मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

बुरे फंसे रामदेव! पतंजलि के लिए एक बड़ा झटका।

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: April 2, 2024 9:19 PM
Follow Us:
बुरे फंसे रामदेव!
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

बुरे फंसे रामदेव! पतंजलि के दावे गलत और भ्रामक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से भी मांगा जवाब

नई दिल्ली: भ्रामक विज्ञापनों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पतंजलि ने अदालत के आदेश का उल्लंघन किया है और उनके विज्ञापन गलत और भ्रामक हैं।

रामदेव ने माफी मांगी लेकिन कोर्ट ने स्वीकार नहीं की। मामले में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा:

  • “देश सेवा का बहाना मत बनाओ रामदेव, अदालत को गंभीरता से लो।”
  • “आपका माफी मांगना पर्याप्त नहीं है। आप परिणाम के लिए तैयार हो जाएं।”
  • “आपने कोर्ट में सिर्फ एक हलफनामा दिया। आप लोगों ने एक्ट का उल्लंघन किया है।”
  • “ऐसा लगता है कि पतंजलि के कार्यकलापों में केंद्र और राज्य सरकार दोनों शामिल हैं!”

अदालत ने केंद्र सरकार और आयुष मंत्रालय को भी जवाब देने का निर्देश दिया है:

  • “केंद्र सरकार को बताना होगा कि बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि, कोर्ट के आदेश के बावजूद भ्रामक और गलत दावे करती रही और सरकार ने आंखें बंद कर ली थीं।”
  • “आयुष मंत्रालय को जवाब देना होगा।”
iqs
Please Visit to our site – iqs.one

यह भी पढ़ें : गिरिडीह के विराट सिंह ने मां वैष्णो देवी की पैदल यात्रा शुरू की!

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि पर भारी जुर्माना लगाने की भी संभावना जताई है।
  • केंद्र और राज्य सरकारों को भी पतंजलि के विज्ञापनों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
  • यह मामला उन सभी कंपनियों के लिए चेतावनी है जो भ्रामक विज्ञापनों का सहारा लेती हैं।

यह मामला भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया था। आईएमए ने आरोप लगाया था कि पतंजलि अपने उत्पादों के लिए गलत और भ्रामक दावे कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पतंजलि के लिए एक बड़ा झटका है और यह भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।

https://moccasin-tiger-331808.hostingersite.com%e0%a4%9c%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8/

World's best IQ level developed system
World’s best IQ level developed system – Click here – iqs.one
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment