
Virtual Tourism: सारंडा की वादियों में वर्चुअल टूरिज्म की पहल — झारखंड पर्यटन विभाग ने किया डिजिटल फील्ड विज़िट, 3D और 360 डिग्री वीडियो का उपयोग कर वर्चुअल टूरिज्म कंटेंट किया तैयार

झारखंड पर्यटन विभाग ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सारंडा क्षेत्र में पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। मंगलवार को विभाग द्वारा डिजिटल माध्यम से एक फील्ड विज़िट का आयोजन किया गया, जिसमें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे 3D और 360 डिग्री वीडियो का उपयोग कर वर्चुअल टूरिज्म कंटेंट तैयार किया गया। इस प्रयास का उद्देश्य झारखंड के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है।
यह विशेष अभियान जिला खेल पदाधिकारी रूपा रानी तिर्की के नेतृत्व में संपन्न हुआ। फील्ड समन्वय की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के के.के. दास ने संभाली, जबकि दिल्ली से आई तकनीकी टीम ने वीडियो शूटिंग और अन्य डिजिटल कार्यों को अंजाम दिया।

टीम ने सरंडा वन प्रमंडल के डीएफओ अविरूप सिन्हा के सहयोग से क्षेत्र के प्रमुख दर्शनीय स्थलों — घाघी रथी जलप्रपात, ठोलकोबाड़ आदिवासी गांव और किरीबुरू सनसेट पॉइंट का भ्रमण किया। इन स्थलों की मनोहारी छवि और जनजातीय संस्कृति को हाई – डेफिनिशन वीडियो में कैद किया गया, ताकि देश-विदेश के लोग झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को घर बैठे अनुभव कर सकें।
फील्ड विज़िट में डीएसओ कार्यालय की अर्चना और मनीषा ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। इस दौरान स्थानीय बच्चों और ग्रामीणों के बीच रिफ्रेशमेंट, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक और स्पोर्ट्स जर्सी का वितरण किया गया, जिससे गांववासियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने इस पहल की सराहना की।
झारखंड पर्यटन विभाग की यह पहल राज्य की पर्यटन क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। वर्चुअल टूरिज्म की यह नई सोच जहां सैलानियों को डिजिटल अनुभव देगी, वहीं स्थानीय समुदाय को रोजगार और पहचान के नए अवसर भी प्रदान करेगी।
- जय कुमार, चाईबासा












































