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राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर महिला महाविद्यालय चाईबासा में व्यक्तित्व झांकी सह काव्यपाठ का आयोजन किया गया.

On: September 13, 2024 8:58 PM
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राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर महिला महाविद्यालय चाईबासा में व्यक्तित्व झांकी सह काव्यपाठ का आयोजन किया गया.

चाईबासा: राष्ट्रीय हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आज दिनांक 13.09.2023 को महिला महाविद्यालय चाईबासा के बी.एड. बहुउद्देशीय भवन में व्यक्तित्व झांकी सह काव्यपाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया.

कार्यवाहक प्राचार्या डोरिस मिंज ने हिंदी के महत्व को समझाया. व्यक्तित्व झांकी में चैती कुजूर ने मीराबाई का व्यक्तित्व, सरिता बिरुआ ने निर्मला पुतुल का व्यक्तित्व, सुभद्रा कुमारी ने सरोजिनी नायडू का व्यक्तित्व, पूजा कुमारी गोप ने सुभद्रा कुमारी चौहान का व्यक्तित्व, आरती कालिंदी ने पद्मा सचदेव का व्यक्तित्व, सुप्रिया कर मोदक ने हरिवंश राय बच्चन का व्यक्तित्व, श्रद्धा बोस ने अमृता प्रीतम का व्यक्तित्व, सोनल विश्वकर्मा ने कुमार विश्वास का व्यक्तित्व, आशा रानी ने कृष्णा सोबती का व्यक्तित्व, सुप्रिया ऐकत ने सावित्रीबाई फुले का व्यक्तित्व प्रस्तुत किया.

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रेशमा मुर्मू ने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और आरिषि साक्षी ने रामधारी सिंह दिनकर के व्यक्तित्व को प्रस्तुत किया. श्रुति लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसका संचालन धनंजय कुमार ने किया.

बी.एड. के प्रमुख. कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष मोहम्मद मुबारक करीम हाशमी, डॉ ओनिमा मानकी, डॉ अर्पित सुमन टोप्पो, शीला समद, मदन मोहन मिश्रा, धनंजय कुमार व सितेंद्र रंजन सिंह उपस्थित थे.

पर्सनालिटी शो में सेमेस्टर तीन की रेशमा मुर्मू को प्रथम स्थान, सेमेस्टर दो की श्रद्धा बोस को द्वितीय स्थान, सेमेस्टर तीन की आर्शी साक्षी व सेमेस्टर दो की सोनल विश्वकर्मा को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त हुआ. सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा. निर्णायक मंडल में सुजाता किस्पोट्टा, शीला समद, सितेंद्र रंजन सिंह व धनंजय कुमार शामिल थे.

इस अवसर पर प्राध्यापकों ने कविताएं भी प्रस्तुत की. डॉ अर्पित सुमन ने कुंवर नारायण की कविता आखिरी उच्चारण प्रस्तुत की और कहा कि कविता भाषा का ऐसा माध्यम है, जिसके माध्यम से मन के भाव व्यक्त होते हैं. सितेंद्र रंजन सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा रचित कविता मौत से ठन गई का पाठ किया. मौके पर उपस्थित सभी शिक्षकों ने हिंदी के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए.

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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