- निर्दलीय चुनाव में ‘पत्नी प्रत्याशी’ बनाम ‘वास्तविक जननेता’—कौन जीतेगा जनता का भरोसा?
- मानगो नगर निगम चुनाव 2026: मेयर पद ‘सामान्य महिला’ आरक्षित, अब दावेदारों की रणनीति बदली
Mango Municipal Elections 2026 : मानगो नगर निगम, जमशेदपुर के आगामी निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बार चुनावी माहौल इसलिए भी अलग है क्योंकि मेयर पद को ‘सामान्य महिला’ श्रेणी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा आरक्षण सूची 9 जनवरी 2026 को जारी की गई, जबकि इससे जुड़ा गजट पहले ही प्रकाशित हो चुका है। सूत्रों के अनुसार मानगो नगर निगम का चुनाव मार्च 2026 तक कराए जाने की संभावना है।
सबसे खास बात यह है कि यह चुनाव दलगत नहीं होगा, यानी इसमें पार्टी के सिंबल पर नहीं बल्कि स्वतंत्र/निर्दलीय रूप से उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। यही वजह है कि राजनीतिक जोड़-तोड़ के साथ-साथ सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय पकड़ और संसाधन भी निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं।
आरक्षण आते ही बदल गई ‘दावेदारी’ की दिशा
कुछ समय पहले तक जब मेयर पद महिला के लिए आरक्षित नहीं हुआ था, तब मानगो में सामाजिक, राजनीतिक और दबंग माने जाने वाले चेहरे जोर-शोर से मेयर पद की दावेदारी कर रहे थे। कई लोग क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने लगे थे—लोगों से मिलना-जुलना, सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति, जनसमस्याओं का मुद्दा उठाना और अपनी “जननेता” वाली छवि तैयार करना शुरू हो चुका था।
लेकिन जैसे ही मेयर सीट महिला आरक्षित घोषित हुई, तस्वीर बदल गई। कई दावेदारों ने सीधे अपनी पत्नी को आगे कर दिया। यानी अब मैदान में “पति समर्थित महिला उम्मीदवार” का ट्रेंड उभरता दिख रहा है। हालांकि कुछ परिवार ऐसे भी बताए जा रहे हैं जिन्होंने शुरुआत से ही अपनी पत्नी को चुनावी मोर्चे पर तैयार करना शुरू कर दिया था।
इस चुनाव ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है— क्या मानगो को सशक्त महिला नेतृत्व मिलेगा या केवल परदे के पीछे से पति द्वारा संचालित सत्ता?
दावेदारों में सबसे आगे: सुधा गुप्ता
लोगों की राय और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक मेयर चुनाव की दौड़ में सबसे प्रमुख नाम सुधा गुप्ता का सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि साधारण जीवन-शैली वाली यह महिला असाधारण नेतृत्व क्षमता से भरपूर मानी जाती हैं।
वे पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की धर्मपत्नी हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि उन्होंने लंबे समय से घर-परिवार की जिम्मेदारियों को बेहद कुशलता से निभाया है और अब वे शहर की जिम्मेदारी को भी ‘घर’ की तरह संवारने की तैयारी में जुट गई हैं। उनके समर्थक दावा करते हैं कि वे सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं और जनता की नब्ज को समझने की क्षमता रखती हैं।
दूसरा नाम: ज़ेबा खान
मेयर की दौड़ में दूसरा बड़ा नाम ज़ेबा खान का है, जो कांग्रेस नेता फिरोज खान की पत्नी हैं। ज़ेबा खान के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रमों को बहुत करीब से देखा है। वे राजनीति में सक्रिय भी रही हैं और मानगो के भविष्य को लेकर गंभीर मानी जाती हैं। उनके पक्ष में यह तर्क दिया जा रहा है कि वे राजनीतिक समझ और संगठनात्मक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार हो सकती हैं।
रजनी सिंह: गृहिणी से चुनावी मैदान तक
अगला नाम स्थानीय समाजसेवी और जदयू नेता पप्पू सिंह की धर्मपत्नी रजनी सिंह का है। गृहिणी होते हुए भी इस बार उन्होंने मेयर चुनाव में उतरने का मन बना लिया है। चर्चा है कि उनका स्थानीय स्तर पर संपर्क अच्छा है और वे सामाजिक कार्यों में भी भागीदारी रखती हैं।
ज्योति सिंह: मजबूत चेहरा बन सकती हैं
सूत्रों की मानें तो समाजसेवी एवं व्यवसायी अविनाश सिंह राजा भी अपनी पत्नी ज्योति सिंह को मेयर पद के लिए तैयार कर रहे हैं। उनकी पत्नी गृहिणी होने के साथ-साथ समाजसेविका भी बताई जाती हैं। समर्थक वर्ग का कहना है कि वे जनसेवा के कामों में सक्रिय हैं और चुनाव में उतरने पर एक मजबूत चेहरा बन सकती हैं।
अभी और नाम आएंगे—भिड़ंत रोचक होगी
फिलहाल ये नाम चर्चा में हैं, लेकिन चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आएगी, कई और चेहरे सामने आने की संभावना है। मानगो की राजनीति में यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भविष्य के नगर विकास, बुनियादी सुविधाओं, जलापूर्ति, साफ-सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के समाधान से जुड़ा है।
जनता तय करेगी ‘मेयर’ कौन?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनता किसे चुनेगी— वास्तविक तौर पर नेतृत्व करने वाली महिला प्रत्याशी को, या केवल नाम की उम्मीदवार बनकर पति के इशारे पर चलने वाली प्रत्याशी को?
मानगो नगर निगम चुनाव 2026 में मेयर पद का फैसला अंततः मानगो की जनता ही करेगी। कौन कितनी मजबूती से खड़ा हो पाता है, कौन जनता का भरोसा जीतता है और कौन विकास की ठोस योजना लेकर आता है—यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।













