दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जमीन विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को जलाने का आरोप सामने आया है। यह घटना दरभंगा जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवराम गांव की बताई जा रही है, जहां चचेरे भाइयों पर ही अपने ही रिश्तेदार की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है।
मृतक की पहचान बबलू लालदेव के रूप में हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से अधजला शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
सुबह-सुबह मिली हत्या की सूचना, गांव में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी गुरुवार सुबह उस समय सामने आई, जब मृतक के बहनोई को मोबाइल फोन के जरिए हत्या की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद शव को गांव की गाछी (बगीचे) में ले जाकर जलाने की कोशिश की गई, ताकि साक्ष्य नष्ट किया जा सके।
ग्रामीणों के अनुसार, सुबह गांव में धुआं उठता देख लोगों को शक हुआ, जिसके बाद घटना की जानकारी फैली। कुछ ही देर में पूरे शिवराम गांव में सनसनी फैल गई।मृतक के बहनोई ने दर्ज कराई FIR
इस सनसनीखेज मामले में मृतक के बहनोई राजेश लालदेव ने बहेड़ी थाना में लिखित आवेदन देकर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह करीब आठ बजे उनके साढ़ू अनुज लालदेव ने फोन कर जानकारी दी कि उनके साले बबलू लालदेव की उसके ही चचेरे भाइयों ने हत्या कर दी है राजेश लालदेव के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गांव के एक सुनसान इलाके में ले जाकर जला दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह!
प्राथमिकी में हत्या के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले बबलू लालदेव के पिता घूरन लालदेव से कथित रूप से शराब पिलाकर 15 धुर जमीन मात्र 70 हजार रुपये में लिखवा ली गई थी इस जमीन सौदे का बबलू लालदेव लगातार विरोध कर रहा था। परिजनों का कहना है कि बबलू का विरोध ही उसकी मौत का कारण बन गया परिवार का आरोप है कि इसी रंजिश में योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या कर दी गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया गया।
तीन लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया है—
- अशोक लालदेव
- श्याम लालदेव
- सीताराम लालदेव
तीनों मृतक के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पुलिस ने अधजला शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही बहेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अधजले शव को अपने कब्जे में लिया। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि प्रथम दृष्टया पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या किस तरीके से की गई और मौत का सही कारण क्या है।
घर में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बबलू लालदेव की मौत से उनके घर में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप सदमे में हैं और परिवार के अन्य सदस्य बार-बार बेहोश हो रहे हैं ग्रामीणों के अनुसार, बबलू स्वभाव से शांत और मेहनती युवक था। उसकी किसी से खुली दुश्मनी नहीं थी। गांव वालों का कहना है कि अगर जमीन विवाद को समय रहते सुलझाया गया होता, तो शायद यह दर्दनाक घटना नहीं होती।
ग्रामीणों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन विवाद को लेकर अक्सर झगड़े होते रहते हैं, लेकिन इस तरह की क्रूर हत्या ने पूरे समाज को शर्मसार कर दिया है।
ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि—
- सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई हो
- दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले
जमीन विवाद और अपराध,बिहार की एक बड़ी सामाजिक समस्या
बिहार में जमीन विवाद को लेकर हत्या और हिंसा के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। छोटे-छोटे जमीन के टुकड़ों के लिए परिवार और रिश्ते तक टूट जाते हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि—
- जमीन के कागजातों की पारदर्शिता की कमी
- गरीबी और अशिक्षा
- शराब और आपराधिक प्रवृत्ति
जैसे कारण इस तरह की घटनाओं को जन्म देते हैं।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश, आरोप और भी गंभीर
इस मामले में हत्या के बाद शव जलाने का आरोप पुलिस के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है। अगर जांच में यह साबित होता है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाया, तो उनके खिलाफ धाराएं और भी सख्त हो सकती हैं कानून के अनुसार, हत्या के साथ साक्ष्य नष्ट करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच की दिशा
अब इस पूरे मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि—
- मौत पहले हुई या जलाने के दौरान
- शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान हैं या नहीं
- हत्या में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ
इन सभी सवालों के जवाब जांच को निर्णायक दिशा देंगे।
रिश्तों का खून और जमीन की आग
दरभंगा का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे जमीन का लालच रिश्तों को भी निगल जाता है। चचेरे भाई द्वारा भाई की हत्या और फिर शव जलाने का आरोप समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है अब देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है। पीड़ित परिवार को इंसाफ मिले, यही इस समय सबसे बड़ी मांग है













