इसी दिशा में अग्रणी भूमिका निभाते हुए छात्रों और युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
DST-NIDHI कार्यक्रम के तहत हो रहा संचालन
एनआईटी जमशेदपुर का सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन काउंसिल, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के प्रमुख कार्यक्रम DST-NIDHI के अंतर्गत संचालित हो रहा है। इस पहल का उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना और स्टार्टअप्स को आवश्यक संसाधन एवं मार्गदर्शन प्रदान करना है।
इन क्षेत्रों में काम कर रहे हैं चयनित स्टार्टअप्स
संस्थान का मुख्य फोकस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग, स्टील एवं मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। चयनित सभी इनक्यूबेटी भी इन्हीं क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
भविष्य को लेकर जताई उम्मीदें
इस अवसर पर निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधार और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विश्वास जताया कि चयनित इनक्यूबेटी अपने नवाचार और तकनीकी क्षमताओं के माध्यम से न केवल एनआईटी जमशेदपुर का नाम रोशन करेंगे, बल्कि देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
एनआईटी जमशेदपुर का यह कदम न केवल संस्थान के लिए, बल्कि देश में स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करेगी।









