जमशेदपुर: Kadma क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मानदेय संबंधी समस्या को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सफाई कर्मचारियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) के नगर आयुक्त से बातचीत की और कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय का पूरा भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को पूरा मानदेय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने राहत की सांस ली और समस्या के त्वरित समाधान के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।
सफाई कर्मचारियों ने विधायक सरयू राय से की मुलाकात
शुक्रवार को कदमा क्षेत्र के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर बिष्टुपुर स्थित विधायक सरयू राय के आवास पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि वे नियमित रूप से सफाई कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित मानदेय से कम राशि का भुगतान किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना था कि उनसे पूरा कार्य लिया जाता है, लेकिन भुगतान के समय संवेदक (ठेकेदार) तय मानदेय से कम राशि देता है। इससे उनके परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
ठेकेदार पर लगाया कम भुगतान करने का आरोप
सफाई कर्मचारियों ने विधायक को बताया कि संबंधित संवेदक द्वारा सरकार और अक्षेस के निर्धारित मानदेय का पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है।
उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने मांग की कि उन्हें नियमों के अनुसार पूरा वेतन मिले और भविष्य में किसी प्रकार की कटौती न की जाए।
सरयू राय ने तुरंत नगर आयुक्त से की बातचीत
सफाई कर्मचारियों की शिकायत सुनने के बाद विधायक सरयू राय ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना देरी किए जमशेदपुर अक्षेस के नगर आयुक्त से दूरभाष पर संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
उन्होंने नगर आयुक्त से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कर्मचारियों की शिकायत सही पाई जाती है, तो सभी सफाई कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
विधायक ने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके साथ किसी प्रकार का आर्थिक अन्याय नहीं होना चाहिए।
नगर आयुक्त ने दिया पूरा भुगतान कराने का आश्वासन
विधायक सरयू राय की पहल पर नगर आयुक्त ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कर्मचारियों की शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
नगर आयुक्त ने कहा कि यदि कोई संवेदक निर्धारित राशि से कम भुगतान कर रहा है, तो यह पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में जांच कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय का पूर्ण भुगतान कराया जाएगा।
नियमों के विरुद्ध है कम मानदेय देना
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी अनुबंध के तहत कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय से कम भुगतान करना स्वीकार्य नहीं है।
यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी संवेदक ने कर्मचारियों के भुगतान में अनियमितता की है, तो उसके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बयान के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी कि उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा।
कर्मचारियों ने जताई राहत
नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने राहत व्यक्त की। उनका कहना था कि लंबे समय से वे इस समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें उनका पूरा मानदेय मिलेगा।
कर्मचारियों ने विधायक सरयू राय का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित अधिकारियों से बात कर समाधान की दिशा में पहल की।
शहर की सफाई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियों की अहम भूमिका
सफाई कर्मचारी प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक शहर की स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सड़कें, नालियां, सार्वजनिक स्थल और बाजारों की नियमित सफाई इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे होती है।
इसके बावजूद यदि उन्हें समय पर और पूरा मानदेय नहीं मिलता, तो इससे उनके मनोबल के साथ-साथ कार्य व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए कर्मचारियों का उचित भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बैठक में ये लोग भी रहे मौजूद
सफाई कर्मचारियों और विधायक सरयू राय की मुलाकात के दौरान कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर
- असंगठित मजदूर प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि अमित शर्मा
- जदयू युवा मोर्चा के अध्यक्ष नीरज सिंह
- सफाई कर्मचारियों के अन्य प्रतिनिधि
- स्थानीय कार्यकर्ता
ने भी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की।
मानदेय विवाद के समाधान की बढ़ी उम्मीद
नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद अब सफाई कर्मचारियों को उम्मीद है कि जल्द ही जांच पूरी होगी और उन्हें उनके बकाया सहित निर्धारित मानदेय का पूरा भुगतान मिलेगा।
यदि जांच में संवेदक की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे भविष्य में अन्य कर्मचारियों के साथ इस तरह की समस्या दोबारा न होने की संभावना बढ़ेगी।
Kadma क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों के मानदेय विवाद में विधायक सरयू राय का हस्तक्षेप कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कर्मचारियों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्होंने नगर आयुक्त से बातचीत की, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरा मानदेय दिलाने और दोषी संवेदक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब सभी की नजर प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है। यदि वादा समय पर पूरा होता है, तो इससे न केवल सफाई कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि नगर निकाय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी।























