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Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026

On: April 29, 2026 12:21 PM
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हिमालय की ऊंची चोटियों पर साहस की मिसाल कायम करने वाली Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 की खबर ने सबको रोमांचित कर दिया है। 11 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक 8 प्रतिभागियों का समूह, जिसमें 1 महिला और 7 पुरुष शामिल थे, ने 17,598 फीट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप तक सफल ट्रेक पूरा किया। टीएसएएफ के वरिष्ठ प्रशिक्षक राथू महतो के नेतृत्व में यह उपलब्धि दृढ़ इच्छाशक्ति और टीमवर्क का प्रतीक है। इस ब्लॉग में हम इस ट्रेक की पूरी कहानी, चुनौतियों, प्रतिभागियों के अनुभव और प्रेरणा पर विस्तार से बात करेंगे।

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यह तस्वीर Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन की साहसिक यात्राओं का प्रतीक है, जहां प्रतिभागी हिमालय की गोद में अपनी क्षमताओं को परखते हैं।

ट्रेक का सफर काठमांडू से EBC तक का रास्ता

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 की शुरुआत काठमांडू से हुई, जहां से उड़ान भरकर लुकला पहुंचा समूह। वहां से दुध कोशी नदी के किनारे ट्रेक शुरू हुआ। नामचे बाजार, तेंगबोचे जैसे खूबसूरत गांवों से गुजरते हुए शेरपा समुदाय की संस्कृति को करीब से देखा। नामचे बाजार शेरपाओं का केंद्र है, जहां उनकी मेहनत और साहस की कहानियां जीवंत हो उठती हैं।

ट्रेक की कुल दूरी लगभग 130 किलोमीटर है, जिसमें रोजाना 6-8 घंटे पैदल चलना पड़ता है। ऊंचाई धीरे-धीरे बढ़ती गई – लुकला (2,860 मीटर) से नामचे (3,440 मीटर), फिर तेंगबोचे (3,860 मीटर) और अंततः EBC (5,364 मीटर या 17,598 फीट) तक। राथू महतो ने हर कदम पर मार्गदर्शन किया, जो टीएसएएफ के अनुभवी प्रशिक्षक हैं।

दैनिक चुनौतियां बर्फबारी से तेज हवाओं तक

हर दिन नई चुनौती थी। सुबह जल्दी उठकर पैदल मार्च, बीच में आराम और acclimatization तेंगबोचे में शेरपा मठ की शांति ने थकान मिटाई। लेकिन पत्थर और गोर्कशेप जैसे पॉइंट्स पर चढ़ाई कठिन थी। प्रतिभागियों की उम्र 35 से 63 वर्ष होने के बावजूद सभी ने इसे पार किया।

प्रतिभागियों की सूची साहस के सितारे

टीम में विविधता थी – डॉक्टर, प्रोफेशनल्स और एक महिला अवंतिका सिंह। पूरी सूची इस प्रकार है:

  • डोनाल्ड मेनेज़ेस – पुरुष
  • नीरज निद्रे – पुरुष
  • डॉ. विजय निद्रे – पुरुष
  • डॉ. कुमार राहुल – पुरुष
  • अवंतिका सिंह – महिला
  • अभय कुमार सिंह – पुरुष
  • मुकेश कठाई – पुरुष
  • शशिकांत गुप्ता – पुरुष

ये सभी जमशेदपुर और आसपास के थे, जो Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 में शामिल हुए। उनकी दृढ़ता ने साबित किया कि उम्र सिर्फ संख्या है।

विशेष अवंतिका सिंह की उपलब्धि

अवंतिका एकमात्र महिला प्रतिभागी थीं। उन्होंने कहा, “यह ट्रेक आत्मचिंतन का अवसर था। हिमालय ने मुझे मजबूत बनाया।” उनकी सफलता महिलाओं के लिए प्रेरणा है।

कठिनाइयां जो पार की गईं –25°C से ऊंचाई बीमारी तक

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 में मौसम ने सबसे ज्यादा परेशान किया। तापमान शून्य से नीचे –25°C तक गिरा, तेज हवाएं, बर्फबारी। रोजाना लंबे पैदल सफर, ऊंचाई बढ़ने से ऑक्सीजन कम होना – altitude sickness का खतरा।

ट्रेल्स ऊबड़-खाबड़, चट्टानी, संकरी पुल। लेकिन टीएसएएफ की ट्रेनिंग ने मदद की। शेरपा गाइड्स ने सामान ढोया और प्रोत्साहन दिया। अभय सिंह ने कहा, “समूह की ऊर्जा ने सब संभव बनाया।”

स्वास्थ्य और तैयारी के टिप्स

ट्रेक से पहले TSAF ने फिटनेस कैंप आयोजित किए। ऑक्सीजन सैचुरेशन चेक, दवाएं। ट्रेक पर गरम कपड़े, ट्रेकिंग पोल जरूरी।

TSAF की भूमिका साहस की फैक्ट्री

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) 1980s से सक्रिय है। बछेंद्री पाल को ट्रेनिंग दी, जो भारत की पहली महिला एवरेस्ट विजेता बनीं। मोहन रावत जैसे प्रशिक्षक एवरेस्ट फतह कर चुके। राथू महतो ने इस ट्रेक को लीड किया। TSAF न सिर्फ ट्रेक आयोजित करता, बल्कि जीवन मूल्य सिखाता है।

TSAF के पिछले रिकॉर्ड

2025 में मोहन रावत ने एवरेस्ट समिट किया। पहले भी कई EBC ट्रेक सफल। 2024 में 22 प्रतिभागी पहुंचे।

THE NEWS FRAME

प्रतिभागियों के अनुभव दिल छू लेने वाली कहानियां

अभय सिंह: “हिमालय ने धैर्य सिखाया। EBC पर भावुक क्षण। TSAF का धन्यवाद।

अवंतिका सिंह: “आत्मचिंतन और मजबूती का सफर। समूह की एकजुटता अविस्मरणीय।

अन्य प्रतिभागियों ने भी साझा किया कि चुनौतियां व्यक्तित्व निखारती हैं।

EBC पर पहुंचने का जादू

17,598 फीट पर खड़े होकर एवरेस्ट, ल्होत्से, नुप्तसे के दर्शन। थकान भूल जाती है

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 ने साबित किया कि संकल्प से असंभव संभव है। यह यात्रा न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक जीत है। TSAF जैसे संगठन युवाओं को प्रेरित करें। आप भी साहस दिखाएं, हिमालय बुला रहा है

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