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सांसद बिद्युत बरण महतो को पुनः मिलेगा “संसद रत्न पुरस्कार 2025”, लोकतंत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान

On: May 18, 2025 10:36 PM
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Jamshedpur : भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय सांसद श्री बिद्युत बरण महतो को “संसदीय लोकतंत्र में उत्कृष्ट और निरंतर योगदान” के लिए प्रतिष्ठित “संसद रत्न पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें आगामी जुलाई 2025 के अंतिम सप्ताह में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले संसद रत्न पुरस्कार समारोह के 15वें संस्करण में प्रदान किया जाएगा।इस आशय की घोषणा आज प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की गई।

संसद रत्न सम्मान की घोषणा पर सांसद बिद्युत बरण महतो ने खुशी जाहिर की और देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा के माननीय अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी तथा जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र की जनता का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार न केवल मेरे लिए एक प्रेरणा है, बल्कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों की पुष्टि भी है। मैं इसे जमशेदपुर की जनता की जीत मानता हूँ, जिन्होंने मुझे सेवा का अवसर दिया। यह पुरस्कार उन्हीं को समर्पित है।

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उल्लेखनीय है कि जमशेदपुर से सांसद बिद्युत बरण महतो ने संसद में अपनी निरंतर उपस्थिति, प्रभावी बहसों और जनता से जुड़े मुद्दों को पुरजोर ढंग से उठाने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने शिक्षा, रोजगार, रेल, कृषि, सिंचाई,माइंस, सड़क एवं हाईवे, एयरपोर्ट,स्वर्णरेखा परियोजना,और झारखंड सहित जमशेदपुर के विकास से जुड़े मुद्दों पर कई बार संसद में जोरदार आवाज़ उठाई है। उनकी इस निरंतरता और प्रतिबद्धता को संसद रत्न पुरस्कार द्वारा मान्यता देना जमशेदपुर समेत पूरे देश के लिए गर्व की बात है। यह पुरस्कार न केवल बिद्युत बरण महतो की संसदीय उपलब्धियों की पहचान है, बल्कि उन जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा है, जो लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने में जुटे हैं।

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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी 16वीं एवं 17वीं लोकसभा में भी बिद्युत बरण महतो को संसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
गौरतलब है कि संसद रत्न पुरस्कारों की स्थापना 2010 में प्राइम पॉइंट फाउंडेशन और ई-मैगजीन ‘प्रीसेंस’ द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। डॉ. कलाम ने ही मई 2010 में चेन्नई में आयोजित पहले समारोह का उद्घाटन किया था। तब से लेकर अब तक 14 संस्करणों में कुल 125 पुरस्कार प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें व्यक्तिगत सांसदों के साथ-साथ संसदीय स्थायी समितियों को भी सम्मानित किया गया है।

इस पुरस्कार को देश की नागरिक समाज की ओर से दिया जाता है और यह भारतीय संसदीय प्रणाली में कार्यकुशल, जवाबदेह और सक्रिय जनप्रतिनिधियों की पहचान करता है। संसद रत्न पुरस्कार के लिए नामांकन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के अध्यक्ष श्री हंसराज गंगाराम अहीर की अध्यक्षता वाली जूरी समिति द्वारा किया जाता है। समिति में पूर्व पुरस्कार विजेता सांसद, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि और संसदीय मामलों के जानकार शामिल होते हैं।

नामांकन पूरी तरह से आधिकारिक प्रदर्शन डेटा के आधार पर किया जाता है, जो लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों तथा पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च से प्राप्त होता है। प्रमुख संकेतकों में सांसद द्वारा की गई बहसें, पेश किए गए निजी विधेयक और पूछे गए प्रश्नों की संख्या शामिल होती है।
इस वर्ष लोकसभा और राज्यसभा के कुल 17 सांसदों और दो संसदीय स्थायी समितियों को नामांकित किया गया है। इनमें से चार विशेष पुरस्कार जूरी समिति द्वारा ‘विशेष उत्कृष्टता’ की श्रेणी में दिए जाएंगे।झारखंड से देवघर सांसद निशिकांत दूबे को भी इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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