मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

पारस अस्पताल के ICU में कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या का CCTV

On: July 17, 2025 8:42 PM
Follow Us:

Crime Patna: बिहार की राजधानी पटना में 17 जुलाई 2025 को हुई एक दिल दहला देने वाली हत्या का CCTV जिसने राज्य की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया। पारस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती बक्सर के कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह घटना न केवल एक अपराधी के अंत की कहानी है, बल्कि बिहार में संगठित अपराध, गैंगवार और प्रशासनिक लापरवाही की गहराई को भी उजागर करती है।

CCTV में कैद हत्या की घटना

---Advertisement---
Netaji Advertisement

सुबह करीब 11 बजे, पारस अस्पताल के कमरा नंबर 209 के बाहर पांच हथियारबंद अपराधी पहुंचे। CCTV फुटेज में साफ दिखता है कि वे बिना किसी डर या हड़बड़ी के ICU की गैलरी में दाखिल होते हैं। जैसे ही वे दरवाजे के पास पहुंचे, सभी ने अपने हथियार निकाल लिए। एक ने दरवाजा खोला और बाकी ने दरवाजे के बाहर से ही चंदन मिश्रा पर गोलियों की बौछार कर दी। यह हमला मात्र 30 सेकेंड में हुआ, लेकिन उसकी गूंज पूरे राज्य में सुनाई दी।

चार हमलावर तेजी से भाग निकले, जबकि एक अपराधी आराम से टहलता हुआ अस्पताल से बाहर निकल गया। यह दृश्य CCTV में कैद हो गया, जो अब जांच का अहम हिस्सा है।

पारस अस्पताल के ICU में कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या कर भागते अपराधी, CCTV में कैद।
पारस अस्पताल के ICU में कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या कर भागते अपराधी, CCTV में कैद।

कौन था चंदन मिश्रा?

  1. निवास: बक्सर जिले का सोनबरसा गांव 
  2. पहचान: एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय 
  3. प्रमुख अपराध: 
    • 2011 में चूना व्यापारी राजेंद्र केसरी की हत्या 
    • भरत राय और शिवजी खरवार की हत्या 
    • जेल क्लर्क हैदर अली की हत्या 
  4. सजा: राजेंद्र केसरी हत्याकांड में उम्रकैद 
  5. गिरोह: पहले शेरू सिंह के साथ, बाद में अलग गिरोह चलाया 
  6. पैरोल: पाइल्स के इलाज के लिए 21 दिन की पैरोल पर बाहर आया था

शेरू – चंदन की दोस्ती और दुश्मनी

चंदन और शेरू की दोस्ती क्रिकेट खेलते समय शुरू हुई थी। 2009 में दोनों ने मिलकर अनिल सिंह की हत्या की। लेकिन बाद में जातिगत मतभेद और रंगदारी के विवादों के चलते दोनों अलग हो गए। दोनों ने अपनेअपने गिरोह बना लिए और शाहाबाद क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन गए।

  • हत्या की साजिश और गैंगवार
  •  हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी 
  •  पैरोल खत्म होने से ठीक पहले हमला हुआ 
  •  पुलिस को जेल या अस्पताल से मुखबिरी की आशंका 
  •  शक की सुई शेरू गिरोह की ओर घूम रही है 
  •  हमलावरों की पहचान हो चुकी है, कुछ बक्सर की ओर फरार हुए

प्रशासनिक लापरवाही

  • एक सजायाफ्ता अपराधी को VVIP अस्पताल में भेजा गया 
  • अस्पताल में हथियारों के साथ अपराधियों का प्रवेश 
  • सुरक्षा में कोई चूक नहीं, बल्कि संभावित मिलीभगत 

बिहार की जेल प्रणाली और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल 

चंदन मिश्रा की हत्या सिर्फ एक अपराधी के अंत की कहानी नहीं है, बल्कि यह बिहार में गैंगवार की वापसी, प्रशासनिक विफलता, और सुरक्षा तंत्र की कमजोरी का प्रतीक बन गई है। यह घटना बताती है कि अपराधी जेल में रहकर भी साजिश रच सकते हैं, और अस्पताल जैसी जगह भी अब सुरक्षित नहीं रही।

अब सवाल यह है कि क्या यह घटना बिहार की कानून व्यवस्था को झकझोरने के लिए काफी है? क्या पुलिस और प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और तेज़ कार्रवाई करेंगे? या फिर यह भी एक और केस बनकर फाइलों में दब जाएगा?

CCTV में कैद हत्या की घटना का वायरल वीडियो:

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment