
क्या आप जानते हैं कि आपके बच्चे का दिमाग एक सुपरकंप्यूटर की तरह काम कर सकता है? झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। 26 मार्च 2026 को झारखंड में UCMAS का आधिकारिक लॉन्च हुआ, जो बच्चों के मस्तिष्क विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। जमशेदपुर के एग्रीको में मुख्य कार्यालय का उद्घाटन श्री सिम्प्लिसियो मेंजेस और सुश्री भक्ति मोदी ने किया। सुश्री सुरिंदर सैनी के नेतृत्व में यह पहल राज्य के हर बच्चे तक पहुंचेगी। इस ब्लॉग में हम UCMAS के फायदों, इतिहास और झारखंड में इसके विस्तार पर विस्तार से जानेंगे। अगर आप अभिभावक हैं, तो यह आपके लिए सोने की खान साबित होगा!

UCMAS का शुभारंभ: झारखंड में नया अध्याय
झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ 26 मार्च 2026 को धूमधाम से हुआ। यह वैश्विक बाल विकास कार्यक्रम भारत में 1993 से चल रहा है और अब झारखंड पहुंचा। मुख्य कार्यालय जमशेदपुर के एग्रीको में खुला, जिसका उद्घाटन बिजनेस हेड श्री सिम्प्लिसियो मेंजेस ने किया। सुश्री भक्ति मोदी भी मौजूद रहीं। सुश्री सुरिंदर सैनी झारखंड की प्रमुख होंगी, जिनका सपना हर बच्चे को विश्वस्तरीय अबेकस ट्रेनिंग देना है।
यह लॉन्च बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए है। जमशेदपुर में पहले ही 13 केंद्र शुरू हो चुके हैं, और और ज्यादा आने वाले हैं। अभिभावक उत्साहित हैं क्योंकि पारंपरिक पढ़ाई से आगे मस्तिष्क विकास पर फोकस है। UCMAS ने 80+ देशों में 15 लाख बच्चों को ट्रेन किया है। झारखंड के लिए यह जीवन बदलने वाला होगा।

UCMAS क्या है? अबेकस का जादू समझें
UCMAS यानी Universal Concept of Mental Arithmetic System। झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ ने इसकी ताकत दिखाई। 1993 में मलेशिया के डॉ. डिनो वोंग ने इसे शुरू किया। यह पारंपरिक अबेकस को आधुनिक विज्ञान से जोड़ता है। बच्चे उंगलियों से अबेकस चलाते हैं, जो दिमाग के दोनों हिस्सों को एक्टिवेट करता है।
कार्यक्रम 4-13 साल के बच्चों के लिए है। सिर्फ गणित नहीं, बल्कि एकाग्रता, मेमोरी, विजुअलाइजेशन, क्रिएटिविटी और प्रॉब्लम सॉल्विंग सिखाता है। एक स्टडी कहती है कि UCMAS करने वाले बच्चों की IQ 10-15 पॉइंट्स बढ़ जाती है। भारत में 2400+ केंद्र हैं, जो हजारों बच्चों का भविष्य बदल चुके। झारखंड अब इस चेन में जुड़ गया।
UCMAS के वैज्ञानिक फायदे
UCMAS ब्रेन जिम की तरह काम करता है। बाएं दिमाग (लॉजिक) और दाएं (क्रिएटिविटी) दोनों सक्रिय होते हैं। बच्चे 8 अंकों की मेंटल कैलकुलेशन कर लेते हैं। रिसर्च दिखाता है कि इससे पढ़ाई में 40% सुधार होता है। प्रतियोगिताएं आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ ऐसे ही चमत्कार लाएगा।
बच्चों के मस्तिष्क विकास में UCMAS की भूमिका
झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ बच्चों के दिमाग को सुपरपावर देगा। अबेकस ट्रेनिंग से फोटोग्राफिक मेमोरी विकसित होती है। बच्चे किताबें तेजी से याद रखते हैं। एकाग्रता बढ़ने से ADHD जैसी प्रॉब्लम्स कम होती हैं। अभिभावक बताते हैं कि UCMAS के बाद बच्चे होमवर्क खुद करते हैं।
समस्या सॉल्विंग स्किल्स लाइफ में काम आती हैं। कल्पना कीजिए, आपका बच्चा एग्जाम में टेंशन फ्री हो। UCMAS रचनात्मकता बढ़ाता है, जो आर्ट, स्पोर्ट्स में मदद करता है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां एजुकेशन चैलेंजेस हैं, यह गेम चेंजर है। सुश्री सैनी कहती हैं, “हर बच्चा जीनियस बन सकता है।”
मस्तिष्क के दोनों गोलार्ध कैसे सक्रिय होते हैं?
अबेकस की गति से बच्चे आंखों से कैलकुलेट करते हैं। इससे न्यूरल कनेक्शन मजबूत होते हैं। 6 महीने में दिखने लगते हैं रिजल्ट्स। वैश्विक स्टडीज प्रमाणित करती हैं कि UCMAS IQ, EQ दोनों बढ़ाता है।

UCMAS क्यों चुनें? अन्य कार्यक्रमों से बेहतर
मार्केट में कई अबेकस कोर्स हैं, लेकिन UCMAS टॉप है। झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ ने साबित किया। इसका पाठ्यक्रम रिसर्च-बेस्ड है। सर्टिफाइड टीचर्स ट्रेनिंग देते हैं। राष्ट्रीय-इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन मोटिवेट करते हैं।
फायदे:
- 6000+ ग्लोबल सेंटर्स
- 15 लाख+ स्टूडेंट्स
- भारत में 2400+ सेंटर्स
- लाइफटाइम स्किल्स
सस्ता और प्रभावी। अभिभावक रिव्यूज कहते हैं, “बच्चे कॉन्फिडेंट हो गए।” जमशेदपुर के 13 सेंटर्स तुरंत जॉइन करने लायक हैं।
झारखंड और जमशेदपुर में UCMAS का विस्तार
झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ जमशेदपुर से शुरू हुआ। एग्रीको ऑफिस पूरे राज्य का हब बनेगा। 13 सेंटर्स पहले से रनिंग, रांची, धनबाद में और आएंगे। सुश्री सुरिंदर सैनी का विजन: ग्रामीण इलाकों तक पहुंच। झारखंड के माइनिंग फैमिलीज के बच्चे सबसे ज्यादा फायदा लेंगे।
प्लान:
- फ्री डेमो क्लासेस
- स्कॉलरशिप्स
- पैरेंट ओरिएंटेशन
यह राज्य की GDP बढ़ाने में मदद करेगा, क्योंकि स्मार्ट बच्चे स्मार्ट फ्यूचर बनाते हैं।
अभिभावकों के लिए टिप्स: UCMAS जॉइन कैसे करें
झारखंड में UCMAS जॉइन करना आसान है। निकटतम सेंटर चेक करें। फ्री ट्रायल लें। बच्चे की उम्र 4-13 हो। रोज 15 मिनट प्रैक्टिस। घर पर सपोर्ट दें। झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ के बाद एडमिशन बढ़ रहे हैं।
झारखंड में UCMAS अबेकस का शुभारंभ बच्चों के मस्तिष्क विकास का नया दौर शुरू कर रहा है। डॉ. डिनो वोंग का यह गिफ्ट अब झारखंड तक पहुंचा। सुश्री सुरिंदर सैनी के नेतृत्व में हर बच्चा जीनियस बनेगा। अगर आप अभिभावक हैं, तो देर न करें – आज ही जॉइन करें। यह निवेश लाइफटाइम रिटर्न देगा। UCMAS से न सिर्फ ग्रेड्स, बल्कि कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।










