
पुरी, ओडिशा | बुधवार को जब पुरी में स्नान पूर्णिमा का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था, उसी दिन एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। श्रीजगन्नाथ मंदिर के वरिष्ठ सेवक जगन्नाथ दीक्षित की हत्या कर दी गई। वे मंदिर में ‘सूपकार सेवायत’ यानी रसोई सेवा से जुड़े थे।

बताया गया कि बुधवार सुबह उन्होंने स्नान यात्रा की सेवा पूरी की और इसके कुछ घंटे बाद उनकी लाश खून से लथपथ हालत में मिली।
पैसे के लेनदेन से जुड़ा मामला?
जानकारी के अनुसार, दीक्षित सेवा के बाद नारायण पटजोशी नामक व्यक्ति के घर गए थे। उन्होंने उसे कुछ पैसे उधार दिए थे और वही पैसा वापस मांगने गए थे। इसके बाद ही उनकी लाश पटजोशी के घर के सामने पड़ी मिली।
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सीसीटीवी में दिखा शव घसीटता हुआ शख्स
एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति, दीक्षित के शव को घसीट कर घर से बाहर फेंकता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि वह व्यक्ति नारायण पटजोशी ही है।
पर्व के दिन दिनदहाड़े हत्या
पुरी जैसे तीर्थस्थल पर, दिनदहाड़े और कड़ी सुरक्षा के बीच, ऐसी घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब शहर में भारी पुलिस बल तैनात था, तब यह हत्या कैसे हो गई?
पुलिस और वैज्ञानिक टीम मौके पर
पुरी के सिटी DSP प्रशांत कुमार साहू और टाउन थाना IIC तुरंत मौके पर पहुंचे। वैज्ञानिक टीम ने भी जांच शुरू की और जरूरी सबूत जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
क्या बदले की भावना है कारण?
पुरी SP विनीत अग्रवाल ने कहा कि यह मामला दुश्मनी और बदले की भावना से जुड़ा लग रहा है, हालांकि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
सेवकों में दुख और गुस्सा
जगन्नाथ दीक्षित की हत्या से मंदिर के सेवकों और स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा दुख और आक्रोश है। सबकी निगाहें अब पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि हत्या के पीछे असल वजह क्या है।
यह दुखद घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।












































