
📍कराईकेला/चक्रधरपुर (जय कुमार): नरकंकाल बरामद, पाँच साल पुराने हत्याकांड का खुलासा, कराईकेला पुलिस की बड़ी सफलता, तीन आरोपी गिरफ्तार

🔸 2020 में अपहरण और हत्या की गुत्थी सुलझी, नरकंकाल बरामद
पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुए सिताराम बोदरा हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर लिया है। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटनास्थल की खुदाई में एक नरकंकाल भी बरामद किया गया है, जिससे हत्या की पुष्टि हुई है।
🔍 हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग बना कारण
जानकारी के अनुसार, सिताराम बोदरा का माधे दिग्गी नामक महिला से प्रेम-प्रसंग था, जिसे महिला के परिजनों – पातोर होनहागा और माचे दिग्गी ने स्वीकार नहीं किया। इसके चलते उन्होंने सिताराम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश में उनके साथ लालो बोदरा उर्फ गोलाराम बोदरा, राम बोदरा और विशाल पूर्ती भी शामिल थे। सभी ने मिलकर सिताराम बोदरा का अपहरण कर हत्या कर दी थी।

⚖️ कानूनी कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच में तेजी
दिनांक 27 जून 2025 को आरोपियों से तकनीकी और गहन पूछताछ में अपराध कबूल करवाने के बाद, उनकी निशानदेही पर पुलिस ने राजविजयपुर और बेनटांगर के बीच सुनसान नहर किनारे खुदाई की। वहां जमीन के अंदर से एक नरकंकाल बरामद हुआ, जिसे आगे राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला रांची द्वारा जांच के लिए भेजा गया है।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी और पुलिस टीम
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में
- राम बोदरा
- पातोर होनहागा
- लालो बोदरा उर्फ गोलाराम बोदरा
को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी:
- श्री शिवम प्रकाश (भा.पु.से.), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चक्रधरपुर
- पु.अ.नि. अंकित कुमार, थाना प्रभारी, कराईकेला
- पु.अ.नि. गौतम कुमार, कराईकेला
- पु.अ.नि. चंदन शुभम शर्मा, कराईकेला
- कराईकेला थाना के सशस्त्र बल के जवान
📌 विशेष बिंदु:
- अपहरण और हत्या की प्राथमिकी 2020 में दर्ज हुई थी (कांड सं. 29/20)।
- लगातार पाँच वर्षों से अनुसंधान व छापेमारी चल रही थी।
- अबतक का सबसे ठोस साक्ष्य – नरकंकाल की बरामदगी।
- अपराधियों की गिरफ्तारी से ग्रामीणों में न्याय की उम्मीद जगी है।
कराईकेला पुलिस की यह कार्रवाई लंबे समय से न्याय की बाट जोह रहे परिजनों के लिए राहत भरी खबर है। पांच साल पुराने मामले में तकनीकी जांच, गहन पूछताछ और निशानदेही से मिले प्रमाणों के आधार पर पुलिस ने जो कार्य किया, वह अन्वेषण की दृढ़ इच्छाशक्ति और पेशेवर कार्यशैली का प्रमाण है।
प्रशंसनीय है कि पुलिस अब भी अन्य आरोपियों की तलाश में छापामारी जारी रखे हुए है।










































