जमशेदपुर (गोलमुरी): गोलमुरी थाना क्षेत्र के टुलादूंगरी में पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना प्रभारी के “आशीर्वाद” से जमीन घेराबंदी की जा रही है, और इसमें खुद एक पुलिस अधिकारी कुर्सी लगाकर उस जमीन पर बैठा मिला, मानो वही उसका असली मालिक हो।
बताया जा रहा है कि पिछले 15 वर्षों से इस जमीन पर कोई नहीं रह रहे थे। जब हमारी न्यूज़ टीम मौके पर पहुंची, तो थाना प्रभारी ने रसूखदारों की पैरवी का हवाला देते हुए पहले हमें पैसे का लालच दिया, और फिर विरोध करने पर अपशब्दों का प्रयोग किया
आश्चर्यजनक रूप से, जिस जमीन को “अवैध” बताया जा रहा है, उस पर JUSCO की बिजली सप्लाई पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से दी जा रही है, और हर महीने बिजली बिल भी आता है।

तो फिर सवाल उठता है: अगर सात मीटर की जमीन पर बिजली दी जा सकती है, तो क्या वह अवैध है? और अगर है, तो पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पर सवाल क्यों नहीं उठता?
इस मामले में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या अतिक्रमण हटाने का आदेश SDO कार्यालय से आया था, या यह थाना स्तर की खुद से की गई कार्रवाई है।
सवाल यह भी उठता है कि अगर आज थाना की मिलीभगत से कोई भी कहीं भी कब्जा कर सकता है, तो क्या कल गोलमुरी थाना भी किसी की निजी जमीन पर कब्जा कर लेगा?
- कल हम इस खबर की दूसरी कड़ी में लाएंगे:
- किसने बनाई घर की योजना
- कौन से कागजात थे
- कौन-कौन लोग इस साजिश में शामिल थे
- और असली मालिक कौन है?
यह मामला सिर्फ अतिक्रमण नहीं, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार और सत्ता की हनक का उदाहरण बनता जा रहा है।









