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धान की फसल के नुकसान का सरकार करे विशेष आकलन, किसानों को मिले राहत पैकेजः सरयू राय

On: October 31, 2025 11:06 PM
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इस्लामपुर (नालंदा) से रिपोर्ट | द न्यूज़ फ्रेम विशेष संवाद

  • नालंदा, भोजपुर और रोहतास में धान की फसल को भारी नुकसान – सरयू राय
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जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक एवं जदयू के स्टार प्रचारक सरयू राय ने कहा है कि इस बार बिहार के कई जिलों में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि —

“केवल नालंदा ही नहीं, बल्कि भोजपुर, रोहतास और आसपास के जिलों में भी धान की फसल को व्यापक क्षति पहुँची है। सरकार को चाहिए कि वह एक विशेष दल गठित करे, जो क्षेत्रवार जाकर नुकसान का सही-सही आकलन करे।”

“आचार संहिता लागू है, पर सरकार किसानों के लिए कदम उठा सकती है”

सरयू राय ने यह भी कहा कि भले ही इस समय आचार संहिता लागू है, फिर भी किसानों की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

“सरकार चाहे तो इस दौरान भी नुकसान का आकलन करने के लिए एक समिति बना सकती है। जब तक यह आकलन पूरा होगा, तब तक नई सरकार का गठन भी हो जाएगा और फिर किसानों को उचित राहत दी जा सकेगी।”

उन्होंने कहा कि धान की फसल की भरपाई नई सरकार के गठन के बाद तत्काल की जानी चाहिए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति संभल सके।

“रबी फसल की बुआई में भी होगी देरी, सरकार करे तैयारी”

सरयू राय ने मौसम की अनिश्चितता को लेकर चिंता जताई और कहा कि —

“बारिश रुक-रुक कर हो रही है, जिससे रबी फसल की बुआई में भी देरी होगी। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। सरकार को अभी से बीज, कीटनाशक और राहत पैकेज की तैयारी करनी चाहिए।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो आंकड़े पहले से सरकार के पास हैं, उसके आधार पर तुरंत राहत वितरण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, ताकि किसानों को बीज, खाद और कीटनाशक के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

“किसानों को मिले वास्तविक नुकसान की भरपाई”

सरयू राय ने यह भी कहा कि —

“धान की फसल के नुकसान का आकलन केवल कागजों पर नहीं बल्कि वास्तविक धरातल पर होना चाहिए। सरकार को नुकसान की अधिकतम सीमा तक भरपाई करनी चाहिए, तभी किसान भविष्य की फसल बोने का साहस जुटा पाएंगे।”

राजनीतिक और कृषि विश्लेषकों के अनुसार, सरयू राय का यह बयान बिहार के उन जिलों की जमीनी सच्चाई को उजागर करता है, जहां लगातार बारिश और जलभराव ने धान की फसलों को बर्बाद कर दिया है। आचार संहिता के बावजूद, उनके इस सुझाव से यह संकेत मिलता है कि किसान राहत कार्य प्रशासनिक दायरे में रहकर तुरंत शुरू हो सकते हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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