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सावन में श्रद्धा का संगम: सांसद जोबा माझी ने किया महादेवशाल धाम श्रावणी मेले (Shravani Mela) का उद्घाटन

On: July 13, 2025 5:11 PM
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Mahadevshal Dham Shravani Mela: सावन का पावन महीना शुरू होते ही सिंहभूम का ऐतिहासिक महादेवशाल धाम शिवभक्तों की श्रद्धा से सराबोर हो उठा।

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रविवार को यहां आयोजित श्रावणी मेले का उद्घाटन सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने विधिवत फीता काटकर किया। इसके बाद उन्होंने बाबा भोलेनाथ के दरबार में मत्था टेककर राज्य और क्षेत्रवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

इस अवसर पर सांसद ने कहा कि महादेवशाल धाम आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां सदियों से लोग शिवलिंग की पूजा करते आ रहे हैं। सावन के महीने में यहां झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से हजारों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए आते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सावन में राज्य में सुख-समृद्धि और शांति आएगी

Shravani Mela: प्रशासन और सेवा समिति ने की व्यापक तैयारी

श्रावणी मेले के पहले सोमवार को लेकर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए महादेवशाल सेवा समिति और स्थानीय प्रशासन ने रविवार को ही सभी तैयारियाँ पूरी कर लीं। बीडीओ विवेक कुमार और थाना प्रभारी ने समिति सदस्यों के साथ मिलकर सभी सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई, सुरक्षा, पानी और कतार प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। रविवार को ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर जलाभिषेक किया।

Shravani Mela: सावन में श्रद्धा का संगम, सांसद जोबा माझी ने किया महादेवशाल धाम श्रावणी मेले का उद्घाटन
Shravani Mela: सावन में श्रद्धा का संगम, सांसद जोबा माझी ने किया महादेवशाल धाम श्रावणी मेले का उद्घाटन

Shravani Mela: मेले में शामिल प्रमुख लोग

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य ज्योति मेराल, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह समिति अध्यक्ष विवेक कुमार, समिति सचिव रामचंद्र प्रसाद, राजेश चौरसिया, सुधीर बाजपेई, बजरंग प्रसाद, सीताराम बेसरा, दीनानाथ गुप्ता, आलोक रंजन सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Shravani Mela: खंडित शिवलिंग और अद्भुत मान्यता से जुड़ी है यह धरती

महादेवशाल धाम केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ऐतिहासिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है। मान्यता के अनुसार, ब्रिटिश शासनकाल में जब बंगाल नागपुर रेलवे की सुरंग बन रही थी, तब एक मजदूर को खुदाई के दौरान शिवलिंग मिला। उसने उस स्थान पर खुदाई से इनकार कर दिया। जब ब्रिटिश इंजीनियर रॉबर्ट हैनेरी ने शिवलिंग को हटाने की कोशिश की और उस पर वार किया, तो शिवलिंग खंडित हो गया और उसी समय उसकी मृत्यु भी हो गई। इस घटना के बाद वहां सुरंग की दिशा बदल दी गई और उस स्थान को पवित्र धाम घोषित कर मंदिर निर्माण कराया गया।

आज भी श्रद्धालु उस खंडित शिवलिंग की पूजा करते हैं। सावन में विशेष भीड़ होती है और कई Express Trains का यहां अस्थायी ठहराव भी किया जाता है ताकि श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें।

Shravani Mela: सामाजिक संदेश

सावन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक आस्था का प्रतीक है। महादेवशाल जैसे पवित्र धाम हमें एकता, शांति और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता की भावना सिखाते हैं। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और स्थानीय पर्यटन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

महादेवशाल धाम की मिट्टी में आस्था है, इतिहास है और वह आत्मिक ऊर्जा है जो श्रद्धालुओं को जोड़ती है—प्रभु शिव की शरण में आने वाले हर भक्त को।

  • जय कुमार, गोईलकेरा, झारखंड
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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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