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Srinath विश्वविद्यालय में शिष्टाचार और व्यावसायिक संप्रेषण पर लेक्चर का आयोजन

On: March 28, 2026 9:48 PM
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Srinath विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के अंग्रेजी विभाग ने “शिष्टाचार और व्यावसायिक संप्रेषण का महत्व” विषय पर एक शानदार अतिथि व्याख्यान आयोजित किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप यह ऑफलाइन कार्यक्रम छात्रों और शिक्षकों के बीच उत्साह भर गया।

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आज के डिजिटल दौर में शिष्टाचार और संप्रेषण स्किल्स जीवन की कुंजी हैं। आइए, इस कार्यक्रम की पूरी जानकारी, महत्व और सबक को विस्तार से जानें।

कार्यक्रम का विवरण और मुख्य वक्ता

Srinath विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग ने यह व्याख्यान विभिन्न विभागों के छात्रों और शिक्षकों के लिए रखा। मुख्य वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. धृति रे दलई थीं। उन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में शिष्टाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। विनम्रता, सम्मान और संवेदनशीलता से संप्रेषण संबंध मजबूत करता है।

प्रो. दलई ने कहा कि डिजिटल संचार के जमाने में भी शिष्टाचार जरूरी है। यह कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का आधार है। छात्रों ने उनके वक्तव्य को खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रिया बसु ने किया, जिन्होंने सब कुछ सुचारू रखा।

कुलपति प्रो. डॉ. एस. एन. सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। उन्होंने अंग्रेजी विभाग की पहल की तारीफ की और NEP के मूल्यों पर जोर दिया। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों के सवालों ने चर्चा को जीवंत बनाया।

शिष्टाचार का महत्व व्यक्तिगत जीवन में

शिष्टाचार सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि व्यवहार का आईना है। प्रो. दलई के अनुसार, विनम्रता से रिश्ते गहरे होते हैं। परिवार, दोस्तों और समाज में सम्मानजनक बातचीत विश्वास जगाती है। आजकल सोशल मीडिया पर झगड़े आम हैं, वहाँ शिष्टाचार शांति लाता है।

  1. विनम्रता: “धन्यवाद” और “कृपया” जैसे शब्द जादू करते हैं।
  2. संवेदनशीलता: दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखें।
  3. लाभ: तनाव कम, खुशहाल जीवन।

छात्रों के लिए यह व्याख्यान जीवन का पहला सबक था। स्कूल-कॉलेज से ही शिष्टाचार सिखाना जरूरी है।

डिजिटल दौर में शिष्टाचार की चुनौतियाँ

व्हाट्सएप, ईमेल और वीडियो कॉल्स में शिष्टाचार भूल जाते हैं। प्रो. दलाई ने इमोजी के साथ सही शब्दों का इस्तेमाल सिखाया। गलत संदेश से गलतफहमियाँ होती हैं। युवाओं को ऑनलाइन एटिकेट सिखना होगा।

व्यावसायिक संप्रेषण करियर की सीढ़ी

कार्यस्थल पर संप्रेषण सफलता की कुंजी है। प्रो. दलाई ने बताया कि बॉस, सहकर्मियों से सही बातचीत प्रमोशन दिलाती है। क्लियर, शिष्ट और आत्मविश्वासपूर्ण संवाद नेतृत्व बनाता है। मीटिंग्स, ईमेल्स में शिष्टाचार प्रभाव बढ़ाता है।

  • प्रभावी संप्रेषण: छोटे वाक्य, साफ आवाज।
  • बॉडी लैंग्वेज: आँखों में देखकर बात करें।
  • फायदा: टीम वर्क मजबूत, गलतियाँ कम।

NEP इस पर जोर देती है। श्रीनाथ विश्वविद्यालय जैसे संस्थान छात्रों को जॉब-रेडी बना रहे हैं। इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में ये स्किल्स काम आती हैं।

नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास

शिष्टाचार व्यक्तित्व निखारता है। प्रो. सिंह ने कहा कि शिक्षा में जीवन कौशल शामिल हों। प्रो. दलाई के उदाहरणों से छात्रों ने सीखा कि CEO भी विनम्र होते हैं। यह व्याख्यान करियर गाइड बना।

Srinath विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का योगदान

NEP 2020 जीवन कौशल पर फोकस करती है। Srinath विश्वविद्यालय इसे अपनाकर आगे है। ऑफलाइन व्याख्यान से छात्रों का इंटरैक्शन बढ़ा। अन्य विभागों की भागीदारी ने interdisciplinery लर्निंग को बढ़ावा दिया।

ऐसे कार्यक्रम Srinath विश्वविद्यालय को ब्रांड बनाते हैं। जमशेदपुर जैसे शहर में शिक्षा का स्तर ऊँचा हो रहा है।

छात्रों के लिए व्यावहारिक टिप्स

प्रो. दलाई के व्याख्यान से निकले टिप्स

  • ईमेल में विषय साफ रखें, सलामति भेजें।
  • मीटिंग में बारी का इंतजार करें।
  • फीडबैक लेने-देने में शिष्ट रहें।
  • डिजिटल में कैपिटल लेटर्स चिल्लाने जैसा है, बचें।

ये छोटे बदलाव बड़े फायदे देते हैं। छात्र अब इन्हें अपनाएँगे।

THE NEWS FRAME

Srinath विश्वविद्यालय की पहलें एक नजर

Srinath विश्वविद्यालय अंग्रेजी विभाग की यह पहल सराहनीय है। डॉ. रिया बसु का संचालन परफेक्ट था। कुलपति का समर्थन प्रोत्साहन है। भविष्य में और व्याख्यान होंगे।

चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा

आजकल छात्र शॉर्टकट्स अपनाते हैं, शिष्टाचार भूल जाते हैं। डिजिटल distractions से फोकस कम। Srinath विश्वविद्यालय को वर्कशॉप्स बढ़ानी चाहिए। प्रो. दलाई जैसे एक्सपर्ट्स बुलाएँ। NEP के तहत सॉफ्ट स्किल्स को क्रेडिट दें।

जमशेदपुर के युवा इनसे लाभान्वित होंगे। करियर में आगे रहेंगे।

Srinath विश्वविद्यालय में शिष्टाचार और व्यावसायिक संप्रेषण पर लेक्चर ने छात्रों को नई दिशा दी। प्रो. धृति रे दलाई का व्याख्यान NEP के अनुरूप प्रेरणा स्रोत बना। शिष्टाचार जीवन और करियर दोनों संवारता है। ऐसे कार्यक्रमों से युवा मजबूत बनें!

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