📍जमशेदपुर । कबीर मेमोरियल उर्दू हाईस्कूल में बज़मे जौहर ईकाई के तत्वावधान में एक भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के प्रसिद्ध शायर रिज़वान औरंगाबादी के शेरी मजमूआ “ज़ौके सोख़न” की रूनुमाई बड़े अदब और एहतराम के साथ की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डा. मोहम्मद रियाज़, प्रिंसिपल करीम सिटी कॉलेज, विशिष्ट अतिथि डा. हसन इमाम (स्पोर्ट्स मैनेजर, टाटा स्टील), प्रो. अहमद बद्र, प्रो. स. शमीम अहमद मदनी, और प्रसिद्ध कहानीकार तनवीर अख्तर रुमानी उपस्थित थे। सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र देकर सम्मानपूर्वक किया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
- रूनुमाई समारोह के दौरान शहर के नामचीन शायरों, अफसाना निगारों और शिक्षाविदों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
- डा. ज़करीया (सचिव, करीम सिटी कॉलेज), असलम बद्र, नेयाज अख्तर, अनवर इमाम, कबीर वेल्फेयर ट्रस्ट के सचिव श्री ज्याउल मुबीन अंसारी, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री अब्दुल अलीम, सचिव श्री मतीनुल हक अंसारी, अंजुमन तरक्की-ए-हिन्द सिंहभूम साखा के सचिव श्री समी अहमद खान, मुश्ताक राज़, नज़ीर अहमद नज़ीर, गौहर अज़ीज़, डा. अफसर काज़मी, ताबां वास्ती, डा. नुज़हत परवीन, सबीहा नाज़नीन, रज़ीया शाहीन, रज़ी नौशाद, सईद अहसन सहित
सौ से अधिक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शायरी पर विशेषज्ञों की राय
- तनवीर अख्तर रुमानी ने कहा — “रिज़वान औरंगाबादी एक अलग लहजे और तैवर के शायर हैं, जिनकी शायरी में समाज की सच्चाइयाँ और इंसानी जज़्बात दोनों झलकते हैं।”
- प्रो. अहमद बद्र ने रिज़वान को “हिम्मत और हौसले का शायर” बताया।
- डा. मोहम्मद रियाज़, डा. हसन इमाम, और प्रो. शमीम अहमद मदनी ने भी उनकी शायरी की गहराई और समाज से जुड़ाव की सराहना की।
संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन डा. यहीया इब्राहीम (विभागाध्यक्ष, अंग्रेज़ी विभाग, करीम सिटी कॉलेज) ने बेहद सलीके से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्री मतीनुल हक अंसारी ने किया।
“ज़ौके सोख़न” की रूनुमाई ने शहर के अदबी माहौल में नई रौनक भर दी। रिज़वान औरंगाबादी की शायरी इंसानियत, हौसले और सच्चे एहसास की आवाज़ है, जो आने वाले वक्त में उर्दू अदब के खज़ाने में एक अहम मुकाम हासिल करेगी।













