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The murder of a national symbol: राष्ट्रीय प्रतीक की हत्या से हड़कंप, हरदोई में बेरहमी से मारा गया मोर, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

On: July 13, 2025 8:55 PM
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The murder of a national symbol: राष्ट्रीय प्रतीक की हत्या से हड़कंप, हरदोई में बेरहमी से मारा गया मोर, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

The murder of a national symbol: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम बारेपुर में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि देश की राष्ट्रीय गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

The murder of a national symbol: घटना की जानकारी

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ग्राम निवासी श्रीमती कुंती देवी पत्नी रामराज द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, दिनांक 7 जुलाई 2025 को लगभग शाम 4 बजे, गांव के ही राजकुमार पुत्र संतराम, शिवदर्शन पुत्र संतराम, रानी पुत्री रामशंकर और अन्य कुछ लोगों ने उनके घर के आंगन में खेल रहे एक मोर को पहले पकड़ लिया, उसके पंख बेरहमी से नोच डाले, फिर गर्दन दबाकर उसे मार डाला।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरी घटना को कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल कैमरे में कैद भी किया है। बताया गया है कि मोर की हत्या की तस्वीरें गांव में कई लोगों के पास हैं, जो इस क्रूरता की साफ गवाही देती हैं।

कानूनी स्थिति: गंभीर अपराध

भारत सरकार द्वारा घोषित मोर राष्ट्रीय पक्षी है और यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित प्राणी है। इसके शिकार पर सात साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस मामले में अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है।

The murder of a national symbol: ग्रामीणों और संगठनों में आक्रोश

घटना के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। कई सामाजिक संगठनों और वन्यजीव संरक्षण संस्थाओं ने इस मामले को राष्ट्रीय मंच पर उठाने की बात कही है। वहीं, सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो रही है और लोग दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

एक वरिष्ठ वन्यजीव अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया,

“मोर सिर्फ एक खूबसूरत पक्षी नहीं है, यह हमारे संस्कृति और प्रकृति संतुलन का प्रतीक है। इसकी हत्या केवल एक कानून तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि यह देश की अस्मिता पर हमला है।”

The murder of a national symbol: सवालों के घेरे में प्रशासन

घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या राष्ट्रीय प्रतीकों की रक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?

जनता की मांग: न्याय हो, सख्त हो

इस घटना ने यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि जब राष्ट्रीय प्रतीक ही सुरक्षित नहीं, तो आमजन की सुरक्षा का क्या भरोसा?
लोगों की मांग है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ उदाहरण स्वरूप सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हिम्मत न कर सके।

यह केवल एक हत्या नहीं, देश के सम्मान पर आघात है — न्याय की गूंज हर कोने तक पहुँचना चाहिए।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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