ढाका । बांग्लादेश की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में 21 वर्ष की सख्त कारावास की सज़ा सुनाई गई। विशेष अदालत ने उन्हें सरकारी धन के दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और सरकारी परियोजनाओं में अनियमितताओं का दोषी पाया।
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शेख हसीना पर आरोप था कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अरबों टका की सरकारी राशि का गलत इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों ने उनकी और उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों की विस्तृत जांच की थी, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं।
अदालत का फैसला
विशेष भ्रष्टाचार निरोधक अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी करार देते हुए 21 साल की सज़ा सुनाई। साथ ही अदालत ने भारी जुर्माना भी लगाया है और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को ज़ब्त करने का आदेश दिया है।
राजनीतिक हलचल तेज
फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने इसे “न्याय की जीत” बताया, जबकि शेख हसीना की पार्टी ने फैसले को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” करार दिया है। कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कई देशों ने बांग्लादेश की न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने की बात कही है।













