
जमशेदपुर: के रेल यात्रियों का गुस्सा अब उफान पर है। Tatanagar जंक्शन पर यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ रेल यात्री संघर्ष समिति 26 अप्रैल को जोरदार हस्ताक्षर अभियान चलाने जा रही है। जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय के नेतृत्व में केबुल टाउन में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। 15-15 सदस्यों की टोलियां हर प्लेटफॉर्म पर यात्रियों से फीडबैक लेंगी। स्टेशन के बाहर वाइटबोर्ड पर हस्ताक्षर और क्यूआर कोड वाले पर्चे बांटे जाएंगे। आइए, Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान की पूरी रणनीति समझते हैं।

यह आंदोलन तीन साल से परेशान यात्रियों की आवाज है। अगर आप टाटानगर से सफर करते हैं, तो यह अभियान आपके लिए है।
हस्ताक्षर अभियान की रणनीति 15-15 की टोलियां
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान व्यापक होगा। विधायक सरयू राय ने 15-15 लोगों की टोलियां बनाने के निर्देश दिए। ये टोलियां हर प्लेटफॉर्म पर तैनात रहेंगी। आने-जाने वाले यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा।
क्यूआर कोड वाले पर्चे बांटे जाएंगे। यात्री स्कैन करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। स्टेशन के बाहर बड़ा वाइटबोर्ड लगेगा, जहां सीधे हस्ताक्षर होंगे। यह डिजिटल-ट्रेडिशनल मॉडल यात्रियों की भागीदारी बढ़ाएगा। सुबह 9:30 बजे से अभियान शुरू होगा।
घाटशिला यात्रियों की विशेष समस्या
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान में घाटशिला का मुद्दा प्रमुख है। घाटशिला के यात्री Tatanagar पर उतरते हैं, क्योंकि ज्यादातर ट्रेनें घाटशिला में नहीं रुकतीं। लेट होने पर घाटशिला पहुंचने में घंटों लग जाते हैं।
समिति ने मांग की है कि घाटशिला स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव हो। चक्रधरपुर डिवीजन डीआरएम से स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।
Tatanagar मालगाड़ी प्राथमिकता पर सवाल किसका आदेश?
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान का मूल सवाल – यात्री ट्रेनें क्यों रुक रही हैं? समिति का आरोप है कि मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही। सवाल उठे:
- यह फैसला डीआरएम, रेलवे बोर्ड या रेल महाप्रबंधक का है?
- क्या कोई सर्कुलर जारी हुआ?
- यात्री ट्रेनें क्यों बलि का बकरा बन रही?
सरयू राय ने डीआरएम से लिखित जवाब मांगा। हस्ताक्षर राज्यपाल और केंद्र को भेजे जाएंगे।

प्रमुख बैठकें सरयू राय से जदयू तक
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान की तैयारी में दो बैठकें हुईं:
- केबुल टाउन बैठक: सरयू राय की मौजूदगी में रणनीति बनी। संयोजक शिवशंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, नीरज सिंह, अजय कुमार आदि उपस्थित।
- जदयू महानगर बैठक: अध्यक्ष अजय कुमार ने प्रभावी अभियान पर जोर दिया। जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने टोली बनाने का सुझाव दिया।
राजीव कुमार ने संचालन, प्रकाश कोया ने धन्यवाद दिया। कार्यकर्ता कुलविंदर सिंह पन्नू, अंजलि सिंह, संजय ठाकुर आदि।
अन्य स्टेशनों पर भी अभियान
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान के साथ आदित्यपुर, गोविंदपुर, सलगाजुड़ी, कांड्रा, गम्हरिया पर भी होगा। 50 समूह बनेंगे। ट्रेनों के अंदर जाकर फीडबैक लेंगे। यह चरणबद्ध आंदोलन है।
ट्रेन लेटलतीफी के कारण और प्रभाव
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान के पीछे कारण:
| कारण | प्रभाव |
|---|---|
| मालगाड़ी प्राथमिकता | यात्री ट्रेनें 2-6 घंटे लेट |
| रखरखाव कार्य | रूट डायवर्जन |
| सिग्नल फेल | चेन पुलिंग बढ़ी |
| स्टाफ की कमी | संचालन प्रभावित |
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में समय कीमती। लेट ट्रेनें आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं।
यात्रियों के लिए तत्काल उपाय
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान तक:
- रेलवे ऐप चेक करें।
- वैकल्पिक ट्रेन देखें।
- हेल्पलाइन 139 डायल करें।
- स्टेशन मास्टर से बात करें।
- अभियान में हिस्सा लें।

अन्य शहरों से तुलना
| शहर | ट्रेन देरी समस्या | आंदोलन |
|---|
| शहर | ट्रेन देरी समस्या | आंदोलन |
|---|---|---|
| जमशेदपुर | गंभीर (3 वर्ष) | हस्ताक्षर अभियान |
| रांची | मध्यम | ज्ञापन |
| टATA | हल्की | चुप्पी |
| हटिया | गंभीर | रेल रोको |
जमशेदपुर का अभियान सबसे सक्रिय।
Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान रेलवे को झकझोर देगा। सरयू राय, शिवशंकर सिंह और समिति के प्रयास सफल होंगे। यात्रियों, 26 अप्रैल को स्टेशन पहुंचें! Tatanagar जंक्शन पर ट्रेन लेटलतीफी के खिलाफ 26 को हस्ताक्षर अभियान समयबद्ध ट्रेनों का नया अध्याय लिखेगा।















