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खूंटी में Naxalite की बड़ी साजिश नाकाम, जंगल से 18 शक्तिशाली बम बरामद

On: July 9, 2025 10:20 PM
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Naxalite conspiracy foiled: बनमगड़ा जंगल से 18 शक्तिशाली आईईडी बरामद

खूंटी (जय कुमार): झारखंड में Naxal गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र अंतर्गत बनमगड़ा जंगल से सुरक्षाबलों ने 18 शक्तिशाली आईईडी बम बरामद किए हैं। हर बम का वजन करीब 3 किलो था। यह बरामदगी नक्सलियों की एक बड़े विस्फोट की साजिश को नाकाम करने जैसा है।

Naxalite conspiracy: कैसे मिली सफलता?

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पश्चिमी सिंहभूम पुलिस को 8 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली खूंटी के पहाड़ी इलाकों में गोलाबारूद छुपाकर सुरक्षा बलों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। इसी आधार पर सीआरपीएफ 60वीं बटालियन, झारखंड जगुआर, पश्चिमी सिंहभूम पुलिस और खूंटी पुलिस ने संयुक्त रूप से 9 जुलाई को सर्च अभियान चलाया।

इस अभियान में बनमगड़ा के घने जंगल में आईईडी बमों का जखीरा बरामद किया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी बमों को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया।

Naxalite conspiracy: बरामदगी

एसडीपीओ वरुण कुमार रजक ने बताया कि यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी है। खूंटी में कई वर्षों के बाद इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली है, जिससे यह साफ होता है कि नक्सली दोबारा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में थे।

बनमगड़ा: Naxalite का पुराना अड्डा

बनमगड़ा जंगल पहले भी नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है। यहां से माओवादी आड़ाहातू, रेसुद, कुडुम्दा और जटुआ जैसे क्षेत्रों में बेरोकटोक आते-जाते थे। ऐसे में यहां बम बरामद होना यह इशारा करता है कि नक्सली दोबारा इस क्षेत्र को सक्रिय करने की फिराक में थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में सघन तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेगा। सुरक्षा बल हर संभावित खतरे को समय रहते नष्ट करने के लिए सतर्क हैं।

खूंटी जिले में यह बरामदगी नक्सलियों के मंसूबों पर करारा प्रहार है। यह अभियान न सिर्फ एक बड़ी साजिश को विफल करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और कार्रवाई क्षमता पहले से और मजबूत हुई है।

यह घटना झारखंड के लिए नक्सल विरोधी मोर्चे पर एक निर्णायक जीत मानी जा रही है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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