
चाईबासा: झारखंड सरकार के Tourist कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के निर्देशानुसार राज्यभर में 10 जून से 26 जून 2026 तक नशीले एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों, पर्यटन स्थलों तथा आवासीय एवं डे-बोर्डिंग खेल प्रशिक्षण केंद्रों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ, अनुशासित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को इस जन-अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नशा मुक्त समाज के निर्माण का दिया जा रहा संदेश
जिला प्रशासन एवं खेल विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान में लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है।
कार्यक्रमों के दौरान युवाओं को बताया जा रहा है कि मादक पदार्थों की लत मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से व्यक्ति को कमजोर बना देती है। इसलिए जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए नशे से दूर रहना और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है।
खेल प्रशिक्षण केंद्रों और पर्यटन स्थलों पर चल रहे विविध कार्यक्रम
जिला खेल पदाधिकारी के दिशा-निर्देश में जिले के विभिन्न खेल प्रशिक्षण केंद्रों एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अनेक रचनात्मक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों में क्रॉस कंट्री दौड़, कबड्डी प्रतियोगिता, योग अभ्यास, रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन प्रतियोगिता, शपथ ग्रहण समारोह तथा हस्ताक्षर अभियान जैसे आयोजन शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है।
खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास
अभियान के दौरान खेल प्रतियोगिताओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि खेल गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास करती हैं तथा उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
क्रॉस कंट्री दौड़ और कबड्डी जैसी प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। खेल मैदानों में युवाओं का उत्साह इस अभियान की सफलता का प्रतीक बनकर सामने आया।
योग और सांस्कृतिक गतिविधियों से दिया गया स्वास्थ्य का संदेश
नशा मुक्ति अभियान के तहत योग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास के लाभ बताए गए। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाता है तथा तनाव और नकारात्मक प्रवृत्तियों से बचाने में सहायक होता है।
इसके अलावा पेंटिंग, भाषण और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं ने नशा मुक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने चित्रों और लेखों के जरिए समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया।
शपथ ग्रहण और हस्ताक्षर अभियान से बढ़ी जागरूकता
अभियान के अंतर्गत आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम में खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक रूप से नशा नहीं करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिकों ने इस अभियान में भाग लेकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए किया जा रहा प्रेरित
अभियान के दौरान प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने, खेल गतिविधियों में भाग लेने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में लगाएंगे तो वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से स्वतः दूर रहेंगे और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षकों की भूमिका बनी अभियान की सफलता की आधारशिला
इस अभियान की सफलता में जिले के सभी खेल प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रशिक्षक लगातार खिलाड़ियों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक कर रहे हैं तथा उन्हें अनुशासन, मेहनत और खेल भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दे रहे हैं।
प्रशिक्षकों ने बताया कि खेल व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है और यह युवाओं को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार तथा सकारात्मक सोच वाला नागरिक बनाता है।
स्थानीय नागरिकों और खिलाड़ियों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
नशा मुक्ति अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय नागरिकों, खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं और युवाओं को सही दिशा प्रदान कर सकते हैं।
स्वस्थ और जागरूक समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जिला प्रशासन और खेल विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह नशा मुक्ति अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को समय रहते नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें खेल, योग तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए, तो नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
26 जून तक जारी रहेगा जन-जागरूकता अभियान
झारखंड सरकार के निर्देशानुसार 10 जून से प्रारंभ हुआ यह विशेष अभियान 26 जून 2026 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा। इस दौरान खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जागरूकता रैलियों और शपथ समारोहों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिले में चल रहा यह अभियान युवाओं में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दे रहा है तथा समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।






































