टाटा स्टील की खेल विरासत: खेलों के जरिए स्वास्थ्य और उत्कृष्टता को बढ़ावा
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर टाटा स्टील के चीफ, स्पोर्ट्स श्री मुकुल विनायक चौधरी ने कहा कि टाटा स्टील हमेशा से खेलों के विकास और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। कंपनी ने स्थानीय स्तर पर सामुदायिक जुड़ाव से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने तक, खेलों को हमेशा प्राथमिकता दी है।
चौधरी ने बताया कि टाटा स्टील ने खेलों के माध्यम से कर्मचारियों और समाज में स्वास्थ्य और अनुशासन को बढ़ावा देने का कार्य किया है। कंपनी का इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स इकोसिस्टम खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से लेकर एलीट प्रशिक्षण तक पोषित करता है। इसके तहत स्विमिंग, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, क्रिकेट, हैंडबॉल, एथलेटिक्स और गोल्फ जैसे क्षेत्रों में 19 अकादमियां संचालित की जा रही हैं।
पांच विशेष अकादमियां आर्चरी, पैरा स्पोर्ट्स, हॉकी और फुटबॉल जैसे खेलों में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार कर रही हैं। इनसे निकलकर दीपिका कुमारी, कोमोलिका बारी, जयंत तालुकदार, अंकिता भाकत, भजन कौर, कल्याण चौबे, सुब्रतो पॉल और पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी उमेश विक्रम जैसे नाम देश का मान बढ़ा चुके हैं। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन से जुड़े 13 पर्वतारोही माउंट एवरेस्ट तक फतह कर चुके हैं।
कंपनी ने टाटा फुटबॉल अकादमी, टाटा आर्चरी अकादमी, नेवल टाटा हॉकी अकादमी, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग अकादमी, रोइंग अकादमी और हाई-परफॉर्मेंस सेंटर जैसी पहलें शुरू कीं। जमशेदपुर स्थित जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अलावा कलिंगानगर और ओडिशा में भी खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
टाटा स्टील राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेशनल आर्चरी चैम्पियनशिप, एशियन यूथ स्पोर्ट क्लाइम्बिंग चैम्पियनशिप, एशियन चेस चैम्पियनशिप, सैफ फुटबॉल कप, डुरंड कप और पैरा बैडमिंटन नेशनल जैसी प्रतियोगिताओं की मेज़बानी भी करता है।
कंपनी का खेल विभाग टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मिलकर युवाओं को सशक्त बनाने, अनुशासन और अवसर प्रदान करने के लिए कार्य करता है। विशेष जरूरत वाले खिलाड़ियों के लिए स्पेशल ओलंपिक्स को बढ़ावा दिया जाता है और पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी उमेश विक्रम को विश्व स्तर पर सहयोग किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए भी खेलों का आयोजन किया जाता है।
टाटा स्टील का मानना है कि खेलों में सफलता केवल पदक जीतने से नहीं बल्कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से मापी जानी चाहिए। कंपनी समर कैंप और विभिन्न आयोजन कर बच्चों को खेलों की ओर आकर्षित करती है और विशेष व वंचित वर्ग के बच्चों को शामिल कर उन्हें मंच देती है।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर संदेश देते हुए चौधरी ने कहा कि खेल को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाइए, यह तनाव कम करता है, शरीर और दिमाग को ताज़ा करता है और हर बार बेहतर करने की प्रेरणा देता है। खेलना अपने आप को स्वस्थ और खुश रखने का सबसे आसान तरीका है।
- मुख्य वक्ता : श्री मुकुल विनायक चौधरी, चीफ – स्पोर्ट्स, टाटा स्टील
- अवसर : राष्ट्रीय खेल दिवस
खेलों के प्रति टाटा स्टील की प्रतिबद्धता
टाटा स्टील हमेशा से खेलों के विकास और प्रोत्साहन के लिए समर्पित रहा है। कंपनी ने समुदाय से जुड़ाव के माध्यम से हो या राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में, खेलों को हमेशा प्राथमिकता दी है।
एक कॉरपोरेट के रूप में टाटा स्टील खेलों को कर्मचारियों और समाज की स्वस्थ जीवनशैली के लिए एक माध्यम मानता है। यही कारण है कि कंपनी ने एक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया है, जो जमीनी स्तर से लेकर एलीट प्रशिक्षण सुविधाओं तक खिलाड़ियों को पोषित करता है।
विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना
- टाटा स्टील ने 19 प्रशिक्षण अकादमियां विकसित की हैं, जिनमें तैराकी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, क्रिकेट, हैंडबॉल, एथलेटिक्स, गोल्फ आदि शामिल हैं।
- इनमें से 5 अकादमियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट खिलाड़ी तैयार करने पर केंद्रित हैं – आर्चरी, पैरा-ओलंपिक्स, हॉकी और फुटबॉल।
- प्रमुख पहल –
- टाटा फुटबॉल अकादमी (TFA)
- टाटा आर्चरी अकादमी
- नेवल टाटा हॉकी अकादमी
- टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF)
- स्पोर्ट क्लाइम्बिंग अकादमी
- रोइंग अकादमी
- स्पोर्ट्स साइंस हाई-परफॉर्मेंस सेंटर
गौरवशाली उपलब्धियां
- आर्चरी : कोमोलिका बारी, दीपिका कुमारी, जयंत तालुकदार, अंकिता भाकत, भजन कौर
- फुटबॉल : कल्याण चौबे और सुब्रतो पॉल
- पैरा-बैडमिंटन : उमेश विक्रम कुमार (विश्व में डबल्स रैंक 2 और सिंगल्स रैंक 3)
- एडवेंचर : 13 पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट फतह किया
समाज और समुदाय के साथ जुड़ाव
- टाटा स्टील ने ओडिशा सरकार के साथ मिलकर हॉकी, आर्चरी और क्लाइम्बिंग अकादमी चलाई।
- कंपनी स्पेशल ओलंपिक्स कार्यक्रम को समर्थन देती है, ताकि विशेष जरूरत वाले खिलाड़ियों को अवसर मिल सके।
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए भी खेल आयोजन कर समावेशिता का संदेश दिया गया।
- महिलाओं और बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए समर कैंप और स्पोर्ट्स इवेंट्स आयोजित किए जाते हैं।
भविष्य की दिशा और लक्ष्य
- बच्चों को मोबाइल-गैजेट से हटाकर खेलों की ओर आकर्षित करना।
- ग्रामीण, आदिवासी और वंचित समुदायों की प्रतिभाओं को पहचानना और निखारना।
- कर्मचारियों को जोड़ने के लिए इंटर-कंपनी, ID, JDC और SPSB खेल आयोजन कराना।
- राष्ट्रीय और क्षेत्रीय खेल महासंघों के साथ साझेदारी कर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर संदेश
“खेल को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाइए, चाहे उम्र या लिंग कुछ भी हो।
आप कोई भी खेल खेलें – यह एक छोटे अवकाश जैसा अनुभव देता है।
खेल तनाव दूर करता है, मानसिक और शारीरिक रूप से रीफ्रेश करता है और हर बार बेहतर करने की प्रेरणा देता है।
खेलना मजेदार भी है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भी।”
टाटा स्टील का मूलमंत्र
“Be a Sport, Keep Playing” – खेलते रहिए, स्वस्थ रहिए।














