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IiAS टाटा पावर ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोरकार्ड असेसमेंट 2025 में ‘नेक्स्ट लीडर्स’ पोजीशन हासिल की

On: March 27, 2026 7:55 PM
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 कॉर्पोरेट जगत में ट्रांसपेरेंसी और अच्छी गवर्नेंस कितनी महत्वपूर्ण है, यह आज की खबर से साफ झलकता है। टाटा पावर, भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड पावर कंपनियों में से एक, ने IiAS इंडियन कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोरकार्ड असेसमेंट 2025 में ‘नेक्स्ट लीडर्स’ कैटेगरी में जगह बनाई है। यह उपलब्धि 26 मार्च 2026 को नेशनल लेवल पर घोषित हुई। कंपनी सेक्रेटरी विश्पी एस. पटेल ने पूर्व SEBI चेयरमैन डॉ. यू.के. सिन्हा और IiAS की प्रेसिडेंट हेतल दलाल से सर्टिफिकेट प्राप्त किया। आइए, टाटा पावर की इस गवर्नेंस सफलता को विस्तार से समझें और जानें कि यह भारतीय कॉर्पोरेट्स के लिए क्या मायने रखती है।

IiAS कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोरकार्ड क्या है?

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IiAS कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोरकार्ड असेसमेंट इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (IiAS) द्वारा सालाना किया जाता है। यह S&P BSE 100 कंपनियों का मूल्यांकन करता है। 2025 का यह 10वां एडिशन था, जो कॉर्पोरेट इंडिया में गवर्नेंस प्रैक्टिसेज के विकास को ट्रैक करता है। फ्रेमवर्क IFC, BSE और IiAS द्वारा विकसित है, जो G20/OECD कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रिंसिपल्स पर आधारित है।

असेसमेंट चार बराबर वेटेड पिलर्स पर होता है:

  • शेयरहोल्डर्स के राइट्स और इक्विटेबल ट्रीटमेंट।
  • सस्टेनेबिलिटी और रेजिलिएंस।
  • डिस्क्लोजर्स और ट्रांसपेरेंसी।
  • बोर्ड की रिस्पॉन्सिबिलिटीज।

टाटा पावर को ‘नेक्स्ट लीडर्स’ कैटेगरी मिली, जो बताती है कि कंपनी फॉर्मल कंप्लायंस से आगे बढ़कर क्वालिटी ओवरसाइट, ट्रांसपेरेंसी और लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन पर फोकस कर रही है।

2025 असेसमेंट की खास बातें

इस साल का स्कोरकार्ड दिखाता है कि भारतीय कॉर्पोरेट गवर्नेंस ज्यादा मैच्योर हो गया है। फोकस शिफ्ट हो गया है – सिर्फ नियमों का पालन नहीं, बल्कि बोर्ड की मजबूत निगरानी, रिस्क मैनेजमेंट और स्टेकहोल्डर्स वैल्यू पर। टाटा पावर जैसी कंपनियां इस ट्रेंड को लीड कर रही हैं। IiAS एक SEBI रिसर्च एनालिस्ट बॉडी है, जो गवर्नेंस, ESG रेटिंग्स और वोटिंग रेकमेंडेशन्स देती है।

THE NEWS FRAME

टाटा पावर की गवर्नेंस स्ट्रेंथ्स क्यों मिली ‘नेक्स्ट लीडर्स’ पोजीशन?

टाटा पावर ने चारों पिलर्स में मजबूत स्कोर किया। शेयरहोल्डर्स के राइट्स में वोटिंग, डिविडेंड पॉलिसी और इक्विटी सुनिश्चित की। सस्टेनेबिलिटी में क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन पर फोकस – सोलर, विंड प्रोजेक्ट्स। डिस्क्लोजर्स में फाइनेंशियल रिपोर्टिंग ट्रांसपेरेंट। बोर्ड रिस्पॉन्सिबिलिटीज में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और रिस्क कमिटी एक्टिव।

कंपनी सेक्रेटरी विश्पी पटेल ने सर्टिफिकेट रिसीव किया, जो टाटा ग्रुप की गवर्नेंस कल्चर को रिफ्लेक्ट करता है। टाटा पावर की CSR, स्किल डेवलपमेंट (जैसे TPSDI) जैसी इनिशिएटिव्स भी ESG स्कोर को बूस्ट देती हैं। कल्पना कीजिए, एक पावर कंपनी जो बिजली देती है और साथ ही ट्रांसपेरेंट गवर्नेंस से इन्वेस्टर्स का भरोसा जीतती है – यही परफेक्ट बैलेंस है!

