
मुंबई: 4 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की और आखिर तक अपनी पकड़ बनाए रखी जिससे Sensex 355 अंकों की बढ़त के साथ 77,269 पर बंद हुआ और निफ्टी 121 अंक चढ़कर 24,119 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ निवेशकों की संपत्ति में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ, जो बाजार में लौटते भरोसे का साफ संकेत है.

बाजार में क्यों आई तेजी
शेयर बाजार की इस रफ्तार के पीछे सबसे बड़ा कारण सकारात्मक घरेलू और वैश्विक माहौल रहा। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी बढ़ गई थी, और दिनभर भले उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन अंत में खरीददारों ने बढ़त को कायम रखा.
रियल्टी और मेटल सेक्टर ने बाजार को सबसे ज्यादा सहारा दिया, जबकि आईटी और कुछ अन्य चुनिंदा सेक्टरों में भी मजबूती दिखी.
विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी संकेतों, मजबूत सेंटीमेंट और विदेशी-घरेलू निवेशकों की भागीदारी ने बाजार को ऊंचाई दी.
सेक्टरवार प्रदर्शन
आज का कारोबार सेक्टरों के लिहाज से काफी दिलचस्प रहा। रियल्टी शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दिखी.
आईटी सेक्टर ने भी बाजार को सहारा दिया, जबकि कुछ बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली नजर आई.
इस तरह बाजार में एकतरफा तेजी नहीं, बल्कि चुनिंदा सेक्टरों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली, जिसने इंडेक्स को सहारा दिया.
किन शेयरों ने बढ़ाया जोश
आज के सत्र में कई बड़े नामों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। Kotak Mahindra Bank में अच्छी खरीदारी देखी गई, Vodafone Idea में अप्रत्याशित तेजी रही, और Avenue Supermarts यानी DMart के शेयर भी मजबूत बने रहे.
Sun Pharmaceutical Industries लगभग 1.67% चढ़ा, जबकि Infosys में करीब 1.23% की बढ़त दर्ज हुई.
इन दिग्गज शेयरों की मजबूती ने पूरे बाजार की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई.
निवेशकों की संपत्ति में उछाल
आज की तेजी का सबसे बड़ा फायदा बाजार में पैसा लगाए निवेशकों को मिला। BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर 4,67,65,388.52 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिससे निवेशकों की दौलत में 4,64,141.295 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ.
यह उछाल सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह बताता है कि बाजार में भरोसा वापस लौट रहा है.
ऐसी तेजी अक्सर तब देखने को मिलती है जब निवेशक जोखिम लेने को तैयार होते हैं और बाजार में सकारात्मक खबरों का असर गहरा होता है.
आगे क्या देखना होगा
अब बाजार की नजरें आने वाले कॉरपोरेट नतीजों, खासकर Q4 रिपोर्टों पर रहेंगी। बैंकिंग, आईटी और चुनिंदा उपभोक्ता शेयरों के नतीजे आने वाले दिनों की दिशा तय कर सकते हैं.
इसके अलावा वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख भी बाजार की चाल को प्रभावित करते रहेंगे.
अगर ये संकेत सकारात्मक रहे, तो सेंसेक्स और निफ्टी में और मजबूती देखने को मिल सकती है
4 मई 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद सकारात्मक रहा। Sensex और निफ्टी की मजबूती, रियल्टी-मेटल की चमक और निवेशकों की दौलत में 4 लाख करोड़ से ज्यादा का इजाफा यह दिखाता है कि बाजार फिलहाल मजबूत मूड में है.
हालांकि, आगे की चाल कॉरपोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी, इसलिए निवेशकों के लिए सतर्कता और चयनात्मक रणनीति अभी भी जरूरी रहेगी.















