- सिजुआ कोलियरी में DGMS का सरप्राइज निरीक्षण और मॉक ड्रिल: गैस विस्फोट आपदा से निपटने की तैयारी का मूल्यांकन
📍 स्थान: टाटा स्टील की सिजुआ कोलियरी, झरिया डिवीजन
🗓️ तारीख: 30 मई, 2025
👷♂️ प्रशासनिक अधिकारी:
- श्री अनिल कुमार दास, निदेशक खान सुरक्षा (DMS), R1, CZ
- श्री जावेद आलम, उप निदेशक खान सुरक्षा (DDMS), R1, CZ
🛑 घटना का सारांश
खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के निर्देश पर सिजुआ कोलियरी में “आग प्रभावित क्षेत्र में विषैली गैस विस्फोट” पर केंद्रित एक अचानक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस विस्फोट की स्थिति में खान और सुरक्षा विभागों की आपातकालीन तैयारियों और प्रतिक्रिया समय का मूल्यांकन करना था।
🔍 ड्रिल की प्रमुख गतिविधियां
- DGMS अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के खान का निरीक्षण किया और तत्क्षण मॉक ड्रिल की घोषणा की।
- मॉक ड्रिल में सीम 13 (15 पिट फायर क्षेत्र) में गैस विस्फोट की काल्पनिक स्थिति उत्पन्न की गई।
- DGMS, माइन रेस्क्यू स्टेशन धनबाद, मेडिकल सेवाएं, सुरक्षा विभाग, कोलियरी एजेंट और महाप्रबंधक, आस-पास की खानें—all विभागों को घटना की सूचना दी गई और उनकी रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया समय पर नजर रखी गई।

👥 अधिकारियों की उपस्थिति और प्रतिक्रिया
- श्री अनिल कुमार दास (DMS) ने संपूर्ण मॉक ड्रिल के निष्पादन की सराहना की और अपने वास्तविक रेस्क्यू अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऐसे अभ्यासों से भविष्य की आपात स्थितियों से निपटना सरल होता है।
- श्री संजय रजोरिया, महाप्रबंधक, झरिया डिवीजन, टाटा स्टील, ने DGMS का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास खानों की सुरक्षा रणनीति में नई जान फूंकते हैं।
- श्री विकास कुमार, एजेंट-कम-चीफ, सिजुआ ग्रुप, ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया और मॉक ड्रिल को सफल और शिक्षाप्रद बताया।

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📌 महत्वपूर्ण बिंदु:
- सिजुआ कोलियरी में रियल-टाइम रिस्पांस का अभ्यास
- आग और गैस से जुड़ी आपदाओं के लिए तैयारी का परीक्षण
- DGMS और टाटा स्टील के संयुक्त प्रयास
- कर्मचारियों को जोखिम प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया में कुशल बनाने पर जोर
विस्तार से,
टाटा स्टील की सिजुआ कोलियरी में 30 मई को खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के निर्देश पर अचानक एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास “आग-प्रवण क्षेत्र में विषैली गैस विस्फोट” की काल्पनिक स्थिति पर आधारित था। मॉक ड्रिल का उद्देश्य, खान क्षेत्र में आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और बचाव उपायों की तैयारी को परखना था।
इस अभ्यास का नेतृत्व श्री अनिल कुमार दास, निदेशक खान सुरक्षा (DMS), R1, CZ और श्री जावेद आलम, उप निदेशक खान सुरक्षा (DDMS), R1, CZ ने किया। दोनों अधिकारियों ने सिजुआ कोलियरी में बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया और तुरंत ही आपातकालीन अभ्यास शुरू करने के निर्देश दिए।

मॉक ड्रिल में यह परिकल्पना की गई कि सीम 13 (15 पिट फायर एरिया) में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का विस्फोट हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही DGMS, माइन रेस्क्यू स्टेशन धनबाद, टाटा स्टील के महाप्रबंधक और एजेंट, मेडिकल और सुरक्षा सेवाएं तथा निकटवर्ती खानों के अधिकारियों को सूचित किया गया। सभी विभागों की रिपोर्टिंग टाइम और प्रतिक्रिया प्रक्रिया पर निगरानी रखी गई।
ड्रिल समाप्ति के बाद, मौके पर मौजूद सभी संबंधित विभागों के साथ निष्कर्षों पर चर्चा की गई। इस दौरान श्री अनिल कुमार दास ने मॉक ड्रिल के सफल संचालन की सराहना की और खनन क्षेत्र में बचाव कार्यों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता को दोहराया। उन्होंने अपने रियल-टाइम बचाव अनुभवों को साझा कर कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया।
📌 विशेष बिंदु:
- DGMS की निगरानी में मॉक ड्रिल का आयोजन
- विषैली गैस विस्फोट जैसी आपदा से निपटने की तैयारी का परीक्षण
- सभी विभागों की तालमेल और प्रतिक्रिया की जाँच
- माइन रेस्क्यू, मेडिकल और सुरक्षा इकाइयों की सक्रिय भागीदारी
🛡️ निष्कर्ष:
सिजुआ कोलियरी में DGMS द्वारा आयोजित यह अचानक मॉक ड्रिल माइन सेफ्टी के प्रति प्रतिबद्धता और व्यावहारिक प्रशिक्षण का उदाहरण है। ऐसे प्रयास भविष्य में होने वाली आकस्मिक घटनाओं से प्रभावी रूप से निपटने की क्षमता को बढ़ाते हैं और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।