G20/OECD प्रिंसिपल्स का महत्व

ये प्रिंसिपल्स ग्लोबल स्टैंडर्ड हैं। वे सुनिश्चित करते हैं कि कंपनियां शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट्स के चक्कर में लॉन्ग-टर्म वैल्यू न गंवाएं। टाटा पावर इन्हें अपनाकर भारत को ग्लोबल इन्वेस्टर के लिए आकर्षक बना रही है।

भारतीय कॉर्पोरेट गवर्नेंस का सफर: 10 साल का मूल्यांकन

IiAS स्कोरकार्ड के 10 सालों में भारतीय कंपनियां बहुत आगे बढ़ी हैं। 2016 में फोकस कंप्लायंस पर था, अब रेजिलिएंस और ESG पर। S&P BSE 100 में ‘लिडर्स’ कैटेगरी में टॉप कंपनियां हैं, जबकि टाटा पावर ‘नेक्स्ट लीडर्स’ में – मतलब टॉप पर पहुंचने की राह पर।

IiAS की भूमिका और ESG फोकस

IiAS कैपिटल मार्केट्स को इंडिपेंडेंट एडवाइस देती है। इसकी सब्सिडियरी IIAS सस्टेनेबिलिटी सॉल्यूशंस ESG रेटिंग्स देती है। SEBI रेगुलेटेड होने से इसकी क्रेडिबिलिटी हाई है। 2025 असेसमेंट ESG को इंटीग्रेट करता है, जो क्लाइमेट रिस्क्स, डाइवर्सिटी पर फोकस करता है।

अच्छी गवर्नेंस के फायदे टाटा पावर का उदाहरण

अच्छी गवर्नेंस से इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस बढ़ता है, स्टॉक परफॉर्मेंस बेहतर होती है। टाटा पावर के केस में, यह क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को फंडिंग आसान बनाएगा। स्टेकहोल्डर्स – शेयरहोल्डर्स, एम्प्लॉयी, कम्युनिटी – सब लाभान्वित होते हैं। रिस्क मैनेजमेंट मजबूत होने से क्राइसिस में कंपनी स्थिर रहती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह जरूरी है। NSE, BSE पर लिस्टेड कंपनियां गवर्नेंस स्कोर से बेंचमार्क होती हैं। टाटा पावर जैसी कंपनियां दूसरों के लिए रोल मॉडल हैं।

चुनौतियां और आगे की राह

फिर भी चुनौतियां हैं – बोर्ड डाइवर्सिटी, ESG डिस्क्लोजर्स में इम्प्रूवमेंट। टाटा पावर ‘नेक्स्ट लीडर्स’ से ‘लिडर्स’ बनने की ओर बढ़ रही है। फ्यूचर में AI, साइबर सिक्योरिटी जैसे न्यू रिस्क्स पर फोकस होगा।

टाटा पावर की ‘नेक्स्ट लीडर्स’ पोजीशन IiAS कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोरकार्ड असेसमेंट 2025 में एक माइलस्टोन है। यह ट्रांसपेरेंसी, सस्टेनेबिलिटी और बोर्ड एकाउंटेबिलिटी की मिसाल है। भारतीय कॉर्पोरेट्स के लिए यह संदेश है – अच्छी गवर्नेंस ही लॉन्ग-टर्म सक्सेस की कुंजी है। टाटा पावर जैसे ग्रुप्स देश को ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर ले जा रहे हैं। इन्वेस्टर्स और युवा प्रोफेशनल्स के लिए यह प्रेरणा है!

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