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केएमपीएम स्कूल के 2 छात्रों का कांदरबेड़ा के स्वर्णरेखा नदी में डूबने की आशंका।

On: September 14, 2023 6:26 AM
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मौके पर पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह

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जमशेदपुर । झारखंड

घटना के लगभग चौबीस घंटे बीतने के बाद भी गोताखोरों का नहीं आना, आपदा प्रबंधन की निष्क्रियता को दर्शाता है – विकास सिंह।

मानगो सुभाष कॉलोनी निवासी अरविंद सिंह का 17 वर्षीय एकलौता बेटा कुणाल सिंह एवं सिदगोड़ा 12 फ्लैट का रहने वाला उसका साथी शिवम का कल दोपहर लगभग 2:00 बजे कांदरबेड़ा के स्वर्ण रेखा नदी में डूब जाने से देहांत होने की आशंका जताई जा रही हैं। कुणाल केएमपीएम विद्यालय अपने घर से पढ़ने गया था और दोपहर 1:00 बजे जब वह घर नहीं लौटा तो उसकी मां ने कुणाल के मोबाइल में लगभग 2:00 बजे फोन किया। 

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कुणाल की फाइल फोटो

कुणाल का फोन कपाली थाना के थानेदार ने उठाकर उन्हें थाना बुलाया और बताया कि उनके बेटे का कपड़ा, मोबाइल फोन और स्कूटी चांडिल कांदरबेड़ा के वैसे स्थान में मिला है जहां कोई आसानी से जा नहीं सकता। परिजन दौड़े दौड़े कपाली थाना पहुंचे वहां कुणाल का कपड़ा, मोबाइल और स्कूटी देखकर हतप्रभ हो गए। परिजनों का कहना कि विद्यालय जाने वाला लड़का कैसे नदी किनारे चला गया समझ में नहीं आ रहा है। 

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घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता विकास सिंह परिजनों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे, जहां कपाली थाना के अफसर जांच पड़ताल कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि कल दोपहर लगभग दो बजे दो बच्चों को लोगों ने डूबते हुए देखा गया था। लेकिन वहां में पेयजल स्वच्छता विभाग का इंटकवेल रहने के कारण नदी लगभग सत्तर फीट गहरा है, जिसके कारण बिना ऑक्सीजन लिए स्थानीय मछुआरा या कोई व्यक्ति नदी के भीतर जाकर बच्चों को खोज नहीं पा रहा है। 

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मौके में पहुंचे भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा घटना की सूचना सभी वरीय पदाधिकारी को कर दी गई है। जिला प्रशासन के लोग स्वयं घटना के समय मौजूद है। उसके बावजूद भी लगभग चौबीस घंटे बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर नहीं भेजा, यह दुर्भाग्य की बात हैं। निष्क्रिय पड़े आपदा प्रबंधन मंत्रालय को और सक्रिय करने की आवश्यकता है। वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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