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झारखंड में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण की मांग तेज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा गया मांगपत्र

On: March 14, 2026 11:59 AM
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राँची: देश के अन्य राज्यों की तरह झारखंड में भी सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण लागू करने की मांग तेज हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व सैनिक सेवा परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल राँची स्थित विधानसभा कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायिका कल्पना सोरेन से मिला और उन्हें एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा।

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इस प्रतिनिधिमंडल में सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह, पेटी ऑफिसर सुशील कुमार सिंह, पेटी ऑफिसर राजीव रंजन, सार्जेंट अशोक श्रीवास्तव और हवलदार मिथिलेश सिंह शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के साथ मिलकर राज्य में बसे जल, थल और नभ सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें सरकार के सामने रखीं।

क्या हैं पूर्व सैनिकों की प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए मांगपत्र में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे शामिल हैं —

  • राज्य की सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण लागू किया जाए।
  • सेवानिवृत्त सैनिकों को होल्डिंग टैक्स में छूट दी जाए।
  • सैनिकों के पुनर्वास के लिए सरकारी जमीन का आवंटन किया जाए।
  • राज्य में बसे पूर्व सैनिकों के लिए स्थायी रोजगार और पुनर्वास नीति बनाई जाए।

सकारात्मक माहौल में हुई मुलाकात

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन से मुलाकात काफी सकारात्मक माहौल में हुई चूंकि कल्पना सोरेन स्वयं एक सैनिक परिवार से आती हैं, इसलिए उन्होंने इस विषय को गंभीरता से सुना और सहयोग का आश्वासन दिया इस मुलाकात को सफल बनाने में घाटशिला के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी का भी विशेष सहयोग रहा।

सैनिकों के पुनर्वास से होगा राज्य का विकास

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झारखंड के प्रशिक्षित और अनुशासित सैनिक यदि अपने ही राज्य में रोजगार और सम्मानजनक अवसर पाते हैं, तो यह राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।

पूर्व सैनिकों का कहना है कि —

  • इससे प्रतिभाशाली सैनिकों का पलायन रुकेगा
  • राज्य को अनुभवी और अनुशासित मानव संसाधन मिलेगा
  • प्रशासन और सरकार को आपदा या संकट की स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवक मिल सकेंगे

संगठन का बयान

पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रतिनिधि सुशील कुमार सिंह ने कहा “हम लोग पिछले **17 वर्षों से सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्रहित, समाजहित और सैन्यहित में लगातार कार्य कर रहे हैं। आगे भी इसी समर्पण के साथ देश और समाज की सेवा करते रहेंगे।”

विश्लेषण

झारखंड में हजारों पूर्व सैनिक और उनके परिवार रहते हैं। यदि सरकार इनके लिए आरक्षण, कर छूट और पुनर्वास नीति लागू करती है तो यह न केवल सैनिकों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा कदम होगा, बल्कि राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर सकता है

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