
भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ IPTA की 418वीं महत्वपूर्ण बैठक श्रीनाथ ग्लोबल विलेज, आदित्यपुर में हुई। राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. बैद्यनाथ लाल कर्ण की अध्यक्षता में निजी शिक्षकों की दैनिक समस्याओं पर 10 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, मानवाधिकार आयोग और सभी मंत्रालयों को भेजा जाएगा। आइए, IPTA शिक्षक मांगें की पूरी जानकारी, बैठक के बिंदु और 29 मार्च के रक्तदान शिविर को विस्तार से समझते हैं।

IPTA की 418वीं बैठक: स्थान और अध्यक्षता
भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ IPTA (Indian Non-Governmental Teachers’ Association) निजी शिक्षकों के उत्थान के लिए काम करता है। 22 मार्च 2026 (रविवार) को आदित्यपुर, झारखंड के श्रीनाथ ग्लोबल विलेज में 418वीं बैठक हुई। राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. बैद्यनाथ लाल कर्ण ने अध्यक्षता की। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. परमानंद मोदी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव उपस्थित थे। बैठक में देशभर के निजी शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा हुई।
यह संगठन संवैधानिक मान्यता और विशेष कानून की मांग करता है। निजी शिक्षक समाज सेवा करते हैं, लेकिन असमान वेतन और सुविधाओं से जूझते। बैठक ने निजी शिक्षक कल्याण बोर्ड जैसी मांगें मजबूत कीं। साथ ही, 29 मार्च को रक्तदान शिविर की अपील की – अधिक से अधिक लोग दान करें।
मुख्य उपस्थित
- डॉ. बैद्यनाथ लाल कर्ण (राष्ट्रीय संरक्षक, अध्यक्ष)
- डॉ. परमानंद मोदी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
- रंजीत श्रीवास्तव (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)
10 सूत्री मांग पत्र निजी शिक्षकों की तकलीफें
IPTA शिक्षक मांगें में निजी शिक्षकों की दैनिक स्थितियां दर्शाई गईं। पीएमओ, राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सभी मंत्रालयों को भेजा। मुख्य मांगें:
- न्यूनतम वेतनमान: समान काम, समान वेतन – सरकारी शिक्षकों जैसा।
- EPF और पेंशन: भविष्य निधि और पेंशन योजना अनिवार्य।
- स्वास्थ्य बीमा: आयुष्मान भारत जैसी कवरेज।
- प्राइवेट टीचर्स वेलफेयर बोर्ड: केंद्रीय स्तर पर बोर्ड गठन।
- शिक्षक सम्मान योजना 2025: हर शिक्षक को ₹5000 मासिक सम्मान भत्ता।
- आपदा सहायता: बाढ़-महामारी में आर्थिक मदद।
- मातृत्व/पितृत्व अवकाश: महिलाओं को पर्याप्त छुट्टी।
- प्रोन्नति और प्रशिक्षण: TET/CTET आधारित प्रमोशन।
- संवैधानिक मान्यता: निजी शिक्षकों के लिए विशेष कानून।
- पेंशन और ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्ति लाभ।
ये मांगें महंगाई, असुरक्षा और असमानता से जूझते शिक्षकों की पुकार हैं। IPTA ने केंद्र-राज्यों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मांगों का सारांश तालिका
| मांग संख्या | विवरण | उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1 | न्यूनतम वेतन | आर्थिक सुरक्षा |
| 2 | EPF-पेंशन | भविष्य सुरक्षित |
| 3 | स्वास्थ्य बीमा | चिकित्सा सहायता |
| 4 | वेलफेयर बोर्ड | केंद्रीय संरक्षण |
| 5 | ₹5000 सम्मान | मान-सम्मान |
निजी शिक्षकों की दैनिक समस्याएं क्यों जरूरी मांगें?
भारत में लाखों निजी शिक्षक हैं, जो 50%+ स्कूल चलाते। लेकिन:
- वेतन आधा, कोई पेंशन नहीं।
- महामारी में नौकरी गई, कोई मदद नहीं।
- महिलाएं मातृत्व अवकाश से वंचित।
- TET पास को भी कम मानदेय।
IPTA इनके लिए लड़ रहा। झारखंड जैसे राज्यों में पारा शिक्षक समस्याएं समान। बैठक ने एकता का संदेश दिया। 29 मार्च रक्तदान शिविर से सामाजिक सेवा को बढ़ावा।
रक्तदान शिविर 29 मार्च को अपील
बैठक ने 29 मार्च (रविवार) को रक्तदान शिविर की घोषणा की। IPTA ने सभी से अपील – अधिक दान करें। यह सामाजिक सेवा का हिस्सा। श्रीनाथ ग्लोबल विलेज जैसी जगहें आदित्यपुर में सक्रिय। रक्तदान से जरूरतमंदों को जीवनदान।
संगठन का भविष्य आगे की योजना

भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ IPTA पूरे देश में सक्रिय। मांग पत्र भेजने के बाद धरना-आंदोलन संभव। राष्ट्रीय नेतृत्व ने एकजुट रहने का आह्वान किया। डॉ. बैद्यनाथ लाल कर्ण ने कहा – शिक्षक राष्ट्र निर्माणकर्ता, उन्हें सम्मान मिले।
चुनौतियां और समाधान
चुनौतियां: सरकारी उदासीनता, राजनीतिक दबाव। समाधान: जनआंदोलन, RTI, कोर्ट। IPTA ब्लॉग-कैंपेन चला रहा।
भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ IPTA की 418वीं बैठक ने निजी शिक्षकों की आवाज बुलंद की। 10 सूत्री मांगें केंद्र को भेजीं – वेतन से आपदा मदद तक। 29 मार्च रक्तदान में शामिल हों। शिक्षक राष्ट्र के आधार, उन्हें मजबूत बनाएं। न्याय मिलेगा!
प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के सहित राष्ट्रपति राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सहित सभी मंत्रालयों में देश के सभी निजी शिक्षकों के हेतु 10 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया जिसमें निजी शिक्षकों की दैनिक स्थितियों को दर्शाया गया है जैसे वेतन सम्बन्धी, EPF पेंशन, स्वास्थ्य बीमा योजना, PRIVATE TEACHERS WELFARE BOARD,शिक्षक सम्मान योजना 2025 के तहत 5000 रुपया शिक्षकों को देना ,आपदा वाली स्थिति में शिक्षकों को आर्थिक मदद करना इत्यादि और अन्य मांग शामिल है । साथ ही आगामी 29 मार्च दिन रविवार को रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करने की अपील की है ।
आज की बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर परमानंद मोदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव तथा राष्ट्रीय संरक्षक डॉक्टर बैद्यनाथ लाल कर्ण उपस्थित थे ।









